प्रकाश Light
Q1. प्रकाश के परावर्तन (Reflection of Light) के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- आपतित किरण (Incident Ray), परावर्तित किरण (Reflected Ray) और आपतन बिंदु पर अभिलंब (Normal) तीनों एक ही समतल (Plane) में होते हैं।
- आपतन कोण (Angle of Incidence, $\angle i$) हमेशा परावर्तन कोण (Angle of Reflection, $\angle r$) के बराबर होता है।
- परावर्तन का यह नियम केवल समतल दर्पणों पर लागू होता है, खुरदरी सतहों या वक्रीय दर्पणों (जैसे अवतल/उत्तल) पर नहीं।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: प्रकाश के परावर्तन के दोनों नियम सार्वभौमिक (Universal) हैं। ये समतल, वक्रीय (Spherical), और खुरदरी (Rough) सभी प्रकार की परावर्तक सतहों पर समान रूप से लागू होते हैं। खुरदरी सतह पर होने वाले विसरित परावर्तन (Diffuse Reflection) में भी प्रत्येक बिंदु पर ये नियम लागू होते हैं। इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: प्रकाश के परावर्तन के दोनों नियम सार्वभौमिक (Universal) हैं। ये समतल, वक्रीय (Spherical), और खुरदरी (Rough) सभी प्रकार की परावर्तक सतहों पर समान रूप से लागू होते हैं। खुरदरी सतह पर होने वाले विसरित परावर्तन (Diffuse Reflection) में भी प्रत्येक बिंदु पर ये नियम लागू होते हैं। इसलिए कथन 3 गलत है।
Q2. एक समतल दर्पण (Plain Mirror) द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब (Image) की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा आभासी (Virtual) और सीधा (Upright) होता है।
- प्रतिबिंब का आकार हमेशा वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है।
- इसमें प्रतिबिंब 'पार्श्व उत्क्रमित' (Laterally Inverted) होता है, अर्थात वस्तु का बायाँ भाग दाईं ओर और दायाँ भाग बाईं ओर दिखाई देता है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सत्य हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की ये तीनों मूल विशेषताएं हैं। दर्पण से वस्तु की दूरी और प्रतिबिंब की दूरी भी बिल्कुल समान होती है। पार्श्व उत्क्रमण के कारण ही एम्बुलेंस (AMBULANCE) गाड़ियों पर अक्षर उल्टे लिखे जाते हैं।
व्याख्या: समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब की ये तीनों मूल विशेषताएं हैं। दर्पण से वस्तु की दूरी और प्रतिबिंब की दूरी भी बिल्कुल समान होती है। पार्श्व उत्क्रमण के कारण ही एम्बुलेंस (AMBULANCE) गाड़ियों पर अक्षर उल्टे लिखे जाते हैं।
Q3. वाहनों में पीछे का यातायात देखने के लिए 'रियर-व्यू मिरर' (Rear-View Mirror) के रूप में मुख्य रूप से किस दर्पण का उपयोग किया जाता है और क्यों?
(a) अवतल दर्पण; क्योंकि यह बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।
(b) उत्तल दर्पण (Convex Mirror); क्योंकि यह हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है जिससे इसका दृष्टि-क्षेत्र (Field of View) बहुत बड़ा हो जाता है।
(c) समतल दर्पण; क्योंकि यह वास्तविक दूरी दिखाता है।
(d) परवलयाकार दर्पण।
(b) उत्तल दर्पण (Convex Mirror); क्योंकि यह हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है जिससे इसका दृष्टि-क्षेत्र (Field of View) बहुत बड़ा हो जाता है।
(c) समतल दर्पण; क्योंकि यह वास्तविक दूरी दिखाता है।
(d) परवलयाकार दर्पण।
उत्तर: (b)
व्याख्या: उत्तल दर्पण बाहर की ओर वक्रीय होते हैं। इसलिए ये बहुत बड़े क्षेत्र का सीधा और छोटा प्रतिबिंब एक छोटे से दर्पण में दिखा सकते हैं। यही कारण है कि ड्राइवर के बगल में इसी दर्पण का उपयोग किया जाता है।
व्याख्या: उत्तल दर्पण बाहर की ओर वक्रीय होते हैं। इसलिए ये बहुत बड़े क्षेत्र का सीधा और छोटा प्रतिबिंब एक छोटे से दर्पण में दिखा सकते हैं। यही कारण है कि ड्राइवर के बगल में इसी दर्पण का उपयोग किया जाता है।
Q4. डॉक्टरों द्वारा आंख, कान, नाक और गले की जांच करने के लिए तथा सौर भट्टियों (Solar Furnaces) में सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(a) समतल दर्पण
(b) उत्तल दर्पण
(c) अवतल दर्पण (Concave Mirror)
(d) बेलनाकार दर्पण
(b) उत्तल दर्पण
(c) अवतल दर्पण (Concave Mirror)
(d) बेलनाकार दर्पण
उत्तर: (c) अवतल दर्पण
व्याख्या: अवतल दर्पण एक 'अभिसारी दर्पण' (Converging Mirror) है जो अनंत से आने वाली प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित (Focus) कर सकता है। साथ ही, जब वस्तु को इसके बहुत पास (ध्रुव और फोकस के बीच) रखा जाता है, तो यह सीधा और आवर्धित (Magnified/बड़ा) प्रतिबिंब बनाता है, जिससे डॉक्टरों को जांच में आसानी होती है।
व्याख्या: अवतल दर्पण एक 'अभिसारी दर्पण' (Converging Mirror) है जो अनंत से आने वाली प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित (Focus) कर सकता है। साथ ही, जब वस्तु को इसके बहुत पास (ध्रुव और फोकस के बीच) रखा जाता है, तो यह सीधा और आवर्धित (Magnified/बड़ा) प्रतिबिंब बनाता है, जिससे डॉक्टरों को जांच में आसानी होती है।
Q5. 'प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन' (Total Internal Reflection - TIR) की घटना होने के लिए कौन सी दो अनिवार्य शर्तें पूरी होनी चाहिए?
- प्रकाश की किरण को सघन माध्यम (Dense Medium) से विरल माध्यम (Rarer Medium) में जाना चाहिए।
- आपतन कोण का मान दोनों माध्यमों के 'क्रांतिक कोण' (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए।
- प्रकाश की किरण को केवल निर्वात में गति करनी चाहिए।
सही कूट चुनिए:
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) केवल 1 और 2
व्याख्या: पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए ये दोनों शर्तें अनिवार्य हैं। जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाते समय क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर आपतित होता है, तो वह दूसरे माध्यम में अपवर्तित होने के बजाय उसी सघन माध्यम में वापस लौट आता है। यह घटना ऑप्टिकल फाइबर और मरुस्थल में मरीचिका (Mirage) बनने का आधार है।
व्याख्या: पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए ये दोनों शर्तें अनिवार्य हैं। जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाते समय क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर आपतित होता है, तो वह दूसरे माध्यम में अपवर्तित होने के बजाय उसी सघन माध्यम में वापस लौट आता है। यह घटना ऑप्टिकल फाइबर और मरुस्थल में मरीचिका (Mirage) बनने का आधार है।
Q6 से Q15 तक (त्वरित वैचारिक प्रश्न - परावर्तन एवं दर्पण)
Q6. यदि दो समतल दर्पण एक-दूसरे से $60^{\circ}$ के कोण पर रखे हों, तो उनके बीच रखी किसी वस्तु के कुल कितने प्रतिबिंब (Images) बनेंगे?
(a) 5
(b) 6
(c) 7
(d) अनंत
उत्तर: (a) व्याख्या: प्रतिबिंबों की संख्या का सूत्र $N = (360/\theta) - 1$ होता है। यहाँ $360/60 = 6$ (जो कि एक सम संख्या है), इसलिए $6 - 1 = 5$ प्रतिबिंब बनेंगे।
(a) 5
(b) 6
(c) 7
(d) अनंत
उत्तर: (a) व्याख्या: प्रतिबिंबों की संख्या का सूत्र $N = (360/\theta) - 1$ होता है। यहाँ $360/60 = 6$ (जो कि एक सम संख्या है), इसलिए $6 - 1 = 5$ प्रतिबिंब बनेंगे।
Q7. दाढ़ी बनाने वाले दर्पण (Shaving Mirror) और वाहनों की हेडलाइट (Headlights) में क्रमशः किन दर्पणों का उपयोग होता है?
(a) दोनों में उत्तल दर्पण
(b) अवतल दर्पण और परवलयाकार अवतल दर्पण (Concave & Parabolic Mirrors)
(c) समतल दर्पण और उत्तल दर्पण
(d) उत्तल दर्पण और समतल दर्पण
उत्तर: (b) व्याख्या: शेविंग के लिए बड़ा प्रतिबिंब देखने हेतु अवतल दर्पण और हेडलाइट में प्रकाश की शक्तिशाली समानांतर किरणपुंज (Parallel Beam) प्राप्त करने के लिए परवलयाकार अवतल दर्पण का उपयोग होता है।
(a) दोनों में उत्तल दर्पण
(b) अवतल दर्पण और परवलयाकार अवतल दर्पण (Concave & Parabolic Mirrors)
(c) समतल दर्पण और उत्तल दर्पण
(d) उत्तल दर्पण और समतल दर्पण
उत्तर: (b) व्याख्या: शेविंग के लिए बड़ा प्रतिबिंब देखने हेतु अवतल दर्पण और हेडलाइट में प्रकाश की शक्तिशाली समानांतर किरणपुंज (Parallel Beam) प्राप्त करने के लिए परवलयाकार अवतल दर्पण का उपयोग होता है।
Q8. पेरिस्कोप (Periscope / परिदर्शी) जो पनडुब्बियों में समुद्र की सतह देखने के लिए प्रयुक्त होता है, उसमें समतल दर्पणों को किस कोण पर व्यवस्थित किया जाता है?
(a) $90^{\circ}$ पर
(b) $45^{\circ}$ पर
(c) $60^{\circ}$ पर
(d) $30^{\circ}$ पर
उत्तर: (b) व्याख्या: पेरिस्कोप में दो समतल दर्पण एक-दूसरे के समानांतर लेकिन प्रकाश की दिशा से $45^{\circ}$ के कोण पर लगे होते हैं, जिससे प्रकाश का दो बार परावर्तन होता है।
(a) $90^{\circ}$ पर
(b) $45^{\circ}$ पर
(c) $60^{\circ}$ पर
(d) $30^{\circ}$ पर
उत्तर: (b) व्याख्या: पेरिस्कोप में दो समतल दर्पण एक-दूसरे के समानांतर लेकिन प्रकाश की दिशा से $45^{\circ}$ के कोण पर लगे होते हैं, जिससे प्रकाश का दो बार परावर्तन होता है।
Q9. सिनेमा हॉल के पर्दों पर बनने वाला प्रतिबिंब किस प्रकृति का होता है?
(a) आभासी और सीधा
(b) वास्तविक और उल्टा (Real and Inverted)
(c) आभासी और उल्टा
(d) वास्तविक और सीधा
उत्तर: (b) व्याख्या: जिन प्रतिबिंबों को पर्दे (Screen) पर प्राप्त किया जा सकता है, वे हमेशा वास्तविक (Real) होते हैं और वास्तविक प्रतिबिंब सदैव उल्टे बनते हैं (जिन्हें लेंस प्रणाली द्वारा सीधा करके दिखाया जाता है)।
(a) आभासी और सीधा
(b) वास्तविक और उल्टा (Real and Inverted)
(c) आभासी और उल्टा
(d) वास्तविक और सीधा
उत्तर: (b) व्याख्या: जिन प्रतिबिंबों को पर्दे (Screen) पर प्राप्त किया जा सकता है, वे हमेशा वास्तविक (Real) होते हैं और वास्तविक प्रतिबिंब सदैव उल्टे बनते हैं (जिन्हें लेंस प्रणाली द्वारा सीधा करके दिखाया जाता है)।
Q10. किसी उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच क्या संबंध होता है?
(a) $f = R$
(b) $f = R/2$
(c) $f = 2R$
(d) $f = R^2$
उत्तर: (b) व्याख्या: गोलीय दर्पणों की फोकस दूरी उनकी वक्रता त्रिज्या की हमेशा आधी होती है ($f = R/2$ या $R = 2f$)।
(a) $f = R$
(b) $f = R/2$
(c) $f = 2R$
(d) $f = R^2$
उत्तर: (b) व्याख्या: गोलीय दर्पणों की फोकस दूरी उनकी वक्रता त्रिज्या की हमेशा आधी होती है ($f = R/2$ या $R = 2f$)।
Q11. 'कैलीडोस्कोप' (Kaleidoscope / बहुरूपदर्शी) में सुंदर पैटर्न बनाने के लिए कितने समतल दर्पणों का उपयोग किस कोण पर किया जाता है?
(a) दो दर्पण, $90^{\circ}$ पर
(b) तीन दर्पण, $60^{\circ}$ पर
(c) चार दर्पण, $45^{\circ}$ पर
(d) पांच दर्पण, $30^{\circ}$ पर
उत्तर: (b) व्याख्या: तीन समतल दर्पणों को $60^{\circ}$ पर जोड़कर एक त्रिकोणीय ट्यूब बनाई जाती है, जिससे रंग-बिरंगे कांच के टुकड़ों के अनगिनत खूबसूरत परावर्तित पैटर्न बनते हैं।
(a) दो दर्पण, $90^{\circ}$ पर
(b) तीन दर्पण, $60^{\circ}$ पर
(c) चार दर्पण, $45^{\circ}$ पर
(d) पांच दर्पण, $30^{\circ}$ पर
उत्तर: (b) व्याख्या: तीन समतल दर्पणों को $60^{\circ}$ पर जोड़कर एक त्रिकोणीय ट्यूब बनाई जाती है, जिससे रंग-बिरंगे कांच के टुकड़ों के अनगिनत खूबसूरत परावर्तित पैटर्न बनते हैं।
Q12. यदि आप एक समतल दर्पण की ओर $v$ वेग से दौड़ रहे हैं, तो दर्पण में आपका प्रतिबिंब आपकी ओर किस वेग से आता हुआ प्रतीत होगा?
(a) $v$ वेग से
(b) $2v$ वेग से
(c) $v/2$ वेग से
(d) शून्य वेग से
उत्तर: (b) व्याख्या: सापेक्ष गति (Relative Velocity) के नियमानुसार, दर्पण की ओर $v$ से बढ़ने पर प्रतिबिंब भी विपरीत दिशा से $v$ से आता है, जिससे आपके सापेक्ष उसकी गति $v - (-v) = 2v$ महसूस होती है।
(a) $v$ वेग से
(b) $2v$ वेग से
(c) $v/2$ वेग से
(d) शून्य वेग से
उत्तर: (b) व्याख्या: सापेक्ष गति (Relative Velocity) के नियमानुसार, दर्पण की ओर $v$ से बढ़ने पर प्रतिबिंब भी विपरीत दिशा से $v$ से आता है, जिससे आपके सापेक्ष उसकी गति $v - (-v) = 2v$ महसूस होती है।
Q13. किसी गोलीय दर्पण का रैखिक आवर्धन (Linear Magnification, $m$) यदि ऋणात्मक (Negative) है, तो इसका क्या अर्थ है?
(a) प्रतिबिंब आभासी और सीधा है।
(b) प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा है।
(c) प्रतिबिंब वस्तु से छोटा है।
(d) दर्पण उत्तल है।
उत्तर: (b) व्याख्या: यदि आवर्धन ($m = h_i / h_o$) का मान ऋणात्मक है, तो प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा होता है। यदि $m$ धनात्मक है, तो प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।
(a) प्रतिबिंब आभासी और सीधा है।
(b) प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा है।
(c) प्रतिबिंब वस्तु से छोटा है।
(d) दर्पण उत्तल है।
उत्तर: (b) व्याख्या: यदि आवर्धन ($m = h_i / h_o$) का मान ऋणात्मक है, तो प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा होता है। यदि $m$ धनात्मक है, तो प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है।
Q14. हीरा (Diamond) अत्यधिक क्यों चमकता है? इसका भौतिक कारण क्या है?
(a) हीरे का स्वतः प्रकाश उत्सर्जन।
(b) हीरे का उच्च अपवर्तनांक (2.42) जिसके कारण उसका क्रांतिक कोण बहुत कम ($24.4^{\circ}$) होता है और भीतर प्रकाश का 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन' होता है।
(c) रासायनिक लेप।
(d) दर्पण की कोटिंग।
उत्तर: (b) व्याख्या: विशेष कटाई के कारण जब प्रकाश हीरे में प्रवेश करता है, तो वह उसके भीतर की सतहों से बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित होकर बाहर आता है, जिससे वह जगमगाता है।
(a) हीरे का स्वतः प्रकाश उत्सर्जन।
(b) हीरे का उच्च अपवर्तनांक (2.42) जिसके कारण उसका क्रांतिक कोण बहुत कम ($24.4^{\circ}$) होता है और भीतर प्रकाश का 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन' होता है।
(c) रासायनिक लेप।
(d) दर्पण की कोटिंग।
उत्तर: (b) व्याख्या: विशेष कटाई के कारण जब प्रकाश हीरे में प्रवेश करता है, तो वह उसके भीतर की सतहों से बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित होकर बाहर आता है, जिससे वह जगमगाता है।
Q15. सड़कों पर लगे लैंपों (Street Lights) में प्रकाश को बड़े क्षेत्र में फैलाने (Diverge) के लिए किस दर्पण का उपयोग परावर्तक के रूप में किया जाता है?
(a) अवतल दर्पण
(b) उत्तल दर्पण
(c) समतल दर्पण
(d) बेलनाकार दर्पण
उत्तर: (b) व्याख्या: उत्तल दर्पण एक अपसारी दर्पण (Diverging Mirror) है जो प्रकाश किरणों को फैला देता है, इसलिए इसे स्ट्रीट लाइट रिफ्लेक्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
(a) अवतल दर्पण
(b) उत्तल दर्पण
(c) समतल दर्पण
(d) बेलनाकार दर्पण
उत्तर: (b) व्याख्या: उत्तल दर्पण एक अपसारी दर्पण (Diverging Mirror) है जो प्रकाश किरणों को फैला देता है, इसलिए इसे स्ट्रीट लाइट रिफ्लेक्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
भाग 2: प्रकाश का वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light)
Q16. जब श्वेत प्रकाश (White Light) की एक किरण कांच के प्रिज्म (Glass Prism) से होकर गुजरती है, तो वह सात रंगों की पट्टी में विभाजित हो जाती है। इस घटना 'वर्ण विक्षेपण' (Dispersion) का मुख्य कारण क्या है?
(a) प्रिज्म के कांच द्वारा प्रकाश का अवशोषण किया जाना।
(b) कांच के माध्यम में अलग-अलग रंगों (तरंगदैर्घ्य) के प्रकाश की गति (Velocity) अलग-अलग होना, जिससे उनका झुकाव या विचलन कोण भिन्न होता है।
(c) प्रिज्म की सतह से केवल परावर्तन होना।
(d) प्रकाश का प्रकीर्णन होना।
(b) कांच के माध्यम में अलग-अलग रंगों (तरंगदैर्घ्य) के प्रकाश की गति (Velocity) अलग-अलग होना, जिससे उनका झुकाव या विचलन कोण भिन्न होता है।
(c) प्रिज्म की सतह से केवल परावर्तन होना।
(d) प्रकाश का प्रकीर्णन होना।
उत्तर: (b)
व्याख्या: निर्वात में सभी रंगों के प्रकाश की गति समान होती है। लेकिन कांच जैसे माध्यम में प्रवेश करते ही लाल रंग की गति सबसे अधिक (न्यूनतम विचलन) और बैंगनी रंग की गति सबसे कम (अधिकतम विचलन) होती है। इसी गति के अंतर के कारण श्वेत प्रकाश अपने अवयवी रंगों में टूट जाता है।
व्याख्या: निर्वात में सभी रंगों के प्रकाश की गति समान होती है। लेकिन कांच जैसे माध्यम में प्रवेश करते ही लाल रंग की गति सबसे अधिक (न्यूनतम विचलन) और बैंगनी रंग की गति सबसे कम (अधिकतम विचलन) होती है। इसी गति के अंतर के कारण श्वेत प्रकाश अपने अवयवी रंगों में टूट जाता है।
Q17. प्रिज्म से प्राप्त स्पेक्ट्रम (VIBGYOR) में किस रंग के प्रकाश का विचलन (Deviation) सबसे अधिक और किस रंग का सबसे कम होता है?
(a) लाल रंग का सबसे अधिक, बैंगनी का सबसे कम।
(b) बैंगनी रंग का सबसे अधिक, लाल रंग का सबसे कम।
(c) हरे रंग का सबसे अधिक, पीले का सबसे कम।
(d) सभी रंगों का विचलन समान होता है।
(b) बैंगनी रंग का सबसे अधिक, लाल रंग का सबसे कम।
(c) हरे रंग का सबसे अधिक, पीले का सबसे कम।
(d) सभी रंगों का विचलन समान होता है।
उत्तर: (b)
व्याख्या: बैंगनी (Violet) रंग की तरंगदैर्घ्य (Wavelength) सबसे छोटी होती है, इसलिए माध्यम में इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है और यह सबसे अधिक झुकती है। लाल (Red) रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे लंबी होती है, जिससे इसका विचलन सबसे कम होता है।
व्याख्या: बैंगनी (Violet) रंग की तरंगदैर्घ्य (Wavelength) सबसे छोटी होती है, इसलिए माध्यम में इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है और यह सबसे अधिक झुकती है। लाल (Red) रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे लंबी होती है, जिससे इसका विचलन सबसे कम होता है।
Q18. आकाश में 'इंद्रधनुष' (Rainbow) का बनना प्रकाश की किन भौतिक घटनाओं का एक संयुक्त परिणाम है?
- अपवर्तन (Refraction)
- वर्ण विक्षेपण (Dispersion)
- पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)
सही विकल्प चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: वर्षा के बाद हवा में तैरती पानी की बूंदें छोटे प्रिज्म की तरह काम करती हैं। जब सूर्य का प्रकाश इन बूंदों में प्रवेश करता है, तो पहले अपवर्तन और विक्षेपण होता है, फिर बूंद की आंतरिक सतह से पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और बाहर निकलते समय पुनः अपवर्तन होता है। इन तीनों के मेल से इंद्रधनुष बनता है।
व्याख्या: वर्षा के बाद हवा में तैरती पानी की बूंदें छोटे प्रिज्म की तरह काम करती हैं। जब सूर्य का प्रकाश इन बूंदों में प्रवेश करता है, तो पहले अपवर्तन और विक्षेपण होता है, फिर बूंद की आंतरिक सतह से पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और बाहर निकलते समय पुनः अपवर्तन होता है। इन तीनों के मेल से इंद्रधनुष बनता है।
Q19 से Q25 तक (त्वरित वैचारिक प्रश्न - वर्ण विक्षेपण एवं रंग)
Q19. प्राथमिक इंद्रधनुष (Primary Rainbow) और द्वितीयक इंद्रधनुष (Secondary Rainbow) में मुख्य अंतर क्या है?
(a) प्राथमिक में दो बार परावर्तन होता है।
(b) प्राथमिक इंद्रधनुष में पानी की बूंद के भीतर प्रकाश का एक बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है (लाल रंग बाहर, बैंगनी अंदर), जबकि द्वितीयक में दो बार परावर्तन होता है (रंगों का क्रम उल्टा हो जाता है)।
(c) द्वितीयक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है।
(d) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
उत्तर: (b) व्याख्या: दो बार आंतरिक परावर्तन के कारण द्वितीयक इंद्रधनुष का रंग थोड़ा धुंधला हो जाता है और इसमें बैंगनी रंग पट्टी के सबसे ऊपरी सिरे पर होता है।
(a) प्राथमिक में दो बार परावर्तन होता है।
(b) प्राथमिक इंद्रधनुष में पानी की बूंद के भीतर प्रकाश का एक बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है (लाल रंग बाहर, बैंगनी अंदर), जबकि द्वितीयक में दो बार परावर्तन होता है (रंगों का क्रम उल्टा हो जाता है)।
(c) द्वितीयक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है।
(d) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
उत्तर: (b) व्याख्या: दो बार आंतरिक परावर्तन के कारण द्वितीयक इंद्रधनुष का रंग थोड़ा धुंधला हो जाता है और इसमें बैंगनी रंग पट्टी के सबसे ऊपरी सिरे पर होता है।
Q20. प्रकाश के तीन 'प्राथमिक रंग' (Primary Colors) कौन से हैं जिन्हें मिलाकर अन्य सभी रंग बनाए जा सकते हैं?
(a) लाल, पीला, नीला
(b) लाल, हरा, नीला (RGB - Red, Green, Blue)
(c) बैंगनी, हरा, पीला
(d) सफेद, काला, लाल
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल, हरा और नीला प्रकाश के प्राथमिक रंग हैं। रंगीन टेलीविजन के पिक्सल में भी इन्हीं तीन रंगों का उपयोग किया जाता है।
(a) लाल, पीला, नीला
(b) लाल, हरा, नीला (RGB - Red, Green, Blue)
(c) बैंगनी, हरा, पीला
(d) सफेद, काला, लाल
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल, हरा और नीला प्रकाश के प्राथमिक रंग हैं। रंगीन टेलीविजन के पिक्सल में भी इन्हीं तीन रंगों का उपयोग किया जाता है।
Q21. जब प्राथमिक रंगों लाल और हरे प्रकाश को आपस में मिलाया जाता है, तो कौन सा द्वितीयक रंग (Secondary Color) प्राप्त होता है?
(a) मैजेंटा (Magenta)
(b) पीला (Yellow)
(c) स्यान (Cyan)
(d) सफेद
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल + हरा = पीला; हरा + नीला = स्यान (मयूर पंखी नीला); लाल + नीला = मैजेंटा। जब तीनों प्राथमिक रंगों को बराबर मिलाया जाए तो सफेद प्रकाश बनता है।
(a) मैजेंटा (Magenta)
(b) पीला (Yellow)
(c) स्यान (Cyan)
(d) सफेद
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल + हरा = पीला; हरा + नीला = स्यान (मयूर पंखी नीला); लाल + नीला = मैजेंटा। जब तीनों प्राथमिक रंगों को बराबर मिलाया जाए तो सफेद प्रकाश बनता है।
Q22. कोई वस्तु हमें 'लाल' रंग की क्यों दिखाई देती है जब उस पर श्वेत प्रकाश पड़ता है?
(a) क्योंकि वह लाल रंग को अवशोषित कर लेती है।
(b) क्योंकि वह बाकी सभी रंगों को अवशोषित कर केवल लाल रंग के प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित (Reflect) करती है।
(c) क्योंकि वह स्वतः लाल प्रकाश उत्पन्न करती है।
(d) यह केवल एक भ्रम है।
उत्तर: (b) व्याख्या: किसी भी अपारदर्शी वस्तु का रंग इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस रंग को परावर्तित करती है। जो वस्तु सभी रंगों को सोख लेती है, वह काली दिखती है और जो सभी को परावर्तित करती है, वह सफेद दिखती है।
(a) क्योंकि वह लाल रंग को अवशोषित कर लेती है।
(b) क्योंकि वह बाकी सभी रंगों को अवशोषित कर केवल लाल रंग के प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित (Reflect) करती है।
(c) क्योंकि वह स्वतः लाल प्रकाश उत्पन्न करती है।
(d) यह केवल एक भ्रम है।
उत्तर: (b) व्याख्या: किसी भी अपारदर्शी वस्तु का रंग इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस रंग को परावर्तित करती है। जो वस्तु सभी रंगों को सोख लेती है, वह काली दिखती है और जो सभी को परावर्तित करती है, वह सफेद दिखती है।
Q23. प्रकाश के 'प्रकीर्णन' (Scattering) के संदर्भ में 'रैले के नियम' (Rayleigh's Law) के अनुसार, किस रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन हवा के कणों द्वारा सबसे अधिक होता है?
(a) लाल रंग का
(b) नीले/बैंगनी रंग का
(c) पीले रंग का
(d) सफेद रंग का
उत्तर: (b) व्याख्या: प्रकीर्णन की मात्रा तरंगदैर्घ्य के चतुर्थ घात के व्युत्क्रमानुपाती होती है ($I \propto 1/\lambda^4$). छोटी तरंगदैर्घ्य होने के कारण नीले और बैंगनी रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है, यही कारण है कि साफ आकाश का रंग नीला दिखाई देता है।
(a) लाल रंग का
(b) नीले/बैंगनी रंग का
(c) पीले रंग का
(d) सफेद रंग का
उत्तर: (b) व्याख्या: प्रकीर्णन की मात्रा तरंगदैर्घ्य के चतुर्थ घात के व्युत्क्रमानुपाती होती है ($I \propto 1/\lambda^4$). छोटी तरंगदैर्घ्य होने के कारण नीले और बैंगनी रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है, यही कारण है कि साफ आकाश का रंग नीला दिखाई देता है।
Q24. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का रंग 'लाल' (Reddish) क्यों दिखाई देता है?
(a) क्योंकि उस समय सूर्य केवल लाल किरणें उत्सर्जित करता है।
(b) क्षितिज (Horizon) के पास प्रकाश को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे नीले और कम तरंगदैर्घ्य वाले रंगों का प्रकीर्णन रास्ते में ही हो जाता है और केवल लंबी तरंगदैर्घ्य वाला लाल प्रकाश ही हमारी आँखों तक पहुँच पाता है।
(c) पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर जाने के कारण।
(d) वर्ण विक्षेपण के कारण।
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह बिना बिखरे बहुत लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी कारण से 'खतरे के सिग्नल' (Danger Signals) भी लाल रंग के बनाए जाते हैं।
(a) क्योंकि उस समय सूर्य केवल लाल किरणें उत्सर्जित करता है।
(b) क्षितिज (Horizon) के पास प्रकाश को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे नीले और कम तरंगदैर्घ्य वाले रंगों का प्रकीर्णन रास्ते में ही हो जाता है और केवल लंबी तरंगदैर्घ्य वाला लाल प्रकाश ही हमारी आँखों तक पहुँच पाता है।
(c) पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर जाने के कारण।
(d) वर्ण विक्षेपण के कारण।
उत्तर: (b) व्याख्या: लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह बिना बिखरे बहुत लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी कारण से 'खतरे के सिग्नल' (Danger Signals) भी लाल रंग के बनाए जाते हैं।
Q25. यदि कोई अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह से आकाश को देखता है, तो उसे आकाश का रंग कैसा दिखाई देगा और क्यों?
(a) नीला; क्योंकि पृथ्वी पास है।
(b) काला (Black); क्योंकि चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है, जिससे प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) नहीं हो पाता।
(c) चमकीला सफेद।
(d) गहरा लाल।
उत्तर: (b) व्याख्या: वायुमंडल के अभाव में प्रकाश की किरणें बिखरती नहीं हैं, इसलिए आकाश पूरी तरह काला और तारे बिना टिमटिमाए स्पष्ट दिखाई देते हैं।
(a) नीला; क्योंकि पृथ्वी पास है।
(b) काला (Black); क्योंकि चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है, जिससे प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) नहीं हो पाता।
(c) चमकीला सफेद।
(d) गहरा लाल।
उत्तर: (b) व्याख्या: वायुमंडल के अभाव में प्रकाश की किरणें बिखरती नहीं हैं, इसलिए आकाश पूरी तरह काला और तारे बिना टिमटिमाए स्पष्ट दिखाई देते हैं।
भाग 3: लेंस के प्रकार और उनकी विशेषताएं (Types & Characteristics of Lenses)
Q26. लेंसों की प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- उत्तल लेंस ( Convex Lens): यह बीच में से मोटा और किनारों से पतला होता है। इसे 'अभिसारी लेंस' (Converging Lens) भी कहते हैं।
- अवतल लेंस ( Concave Lens): यह बीच में से पतला और किनारों से मोटा होता है। इसे 'अपसारी लेंस' (Diverging Lens) भी कहते हैं।
- उत्तल लेंस हमेशा केवल वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब ही बना सकता है, आभासी नहीं।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: उत्तल लेंस अधिकांश स्थितियों में वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है, लेकिन जब किसी वस्तु को लेंस के बहुत करीब (फोकस और ऑप्टिकल सेंटर के बीच) रखा जाता है, तो यह वस्तु का सीधा, बड़ा और आभासी (Virtual) प्रतिबिंब भी बना सकता है (जैसे आवर्धक कांच/Magnifying Glass में)। इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: उत्तल लेंस अधिकांश स्थितियों में वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है, लेकिन जब किसी वस्तु को लेंस के बहुत करीब (फोकस और ऑप्टिकल सेंटर के बीच) रखा जाता है, तो यह वस्तु का सीधा, बड़ा और आभासी (Virtual) प्रतिबिंब भी बना सकता है (जैसे आवर्धक कांच/Magnifying Glass में)। इसलिए कथन 3 गलत है।
Q27. 'लेंस की क्षमता' (Power of a Lens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- लेंस की क्षमता उसकी फोकस दूरी ($f$) का व्युत्क्रम होती है ($P = 1/f$ मीटर में)।
- लेंस की क्षमता का अंतर्राष्ट्रीय मात्रक (SI Unit) 'डायोप्टर' (Diopter, D) है।
- एक उत्तल लेंस की क्षमता हमेशा ऋणात्मक (-) और अवतल लेंस की क्षमता हमेशा धनात्मक (+) होती है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 tobacco 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 tobacco 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: चिन्ह परिपाटी (Sign Convention) के अनुसार, उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक होती है, इसलिए उसकी क्षमता भी धनात्मक ($+$) होती है। अवतल लेंस की फोकस दूरी और क्षमता ऋणात्मक ($-$) होती है। इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: चिन्ह परिपाटी (Sign Convention) के अनुसार, उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक होती है, इसलिए उसकी क्षमता भी धनात्मक ($+$) होती है। अवतल लेंस की फोकस दूरी और क्षमता ऋणात्मक ($-$) होती है। इसलिए कथन 3 गलत है।
Q28 से Q35 तक (त्वरित वैचारिक प्रश्न - लेंस)
Q28. पानी के भीतर हवा का एक बुलबुला (Air Bubble in Water) आनुवंशिक रूप से किस लेंस की भाँति व्यवहार करता है?
(a) उत्तल लेंस की तरह
(b) अवतल लेंस (Diverging Lens) की तरह
(c) समतल कांच की प्लेट की तरह
(d) परवलयाकार लेंस की तरह
उत्तर: (b) व्याख्या: यद्यपि हवा का बुलबुला आकार में उत्तल (Convex) दिखाई देता है, लेकिन पानी का अपवर्तनांक हवा से अधिक होने के कारण इसकी प्रकृति बदल जाती है और यह प्रकाश किरणों को फैला देता है (अपसारी/अवतल लेंस की तरह काम करता है)।
(a) उत्तल लेंस की तरह
(b) अवतल लेंस (Diverging Lens) की तरह
(c) समतल कांच की प्लेट की तरह
(d) परवलयाकार लेंस की तरह
उत्तर: (b) व्याख्या: यद्यपि हवा का बुलबुला आकार में उत्तल (Convex) दिखाई देता है, लेकिन पानी का अपवर्तनांक हवा से अधिक होने के कारण इसकी प्रकृति बदल जाती है और यह प्रकाश किरणों को फैला देता है (अपसारी/अवतल लेंस की तरह काम करता है)।
Q29. धूप के चश्मों (Sunglasses) की शक्ति या लेंस की क्षमता कितनी होती है?
(a) 0 डायोप्टर
(b) 1 डायोप्टर
(c) 2 डायोप्टर
(d) -1 डायोप्टर
उत्तर: (a) व्याख्या: धूप के चश्मों के लेंसों की दोनों सतहों की वक्रता त्रिज्या इस प्रकार होती है कि उनकी नेट फोकस दूरी अनंत हो जाती है, जिससे उनकी क्षमता शून्य (0 D) होती है।
(a) 0 डायोप्टर
(b) 1 डायोप्टर
(c) 2 डायोप्टर
(d) -1 डायोप्टर
उत्तर: (a) व्याख्या: धूप के चश्मों के लेंसों की दोनों सतहों की वक्रता त्रिज्या इस प्रकार होती है कि उनकी नेट फोकस दूरी अनंत हो जाती है, जिससे उनकी क्षमता शून्य (0 D) होती है।
Q30. किसी लेंस को जब उसके कांच के अपवर्तनांक के बिल्कुल बराबर वाले पारदर्शी तरल पदार्थ में डुबोया जाता है, तो लेंस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(a) वह अधिक शक्तिशाली हो जाएगा।
(b) वह पूरी तरह अदृश्य (Disappear) हो जाएगा और उसकी क्षमता शून्य (फोकस दूरी अनंत) हो जाएगी।
(c) वह अवतल से उत्तल बन जाएगा।
(d) वह पिघल जाएगा।
उत्तर: (b) व्याख्या: माध्यम और लेंस का अपवर्तनांक समान होने पर प्रकाश की किरणें बिना मुड़े सीधे गुजर जाती हैं, जिससे लेंस एक साधारण कांच की प्लेट की तरह व्यवहार करने लगता है।
(a) वह अधिक शक्तिशाली हो जाएगा।
(b) वह पूरी तरह अदृश्य (Disappear) हो जाएगा और उसकी क्षमता शून्य (फोकस दूरी अनंत) हो जाएगी।
(c) वह अवतल से उत्तल बन जाएगा।
(d) वह पिघल जाएगा।
उत्तर: (b) व्याख्या: माध्यम और लेंस का अपवर्तनांक समान होने पर प्रकाश की किरणें बिना मुड़े सीधे गुजर जाती हैं, जिससे लेंस एक साधारण कांच की प्लेट की तरह व्यवहार करने लगता है।
Q31. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) या रीडिंग ग्लास में मुख्य रूप से किस लेंस का उपयोग किया जाता है?
(a) लंबी फोकस दूरी का अवतल लेंस
(b) कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस (Short focal length Convex Lens)
(c) बेलनाकार लेंस
(d) द्विफोकसी लेंस
उत्तर: (b) व्याख्या: कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस अधिक आवर्धन (Magnification) प्रदान करता है, जिससे बारीक अक्षरों को सीधा और बड़ा करके देखा जा सकता है।
(a) लंबी फोकस दूरी का अवतल लेंस
(b) कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस (Short focal length Convex Lens)
(c) बेलनाकार लेंस
(d) द्विफोकसी लेंस
उत्तर: (b) व्याख्या: कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस अधिक आवर्धन (Magnification) प्रदान करता है, जिससे बारीक अक्षरों को सीधा और बड़ा करके देखा जा सकता है।
Q32. कैमरों और दूरबीनों (Telescopes) में बनने वाले प्रतिबिंबों में रंगों के धुंधलेपन के दोष को क्या कहते हैं और इसे कैसे दूर किया जाता है?
(a) वर्ण विपथन (Chromatic Aberration); क्रोमैटिक लेंस युग्म (Achromatic doublet) द्वारा
(b) निकट दृष्टि दोष
(c) प्रकीर्णन
(d) विवर्तन
उत्तर: (a) व्याख्या: एक सिंगल लेंस प्रकाश के अलग रंगों को अलग स्थानों पर फोकस करता है जिससे रंगीन धुंधलापन आता है। इसे ठीक करने के लिए एक उत्तल और एक अवतल लेंस को मिलाकर 'वर्ण-अविपथी लेन्स' बनाया जाता है।
(a) वर्ण विपथन (Chromatic Aberration); क्रोमैटिक लेंस युग्म (Achromatic doublet) द्वारा
(b) निकट दृष्टि दोष
(c) प्रकीर्णन
(d) विवर्तन
उत्तर: (a) व्याख्या: एक सिंगल लेंस प्रकाश के अलग रंगों को अलग स्थानों पर फोकस करता है जिससे रंगीन धुंधलापन आता है। इसे ठीक करने के लिए एक उत्तल और एक अवतल लेंस को मिलाकर 'वर्ण-अविपथी लेन्स' बनाया जाता है।
Q33. एक सामान्य मानव आँख का लेंस (Eye Lens) किस प्रकार का लेंस होता है?
(a) एक कठोर कांच का अवतल लेंस
(b) जीवित कोलाजन प्रोटीन और कोशिकाओं से बना एक लचीला उभयोत्तल लेंस (Biconvex Lens)
(c) बेलनाकार लेंस
(d) समतलोत्तल लेंस
उत्तर: (b) व्याख्या: मानव आँख का प्राकृतिक लेंस पारदर्शी और लचीला होता है, जिसे पक्ष्माभी मांसपेशियाँ (Ciliary Muscles) खींचकर या सिकोड़कर उसकी फोकस दूरी को बदल सकती हैं।
(a) एक कठोर कांच का अवतल लेंस
(b) जीवित कोलाजन प्रोटीन और कोशिकाओं से बना एक लचीला उभयोत्तल लेंस (Biconvex Lens)
(c) बेलनाकार लेंस
(d) समतलोत्तल लेंस
उत्तर: (b) व्याख्या: मानव आँख का प्राकृतिक लेंस पारदर्शी और लचीला होता है, जिसे पक्ष्माभी मांसपेशियाँ (Ciliary Muscles) खींचकर या सिकोड़कर उसकी फोकस दूरी को बदल सकती हैं।
Q34. यदि किसी लेंस की फोकस दूरी 50 सेमी ($+50\text{ cm}$) है, तो मीटर में बदलने पर उसकी क्षमता क्या होगी?
(a) $-2\,\text{D}$
(b) $+2\,\text{D}$
(c) $+0.5\,\text{D}$
(d) $+5\,\text{D}$
उत्तर: (b) व्याख्या: $50\text{ cm} = 0.5\text{ मीटर}$। क्षमता $P = 1/f = 1/0.5 = +2$ डायोप्टर। धनात्मक चिह्न दर्शाता है कि यह एक उत्तल लेंस है।
(a) $-2\,\text{D}$
(b) $+2\,\text{D}$
(c) $+0.5\,\text{D}$
(d) $+5\,\text{D}$
उत्तर: (b) व्याख्या: $50\text{ cm} = 0.5\text{ मीटर}$। क्षमता $P = 1/f = 1/0.5 = +2$ डायोप्टर। धनात्मक चिह्न दर्शाता है कि यह एक उत्तल लेंस है।
Q35. 'लेंस मेकर सूत्र' (Lens Maker's Formula) मुख्य रूप से किन तीन कारकों पर निर्भर करता है?
(a) केवल लेंस के वजन पर
(b) लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक, दोनों सतहों की वक्रता त्रिज्या और आस-पास के माध्यम के अपवर्तनांक पर
(c) केवल प्रकाश की तीव्रता पर
(d) दर्पण के आकार पर
उत्तर: (b) व्याख्या: इस सूत्र ($\frac{1}{f} = (\frac{\mu_{lens}}{\mu_{med}} - 1) (\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2})$) से स्पष्ट है कि माध्यम बदलने पर लेंस की फोकस दूरी बदल जाती है।
(a) केवल लेंस के वजन पर
(b) लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक, दोनों सतहों की वक्रता त्रिज्या और आस-पास के माध्यम के अपवर्तनांक पर
(c) केवल प्रकाश की तीव्रता पर
(d) दर्पण के आकार पर
उत्तर: (b) व्याख्या: इस सूत्र ($\frac{1}{f} = (\frac{\mu_{lens}}{\mu_{med}} - 1) (\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2})$) से स्पष्ट है कि माध्यम बदलने पर लेंस की फोकस दूरी बदल जाती है।
भाग 4: दृष्टि दोष और उनका निवारण (Defects of Vision & Their Remedies)
Q36. 'निकट दृष्टि दोष' या 'मायोपिया' (Myopia) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस दोष से पीड़ित व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं।
- इसमें दूर की वस्तु से आने वाली किरणें रेटिना (Retina) पर फोकस होने के बजाय रेटिना के पहले (आगे) ही फोकस हो जाती हैं।
- इस दोष को दूर करने के लिए उपयुक्त क्षमता के 'उत्तल लेंस' (Convex Lens) का उपयोग किया जाता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: मायोपिया में आँख की पुतली (Eyeball) का आकार लंबा हो जाने या लेंस की वक्रता बढ़ जाने के कारण किरणें रेटिना से पहले मिल जाती हैं। इस फैली हुई प्रकाश किरणपुंज को रेटिना पर वापस भेजने (अपसारित करने) के लिए अवतल लेंस (Concave Lens) वाले चश्मे की आवश्यकता होती है, न कि उत्तल लेंस की। इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: मायोपिया में आँख की पुतली (Eyeball) का आकार लंबा हो जाने या लेंस की वक्रता बढ़ जाने के कारण किरणें रेटिना से पहले मिल जाती हैं। इस फैली हुई प्रकाश किरणपुंज को रेटिना पर वापस भेजने (अपसारित करने) के लिए अवतल लेंस (Concave Lens) वाले चश्मे की आवश्यकता होती है, न कि उत्तल लेंस की। इसलिए कथन 3 गलत है।
Q37. 'दूर दृष्टि दोष' या 'हाइपरमेट्रोपिया' (Hypermetropia) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- पीड़ित व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, लेकिन पास की (जैसे किताबें पढ़ना) वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं।
- इसमें पास की वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणें रेटिना के पीछे (Behind Retina) जाकर फोकस होती हैं।
- इस दोष के निवारण के लिए 'उत्तल लेंस' (Convex Lens) का उपयोग किया जाता है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सत्य हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों कथन पूरी तरह सही हैं। हाइपरमेट्रोपिया में आँख का गोला छोटा हो जाता है। उत्तल लेंस किरणों को पहले ही थोड़ा मोड़ (अभिसारित कर) देता है जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस हो जाती हैं।
व्याख्या: तीनों कथन पूरी तरह सही हैं। हाइपरमेट्रोपिया में आँख का गोला छोटा हो जाता है। उत्तल लेंस किरणों को पहले ही थोड़ा मोड़ (अभिसारित कर) देता है जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस हो जाती हैं।
Q38. बढ़ती उम्र के साथ आँखों के प्राकृतिक लेंस का लचीलापन कम होने और पक्ष्माभी मांसपेशियों (Ciliary Muscles) के कमजोर होने के कारण होने वाले दृष्टि दोष 'जरा दूरदृष्टिता' (Presbyopia) को कैसे दूर किया जाता है?
(a) केवल अवतल लेंस द्वारा
(b) द्विफोकसी लेंस (Bifocal Lens) द्वारा, जिसमें ऊपरी भाग अवतल (दूर देखने के लिए) और निचला भाग उत्तल (पास देखने के लिए) होता है।
(c) बेलनाकार लेंस द्वारा
(d) लेसिक सर्जरी द्वारा केवल
(b) द्विफोकसी लेंस (Bifocal Lens) द्वारा, जिसमें ऊपरी भाग अवतल (दूर देखने के लिए) और निचला भाग उत्तल (पास देखने के लिए) होता है।
(c) बेलनाकार लेंस द्वारा
(d) लेसिक सर्जरी द्वारा केवल
उत्तर: (b)
व्याख्या: वृद्धावस्था में होने वाले इस दोष में व्यक्ति को निकट और दूर दोनों की वस्तुएं देखने में कठिनाई होती है। इसलिए एक ही चश्मे में दोनों लेंस (Bifocal) लगाए जाते हैं।
व्याख्या: वृद्धावस्था में होने वाले इस दोष में व्यक्ति को निकट और दूर दोनों की वस्तुएं देखने में कठिनाई होती है। इसलिए एक ही चश्मे में दोनों लेंस (Bifocal) लगाए जाते हैं।
Q39. 'अबिन्दुकता' या 'अस्टिग्मैटिज़्म' (Astigmatism) दृष्टि दोष का मुख्य कारण क्या है और इसका निवारण किस लेंस द्वारा किया जाता है?
(a) लेंस का धुंधला होना; अवतल लेंस द्वारा
(b) कॉर्निया (Cornea) की आकृति का पूर्णतः गोलीय न होना (विभिन्न तलों में वक्रता असमान होना); बेलनाकार लेंस (Cylindrical Lens) द्वारा।
(c) रेटिना का कमजोर होना; उत्तल लेंस द्वारा
(d) विटामिन A की कमी; रंगीन लेंस द्वारा
(b) कॉर्निया (Cornea) की आकृति का पूर्णतः गोलीय न होना (विभिन्न तलों में वक्रता असमान होना); बेलनाकार लेंस (Cylindrical Lens) द्वारा।
(c) रेटिना का कमजोर होना; उत्तल लेंस द्वारा
(d) विटामिन A की कमी; रंगीन लेंस द्वारा
उत्तर: (b)
व्याख्या: अस्टिग्मैटिज़्म से पीड़ित व्यक्ति एक ही दूरी पर स्थित क्षैतिज (Horizontal) और ऊर्ध्वाधर (Vertical) रेखाओं को एक साथ स्पष्ट रूप से फोकस नहीं कर पाता। इस दोष को ठीक करने के लिए चश्मे में बेलनाकार (Cylindrical) लेंस का उपयोग किया जाता है।
व्याख्या: अस्टिग्मैटिज़्म से पीड़ित व्यक्ति एक ही दूरी पर स्थित क्षैतिज (Horizontal) और ऊर्ध्वाधर (Vertical) रेखाओं को एक साथ स्पष्ट रूप से फोकस नहीं कर पाता। इस दोष को ठीक करने के लिए चश्मे में बेलनाकार (Cylindrical) लेंस का उपयोग किया जाता है।
Q40 से Q50 तक (उच्च स्तरीय, नैदानिक एवं व्यावहारिक प्रश्न)
Q40. एक स्वस्थ मानव आँख के लिए 'स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी' (Near Point) और अधिकतम दूरी (Far Point) क्रमशः कितनी होती है?
(a) 10 सेमी और 100 मीटर
(b) 25 सेमी (25 cm) और अनंत (Infinity)
(c) 0 सेमी और 10 मीटर
(d) 25 सेमी और 500 मीटर
उत्तर: (b) व्याख्या: एक सामान्य आँख बिना किसी तनाव के न्यूनतम 25 सेमी की दूरी पर रखी वस्तु को साफ पढ़ सकती है और अधिकतम अनंत दूरी (जैसे तारों को) देख सकती है।
(a) 10 सेमी और 100 मीटर
(b) 25 सेमी (25 cm) और अनंत (Infinity)
(c) 0 सेमी और 10 मीटर
(d) 25 सेमी और 500 मीटर
उत्तर: (b) व्याख्या: एक सामान्य आँख बिना किसी तनाव के न्यूनतम 25 सेमी की दूरी पर रखी वस्तु को साफ पढ़ सकती है और अधिकतम अनंत दूरी (जैसे तारों को) देख सकती है।
Q41. आँख की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को स्वतः बदलकर पास और दूर दोनों की वस्तुओं को रेटिना पर फोकस कर लेती है, क्या कहलाती है?
(a) अपवर्तन क्षमता
(b) समंजन क्षमता (Power of Accommodation)
(c) प्रकीर्णन क्षमता
(d) दृष्टि स्थायित्व
उत्तर: (b) व्याख्या: सिलियरी मांसपेशियां लेंस के आकार को मोटा या पतला करके समंजन क्षमता को नियंत्रित करती हैं। उम्र बढ़ने पर यह क्षमता घटने लगती है।
(a) अपवर्तन क्षमता
(b) समंजन क्षमता (Power of Accommodation)
(c) प्रकीर्णन क्षमता
(d) दृष्टि स्थायित्व
उत्तर: (b) व्याख्या: सिलियरी मांसपेशियां लेंस के आकार को मोटा या पतला करके समंजन क्षमता को नियंत्रित करती हैं। उम्र बढ़ने पर यह क्षमता घटने लगती है।
Q42. 'मोतियाबिंद' (Cataract) नामक बीमारी में आँखों की दृष्टि पर क्या प्रभाव पड़ता है और इसका एकमात्र स्थाई उपचार क्या है?
(a) केवल रंगों का न दिखना; चश्मा लगाना
(b) आँखों का प्राकृतिक क्रिस्टलीय लेंस धुंधला, दूधिया या अपारदर्शी (Opaque) हो जाता है; सर्जरी द्वारा लेंस को हटाकर कृत्रिम इंट्राऑकुलर लेंस (IOL) लगाना।
(c) रेटिना का फटना; आई ड्रॉप डालना
(d) कॉर्निया का सूखना; केवल आराम करना
उत्तर: (b) व्याख्या: मोतियाबिंद में लेंस के प्रोटीन खराब होने से वह प्रकाश को पार नहीं होने देता। आधुनिक चिकित्सा में मोकोइमल्सीफिकेशन सर्जरी द्वारा नया IOL लेंस डाल दिया जाता है।
(a) केवल रंगों का न दिखना; चश्मा लगाना
(b) आँखों का प्राकृतिक क्रिस्टलीय लेंस धुंधला, दूधिया या अपारदर्शी (Opaque) हो जाता है; सर्जरी द्वारा लेंस को हटाकर कृत्रिम इंट्राऑकुलर लेंस (IOL) लगाना।
(c) रेटिना का फटना; आई ड्रॉप डालना
(d) कॉर्निया का सूखना; केवल आराम करना
उत्तर: (b) व्याख्या: मोतियाबिंद में लेंस के प्रोटीन खराब होने से वह प्रकाश को पार नहीं होने देता। आधुनिक चिकित्सा में मोकोइमल्सीफिकेशन सर्जरी द्वारा नया IOL लेंस डाल दिया जाता है।
Q43. मानव आँख के किस हिस्से में सबसे अधिक मात्रा में संवेदी कोशिकाएं - शलाका (Rods) और शंकु (Cones) पाई जाती हैं, जहाँ वस्तु का प्रतिबिंब बनता है?
(a) कॉर्निया (Cornea)
(b) दृष्टिपटल या रेटिना (Retina)
(c) आइरिस (Iris)
(d) पुतली
उत्तर: (b) व्याख्या: रेटिना आँख का आंतरिक पर्दा है। इसमें 'रोड्स' प्रकाश की तीव्रता (कम रोशनी में देखना) और 'कोन्स' रंगों की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
(a) कॉर्निया (Cornea)
(b) दृष्टिपटल या रेटिना (Retina)
(c) आइरिस (Iris)
(d) पुतली
उत्तर: (b) व्याख्या: रेटिना आँख का आंतरिक पर्दा है। इसमें 'रोड्स' प्रकाश की तीव्रता (कम रोशनी में देखना) और 'कोन्स' रंगों की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Q44. 'वर्णांधता' या 'कलर ब्लाइंडनेस' (Color Blindness) से पीड़ित व्यक्ति किन मुख्य रंगों के बीच अंतर स्पष्ट नहीं कर पाता और इसका क्या निवारण है?
(a) सफेद और काले के बीच; चश्मा लगाना
(b) लाल और हरे (Red and Green) रंगों के बीच; यह एक आनुवंशिक (Genetic) दोष है जिसका सामान्य लेंसों द्वारा कोई स्थायी निवारण नहीं है।
(c) नीले और पीले के बीच; लेसिक ऑपरेशन
(d) सभी रंगों के बीच; आई ड्रॉप्स
उत्तर: (b) व्याख्या: वर्णांधता में रेटिना की 'शंकु' (Cone) कोशिकाओं में जन्मजात खराबी होती है। यह एक लिंग-सहलग्न बीमारी है जिसका लेंस से इलाज संभव नहीं है।
(a) सफेद और काले के बीच; चश्मा लगाना
(b) लाल और हरे (Red and Green) रंगों के बीच; यह एक आनुवंशिक (Genetic) दोष है जिसका सामान्य लेंसों द्वारा कोई स्थायी निवारण नहीं है।
(c) नीले और पीले के बीच; लेसिक ऑपरेशन
(d) सभी रंगों के बीच; आई ड्रॉप्स
उत्तर: (b) व्याख्या: वर्णांधता में रेटिना की 'शंकु' (Cone) कोशिकाओं में जन्मजात खराबी होती है। यह एक लिंग-सहलग्न बीमारी है जिसका लेंस से इलाज संभव नहीं है।
Q45. किसी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर बनने के बाद, वस्तु को हटा लेने पर भी प्रतिबिंब कितने समय तक रेटिना पर बना रहता है, जिसे 'दृष्टि स्थायित्व' (Persistence of Vision) कहते हैं?
(a) 1 सेकंड तक
(b) 1/16 सेकंड ($\frac{1}{16}^{\text{th}}\text{ of a second}$) तक
(c) 5 सेकंड तक
(d) 1/100 सेकंड तक
उत्तर: (b) व्याख्या: इसी सिद्धांत के कारण जब 1 सेकंड में 24 से अधिक स्थिर चित्र क्रमिक रूप से हमारे सामने से गुजारे जाते हैं, तो हमारा मस्तिष्क उन्हें एक चलती-फिरती फिल्म (Motion Picture) के रूप में महसूस करता है।
(a) 1 सेकंड तक
(b) 1/16 सेकंड ($\frac{1}{16}^{\text{th}}\text{ of a second}$) तक
(c) 5 सेकंड तक
(d) 1/100 सेकंड तक
उत्तर: (b) व्याख्या: इसी सिद्धांत के कारण जब 1 सेकंड में 24 से अधिक स्थिर चित्र क्रमिक रूप से हमारे सामने से गुजारे जाते हैं, तो हमारा मस्तिष्क उन्हें एक चलती-फिरती फिल्म (Motion Picture) के रूप में महसूस करता है।
Q46. आँख के उस हिस्से का नाम बताइए जो आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा (Amount of Light) को नियंत्रित करता है और आँखों के विशिष्ट रंग (नीली, काली या भूरी आँखें) के लिए जिम्मेदार होता है?
(a) कॉर्निया
(b) आइरिस या परितारिका (Iris)
(c) लेंस
(d) एक्वस ह्यूमर
उत्तर: (b) व्याख्या: आइरिस पुतली (Pupil) के आकार को तेज रोशनी में छोटा और अंधेरे में बड़ा कर देती है ताकि आँख के भीतर प्रकाश की संतुलित मात्रा ही प्रवेश कर सके।
(a) कॉर्निया
(b) आइरिस या परितारिका (Iris)
(c) लेंस
(d) एक्वस ह्यूमर
उत्तर: (b) व्याख्या: आइरिस पुतली (Pupil) के आकार को तेज रोशनी में छोटा और अंधेरे में बड़ा कर देती है ताकि आँख के भीतर प्रकाश की संतुलित मात्रा ही प्रवेश कर सके।
Q47. नेत्रदान (Eye Donation) के समय मृत व्यक्ति की आँख के किस हिस्से को निकालकर प्रत्यारोपित (Transplant) किया जाता है?
(a) पूरी आँख को
(b) केवल लेंस को
(c) स्वच्छ मंडल या कॉर्निया (Cornea) को
(d) केवल रेटिना को
उत्तर: (c) व्याख्या: कॉर्निया आँख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत है। इसमें रक्त वाहिकाएं नहीं होती हैं, इसलिए इसका प्रत्यारोपण सबसे आसान और सफल होता है।
(a) पूरी आँख को
(b) केवल लेंस को
(c) स्वच्छ मंडल या कॉर्निया (Cornea) को
(d) केवल रेटिना को
उत्तर: (c) व्याख्या: कॉर्निया आँख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत है। इसमें रक्त वाहिकाएं नहीं होती हैं, इसलिए इसका प्रत्यारोपण सबसे आसान और सफल होता है।
Q48. 'नाइट ब्लाइंडनेस' या रतौंधी (Night Blindness) नामक रोग किस विटामिन की कमी से होता है और इसमें आँख का कौन सा भाग प्रभावित होता है?
(a) विटामिन C की कमी से; कॉर्निया
(b) विटामिन A की कमी से; रेटिना की शलाका (Rods) कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं जिससे मंद प्रकाश में दिखाई नहीं देता।
(c) विटामिन D की कमी से; लेंस
(d) विटामिन B की कमी से; आइरिस
उत्तर: (b) व्याख्या: विटामिन A 'रोडोप्सिन' पिगमेंट के निर्माण के लिए आवश्यक है जो छड़ (Rods) कोशिकाओं के कार्य के लिए अनिवार्य है।
(a) विटामिन C की कमी से; कॉर्निया
(b) विटामिन A की कमी से; रेटिना की शलाका (Rods) कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं जिससे मंद प्रकाश में दिखाई नहीं देता।
(c) विटामिन D की कमी से; लेंस
(d) विटामिन B की कमी से; आइरिस
उत्तर: (b) व्याख्या: विटामिन A 'रोडोप्सिन' पिगमेंट के निर्माण के लिए आवश्यक है जो छड़ (Rods) कोशिकाओं के कार्य के लिए अनिवार्य है।
Q49. 'ग्लूकोमा' या काला मोतिया (Glaucoma) नामक गंभीर आँख की बीमारी का मुख्य कारण क्या है?
(a) चश्मे का नंबर गलत होना।
(b) आँख के भीतर मौजूद जलीय द्रव (Aqueous Humor) का दबाव अत्यधिक बढ़ जाना (Intraocular Pressure), जिससे ऑप्टिक तंत्रिका (Optic Nerve) क्षतिग्रस्त हो जाती है और अंधापन हो सकता है।
(c) रेटिना पर धूल जमना।
(d) केवल बढ़ती उम्र।
उत्तर: (b) व्याख्या: ग्लूकोमा को 'दृष्टि का मूक चोर' भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी दर्द के धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व को नष्ट कर देता है जो संदेश मस्तिष्क तक ले जाती है।
(a) चश्मे का नंबर गलत होना।
(b) आँख के भीतर मौजूद जलीय द्रव (Aqueous Humor) का दबाव अत्यधिक बढ़ जाना (Intraocular Pressure), जिससे ऑप्टिक तंत्रिका (Optic Nerve) क्षतिग्रस्त हो जाती है और अंधापन हो सकता है।
(c) रेटिना पर धूल जमना।
(d) केवल बढ़ती उम्र।
उत्तर: (b) व्याख्या: ग्लूकोमा को 'दृष्टि का मूक चोर' भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी दर्द के धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व को नष्ट कर देता है जो संदेश मस्तिष्क तक ले जाती है।
Q50. आधुनिक तकनीक 'लेसिक' (LASIK - Laser-Assisted In Situ Keratomileusis) सर्जरी का उपयोग चिकित्सा विज्ञान में किसलिए किया जाता है?
(a) मोतियाबिंद हटाने के लिए
(b) लेजर बीम द्वारा कॉर्निया के आकार को पुनर्गठित (Reshape) करके चश्मे के नंबर (मायोपिया/हाइपरमेट्रोपिया) को पूरी तरह हटाने के लिए।
(c) आँख का रंग बदलने के लिए
(d) कृत्रिम रेटिना लगाने के लिए
उत्तर: (b) व्याख्या: लेसिक एक बेहद सुरक्षित कंप्यूटर-नियंत्रित लेजर तकनीक है, जो कॉर्निया के अपवर्तन दोष को स्थायी रूप से ठीक करके व्यक्ति को चश्मे या कांटेक्ट लेंस से मुक्ति दिलाती है।
(a) मोतियाबिंद हटाने के लिए
(b) लेजर बीम द्वारा कॉर्निया के आकार को पुनर्गठित (Reshape) करके चश्मे के नंबर (मायोपिया/हाइपरमेट्रोपिया) को पूरी तरह हटाने के लिए।
(c) आँख का रंग बदलने के लिए
(d) कृत्रिम रेटिना लगाने के लिए
उत्तर: (b) व्याख्या: लेसिक एक बेहद सुरक्षित कंप्यूटर-नियंत्रित लेजर तकनीक है, जो कॉर्निया के अपवर्तन दोष को स्थायी रूप से ठीक करके व्यक्ति को चश्मे या कांटेक्ट लेंस से मुक्ति दिलाती है।
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