Blood Group
भाग 1: रक्त समूह और उनकी आनुवंशिकी (Blood Groups & Genetics)
Q1. ABO रक्त समूह प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- मानव लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की सतह पर एंटीजन (Antigen) की उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर इसका वर्गीकरण होता है।
- रक्त प्लाज्मा में इन एंटीजन के खिलाफ प्राकृतिक एंटीबॉडी (Antibodies) पाई जाती हैं।
- 'O' रक्त समूह वाले व्यक्ति की RBCs पर A और B दोनों एंटीजन मौजूद होते हैं।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: ABO रक्त समूह का निर्धारण RBC की सतह पर मौजूद एंटीजन A और B से होता है। रक्त समूह 'O' में कोई भी एंटीजन (A या B) नहीं होता है, जबकि प्लाज्मा में एंटीबॉडी a और b दोनों होती हैं। इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: ABO रक्त समूह का निर्धारण RBC की सतह पर मौजूद एंटीजन A और B से होता है। रक्त समूह 'O' में कोई भी एंटीजन (A या B) नहीं होता है, जबकि प्लाज्मा में एंटीबॉडी a और b दोनों होती हैं। इसलिए कथन 3 गलत है।
Q2. मानव में ABO रक्त समूह का नियंत्रण 'I' जीन द्वारा होता है। इस जीन के तीन एलील (Alleles) होते हैं - $I^A$, $I^B$ और $i$। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
(a) $I^A$ और $I^B$ एलील पूरी तरह से एलील $i$ पर प्रभावी (Dominant) होते हैं।
(b) जब $I^A$ और $I^B$ एक साथ उपस्थित होते हैं, तो वे दोनों अपने-अपने प्रकार की शर्करा अभिव्यक्त करते हैं, जिसे सह-प्रभाविता (Co-dominance) कहते हैं।
(c) एक व्यक्ति में एक समय में तीनों एलील ($I^A$, $I^B, i$) उपस्थित हो सकते हैं।
(d) इस प्रणाली में कुल 6 जीनोटाइप और 4 फेनोटाइप संभव हैं।
(b) जब $I^A$ और $I^B$ एक साथ उपस्थित होते हैं, तो वे दोनों अपने-अपने प्रकार की शर्करा अभिव्यक्त करते हैं, जिसे सह-प्रभाविता (Co-dominance) कहते हैं।
(c) एक व्यक्ति में एक समय में तीनों एलील ($I^A$, $I^B, i$) उपस्थित हो सकते हैं।
(d) इस प्रणाली में कुल 6 जीनोटाइप और 4 फेनोटाइप संभव हैं।
उत्तर: (c)
व्याख्या: मानव एक द्विगुणित (Diploid) जीव है, इसलिए किसी भी व्यक्ति में इन तीन एलील्स में से केवल दो ही एलील उपस्थित हो सकते हैं, तीनों नहीं। यह बहु-एलीलवाद (Multiple Allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर केवल दो ही विरासत में मिलते हैं।
व्याख्या: मानव एक द्विगुणित (Diploid) जीव है, इसलिए किसी भी व्यक्ति में इन तीन एलील्स में से केवल दो ही एलील उपस्थित हो सकते हैं, तीनों नहीं। यह बहु-एलीलवाद (Multiple Allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर केवल दो ही विरासत में मिलते हैं।
Q3. यदि एक बच्चे का रक्त समूह 'O' है और उसके पिता का रक्त समूह 'A' तथा माता का रक्त समूह 'B' है, तो माता-पिता के संभावित जीनोटाइप क्या होंगे?
(a) पिता ($I^A I^A$) और माता ($I^B I^B$)
(b) पिता ($I^A i$) और माता ($I^B i$)
(c) पिता ($I^A I^A$) और माता ($I^B i$)
(d) पिता ($I^A i$) और माता ($I^B I^B$)
(b) पिता ($I^A i$) और माता ($I^B i$)
(c) पिता ($I^A I^A$) और माता ($I^B i$)
(d) पिता ($I^A i$) और माता ($I^B I^B$)
उत्तर: (b) पिता ($I^A i$) और माता ($I^B i$)
व्याख्या: बच्चे का रक्त समूह 'O' होने का मतलब है कि उसका जीनोटाइप '$ii$' है। इसके लिए उसे एक '$i$' एलील पिता से और एक '$i$' एलील माता से मिलना चाहिए। यह तभी संभव है जब माता-पिता दोनों विषमयुग्मजी (Heterozygous) हों, यानी पिता $I^A i$ और माता $I^B i$ हों।
व्याख्या: बच्चे का रक्त समूह 'O' होने का मतलब है कि उसका जीनोटाइप '$ii$' है। इसके लिए उसे एक '$i$' एलील पिता से और एक '$i$' एलील माता से मिलना चाहिए। यह तभी संभव है जब माता-पिता दोनों विषमयुग्मजी (Heterozygous) हों, यानी पिता $I^A i$ और माता $I^B i$ हों।
Q4. 'बॉम्बे फेनोटाइप' (Bombay Phenotype) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस रक्त समूह की खोज पहली बार 1952 में डॉ. वाई. एम. भेंडे द्वारा बॉम्बे में की गई थी।
- बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्तियों में RBC पर 'H' एंटीजन की कमी होती है, जिसके कारण वे A या B एंटीजन व्यक्त नहीं कर पाते, भले ही उनके पास जीन मौजूद हों।
- इस रक्त समूह के व्यक्ति को आपातकाल में किसी भी 'O' रक्त समूह वाले व्यक्ति का रक्त सुरक्षित रूप से चढ़ाया जा सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
व्याख्या: बॉम्बे फेनोटाइप ($hh$) वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A, एंटी-B के साथ-साथ एंटी-H एंटीबॉडी भी होती है। सामान्य 'O' रक्त समूह में H एंटीजन प्रचुर मात्रा में होता है। इसलिए, बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति को सामान्य 'O' रक्त देने पर गंभीर ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन हो सकता है। उन्हें केवल दूसरे बॉम्बे फेनोटाइप व्यक्ति का ही रक्त दिया जा सकता है।
व्याख्या: बॉम्बे फेनोटाइप ($hh$) वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A, एंटी-B के साथ-साथ एंटी-H एंटीबॉडी भी होती है। सामान्य 'O' रक्त समूह में H एंटीजन प्रचुर मात्रा में होता है। इसलिए, बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति को सामान्य 'O' रक्त देने पर गंभीर ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन हो सकता है। उन्हें केवल दूसरे बॉम्बे फेनोटाइप व्यक्ति का ही रक्त दिया जा सकता है।
Q5. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| रक्त समूह | RBC पर एंटीजन | प्लाज्मा में एंटीबॉडी |
|---|---|---|
| 1. A | A | एंटी-B |
| 2. B | B | एंटी-A |
| 3. AB | A और B दोनों | कोई नहीं |
| 4. O | कोई नहीं | एंटी-A और एंटी-B दोनों |
उपरोक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
(a) केवल एक युग्म
(b) केवल दो युग्म
(c) केवल तीन युग्म
(d) सभी चारों युग्म
(a) केवल एक युग्म
(b) केवल दो युग्म
(c) केवल तीन युग्म
(d) सभी चारों युग्म
उत्तर: (d) सभी चारों युग्म
व्याख्या: तालिका में दिए गए सभी चारों युग्म ABO रक्त समूह प्रणाली के बुनियादी नियमों के अनुसार पूरी तरह से सही सुमेलित हैं।
व्याख्या: तालिका में दिए गए सभी चारों युग्म ABO रक्त समूह प्रणाली के बुनियादी नियमों के अनुसार पूरी तरह से सही सुमेलित हैं।
Q6 से Q15 तक (त्वरित वैचारिक प्रश्न)
Q6. लैंडस्टाइनर के नियम (Landsteiner's Law) के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के RBCs पर कोई एंटीजन उपस्थित है, तो उसके रक्त प्लाज्मा में:
(a) वही एंटीबॉडी उपस्थित होनी चाहिए।
(b) उसके विपरीत एंटीबॉडी अनिवार्य रूप से अनुपस्थित होनी चाहिए।
(c) एंटीबॉडी का होना या न होना एंटीजन पर निर्भर नहीं करता।
(d) केवल Rh एंटीबॉडी ही उपस्थित होगी।
उत्तर: (b) व्याख्या: शरीर अपने ही एंटीजन के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं बनाता, अन्यथा स्वप्रतिरक्षित (Autoimmune) विनाश हो जाएगा।
(a) वही एंटीबॉडी उपस्थित होनी चाहिए।
(b) उसके विपरीत एंटीबॉडी अनिवार्य रूप से अनुपस्थित होनी चाहिए।
(c) एंटीबॉडी का होना या न होना एंटीजन पर निर्भर नहीं करता।
(d) केवल Rh एंटीबॉडी ही उपस्थित होगी।
उत्तर: (b) व्याख्या: शरीर अपने ही एंटीजन के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं बनाता, अन्यथा स्वप्रतिरक्षित (Autoimmune) विनाश हो जाएगा।
Q7. एग्लूटिनेशन (Agglutination/रक्त का थक्का जमना) तब होता है जब:
(a) एंटीजन A, एंटीबॉडी एंटी-A के संपर्क में आता है।
(b) एंटीजन A, एंटीबॉडी एंटी-B के संपर्क में आता है।
(c) एंटीजन B, एंटीबॉडी एंटी-A के संपर्क में आता है।
(d) रक्त समूह O को रक्त समूह AB से मिलाया जाता है।
उत्तर: (a) व्याख्या: समान एंटीजन और उसकी पूरक (Corresponding) एंटीबॉडी आपस में क्रिया करके आरबीसी को आपस में चिपका देती हैं।
(a) एंटीजन A, एंटीबॉडी एंटी-A के संपर्क में आता है।
(b) एंटीजन A, एंटीबॉडी एंटी-B के संपर्क में आता है।
(c) एंटीजन B, एंटीबॉडी एंटी-A के संपर्क में आता है।
(d) रक्त समूह O को रक्त समूह AB से मिलाया जाता है।
उत्तर: (a) व्याख्या: समान एंटीजन और उसकी पूरक (Corresponding) एंटीबॉडी आपस में क्रिया करके आरबीसी को आपस में चिपका देती हैं।
Q8. एक पुरुष जिसका रक्त समूह AB है, एक ऐसी महिला से विवाह करता है जिसका रक्त समूह O है। उनकी संतानों में कौन सा रक्त समूह होने की संभावना नहीं है?
(a) केवल A
(b) केवल B
(c) A और B दोनों
(d) AB और O दोनों
उत्तर: (d) व्याख्या: पिता का जीनोटाइप $I^A I^B$ और माता का $ii$ है। बच्चों के जीनोटाइप $I^A i$ (A समूह) या $I^B i$ (B समूह) ही होंगे। संतानों में AB या O समूह नहीं हो सकता।
(a) केवल A
(b) केवल B
(c) A और B दोनों
(d) AB और O दोनों
उत्तर: (d) व्याख्या: पिता का जीनोटाइप $I^A I^B$ और माता का $ii$ है। बच्चों के जीनोटाइप $I^A i$ (A समूह) या $I^B i$ (B समूह) ही होंगे। संतानों में AB या O समूह नहीं हो सकता।
Q9. रक्त समूह की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार किसे और कब दिया गया था?
(a) विलियम हार्वे (1628)
(b) कार्ल लैंडस्टाइनर (1930)
(c) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (1945)
(d) वॉटसन और क्रिक (1962)
उत्तर: (b) व्याख्या: कार्ल लैंडस्टाइनर ने 1900-1901 में ABO रक्त समूह की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला।
(a) विलियम हार्वे (1628)
(b) कार्ल लैंडस्टाइनर (1930)
(c) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (1945)
(d) वॉटसन और क्रिक (1962)
उत्तर: (b) व्याख्या: कार्ल लैंडस्टाइनर ने 1900-1901 में ABO रक्त समूह की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला।
Q10. AB रक्त समूह को 'सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता' (Universal Recipient) क्यों कहा जाता है?
(a) क्योंकि इसकी RBCs पर कोई एंटीजन नहीं होता।
(b) क्योंकि इसके प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती।
(c) क्योंकि इसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा दोगुनी होती है।
(d) क्योंकि इसमें एंटी-A और एंटी-B दोनों एंटीबॉडी प्रचुर मात्रा में होती हैं।
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लाज्मा में एंटी-A या एंटी-B एंटीबॉडी न होने के कारण, यह किसी भी अन्य रक्त समूह की RBCs पर हमला नहीं करता, जिससे ट्रांसफ्यूजन सुरक्षित रहता है।
(a) क्योंकि इसकी RBCs पर कोई एंटीजन नहीं होता।
(b) क्योंकि इसके प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती।
(c) क्योंकि इसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा दोगुनी होती है।
(d) क्योंकि इसमें एंटी-A और एंटी-B दोनों एंटीबॉडी प्रचुर मात्रा में होती हैं।
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लाज्मा में एंटी-A या एंटी-B एंटीबॉडी न होने के कारण, यह किसी भी अन्य रक्त समूह की RBCs पर हमला नहीं करता, जिससे ट्रांसफ्यूजन सुरक्षित रहता है।
Q11. निम्नलिखित में से कौन सा रक्त समूह आनुवंशिक रूप से सह-प्रभाविता (Co-dominance) को प्रदर्शित करता है?
(a) रक्त समूह A
(b) रक्त समूह B
(c) रक्त समूह AB
(d) रक्त समूह O
उत्तर: (c) व्याख्या: AB रक्त समूह में, $I^A$ और $I^B$ दोनों जीन समान रूप से प्रभावी होते हैं और दोनों प्रकार के एंटीजन आरबीसी पर बनते हैं।
(a) रक्त समूह A
(b) रक्त समूह B
(c) रक्त समूह AB
(d) रक्त समूह O
उत्तर: (c) व्याख्या: AB रक्त समूह में, $I^A$ और $I^B$ दोनों जीन समान रूप से प्रभावी होते हैं और दोनों प्रकार के एंटीजन आरबीसी पर बनते हैं।
Q12. यदि किसी व्यक्ति का एलील विन्यास $ii$ है, तो उसका रक्त समूह क्या होगा?
(a) AB
(b) O
(c) A
(d) B
उत्तर: (b) व्याख्या: एलील '$i$' अप्रभावी (Recessive) होता है। जब दोनों अप्रभावी एलील एक साथ आते हैं, तो 'O' रक्त समूह बनता है।
(a) AB
(b) O
(c) A
(d) B
उत्तर: (b) व्याख्या: एलील '$i$' अप्रभावी (Recessive) होता है। जब दोनों अप्रभावी एलील एक साथ आते हैं, तो 'O' रक्त समूह बनता है।
Q13. नवजात शिशु में 'हेमोलिटिक रोग' (HDN) का प्राथमिक कारण क्या है?
(a) माता और शिशु के बीच ABO असंगति (Incompatibility)
(b) माता और शिशु के बीच Rh असंगति
(c) शिशु में विटामिन K की कमी
(d) माता में आयरन की कमी
उत्तर: (b) व्याख्या: यद्यपि ABO असंगति भी हो सकती है, लेकिन Rh असंगति (Rh-ve माता और Rh+ve गर्भस्थ शिशु) के कारण होने वाला एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस सबसे तीव्र और गंभीर होता है।
(a) माता और शिशु के बीच ABO असंगति (Incompatibility)
(b) माता और शिशु के बीच Rh असंगति
(c) शिशु में विटामिन K की कमी
(d) माता में आयरन की कमी
उत्तर: (b) व्याख्या: यद्यपि ABO असंगति भी हो सकती है, लेकिन Rh असंगति (Rh-ve माता और Rh+ve गर्भस्थ शिशु) के कारण होने वाला एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस सबसे तीव्र और गंभीर होता है।
Q14. गुप्तकर्ता (Secretors) वे व्यक्ति होते हैं जिनके शरीर के अन्य तरल पदार्थों (जैसे लार, पसीना) में भी रक्त समूह एंटीजन पाए जाते हैं। विश्व की लगभग कितनी प्रतिशत जनसंख्या 'सीक्रेटर' है?
(a) लगभग 20%
(b) लगभग 50%
(c) लगभग 80%
(d) लगभग 99%
उत्तर: (c) व्याख्या: दुनिया की लगभग 80% आबादी सीक्रेटर (Secretors) होती है, जो फोरेंसिक विज्ञान में लार या लार के नमूनों से रक्त समूह की पहचान करने में मदद करती है।
(a) लगभग 20%
(b) लगभग 50%
(c) लगभग 80%
(d) लगभग 99%
उत्तर: (c) व्याख्या: दुनिया की लगभग 80% आबादी सीक्रेटर (Secretors) होती है, जो फोरेंसिक विज्ञान में लार या लार के नमूनों से रक्त समूह की पहचान करने में मदद करती है।
Q15. रक्त प्लाज्मा का मुख्य प्रोटीन जो रक्त के परासरणी दाब (Osmotic Pressure) को बनाए रखता है और एंटीबॉडी उत्पादन से भिन्न कार्य करता है, वह कौन सा है?
(a) एल्ब्यूमिन (Albumin)
(b) ग्लोब्युलिन (Globulin)
(c) फाइब्रिनोजेन (Fibrinogen)
(d) प्रोथ्रोम्बिन (Prothrombin)
उत्तर: (a) व्याख्या: एल्ब्यूमिन परासरणी संतुलन बनाए रखता है, जबकि ग्लोब्युलिन (विशेषकर गामा ग्लोब्युलिन) प्रतिरक्षी या एंटीबॉडी का निर्माण करते हैं।
(a) एल्ब्यूमिन (Albumin)
(b) ग्लोब्युलिन (Globulin)
(c) फाइब्रिनोजेन (Fibrinogen)
(d) प्रोथ्रोम्बिन (Prothrombin)
उत्तर: (a) व्याख्या: एल्ब्यूमिन परासरणी संतुलन बनाए रखता है, जबकि ग्लोब्युलिन (विशेषकर गामा ग्लोब्युलिन) प्रतिरक्षी या एंटीबॉडी का निर्माण करते हैं।
भाग 2: Rh कारक और एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस (Rh Factor & Erythroblastosis Fetalis)
Q16. Rh कारक (Rh Factor) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इसकी खोज सर्वप्रथम कार्ल लैंडस्टाइनर और अलेक्जेंडर विनर ने 'रीसस' (Rhesus) बंदर में की थी।
- दुनिया की बहुसंख्यक मानव आबादी (लगभग 85%) Rh-पॉजिटिव (Rh+ve) है।
- Rh एंटीजन (D एंटीजन) RBC की सतह पर पाया जाने वाला एक प्रोटीन है।
उपरोक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं। रीसस बंदर के नाम पर ही इसे 'Rh' नाम दिया गया। भारत में लगभग 93-95% और वैश्विक स्तर पर करीब 85% लोग Rh+ve हैं। मुख्य Rh एंटीजन को 'D एंटीजन' कहा जाता है।
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं। रीसस बंदर के नाम पर ही इसे 'Rh' नाम दिया गया। भारत में लगभग 93-95% और वैश्विक स्तर पर करीब 85% लोग Rh+ve हैं। मुख्य Rh एंटीजन को 'D एंटीजन' कहा जाता है।
Q17. 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस' (Erythroblastosis Fetalis) या नवजात शिशु के हेमोलिटिक रोग के संदर्भ में कौन सी स्थिति सबसे घातक मानी जाती है?
(a) Rh+ve माता और Rh-ve भ्रूण (Fetus)
(b) Rh-ve माता और Rh+ve भ्रूण
(c) Rh-ve माता और Rh-ve भ्रूण
(d) Rh+ve माता और Rh+ve भ्रूण
(b) Rh-ve माता और Rh+ve भ्रूण
(c) Rh-ve माता और Rh-ve भ्रूण
(d) Rh+ve माता और Rh+ve भ्रूण
उत्तर: (b) Rh-ve माता और Rh+ve भ्रूण
व्याख्या: जब Rh-ऋणात्मक माता के गर्भ में Rh-धनात्मक शिशु पलता है, तो प्रसव के समय शिशु का थोड़ा रक्त माता के परिसंचरण में मिल सकता है। इससे माता का शरीर Rh-एंटीजन के खिलाफ एंटी-Rh एंटीबॉडी बनाने लगता है, जो अगली गर्भावस्था में Rh+ve भ्रूण की RBCs को नष्ट कर देती हैं।
व्याख्या: जब Rh-ऋणात्मक माता के गर्भ में Rh-धनात्मक शिशु पलता है, तो प्रसव के समय शिशु का थोड़ा रक्त माता के परिसंचरण में मिल सकता है। इससे माता का शरीर Rh-एंटीजन के खिलाफ एंटी-Rh एंटीबॉडी बनाने लगता है, जो अगली गर्भावस्था में Rh+ve भ्रूण की RBCs को नष्ट कर देती हैं।
Q18. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस की रोकथाम के लिए प्रसव के तुरंत बाद माता को कौन सा टीका/इंजेक्सन दिया जाता है?
(a) एंटी-D इम्युनोग्लोबुलिन (Anti-D Immunoglobulin / RhoGAM)
(b) विटामिन K का इंजेक्शन
(c) हेपेटाइटिस B का टीका
(d) पेनिसिलिन एंटीबायोटिक
(b) विटामिन K का इंजेक्शन
(c) हेपेटाइटिस B का टीका
(d) पेनिसिलिन एंटीबायोटिक
उत्तर: (a)
व्याख्या: Rh-ऋणात्मक माता को प्रसव के 24 घंटों के भीतर एंटी-D एंटीबॉडी (RhoGAM) दी जाती है। यह माता के रक्त में प्रवेश कर चुके भ्रूण के Rh+ve आरबीसी को नष्ट कर देती है, जिससे माता का प्रतिरक्षी तंत्र सक्रिय नहीं हो पाता और एंटीबॉडी नहीं बना पाता।
व्याख्या: Rh-ऋणात्मक माता को प्रसव के 24 घंटों के भीतर एंटी-D एंटीबॉडी (RhoGAM) दी जाती है। यह माता के रक्त में प्रवेश कर चुके भ्रूण के Rh+ve आरबीसी को नष्ट कर देती है, जिससे माता का प्रतिरक्षी तंत्र सक्रिय नहीं हो पाता और एंटीबॉडी नहीं बना पाता।
Q19. विज्ञान के क्षेत्र में हाल ही में चर्चा में रहा 'गोल्डन ब्लड' (Golden Blood) किसे कहा जाता है?
(a) जिसमें सोने (Gold) के नैनोकण पाए जाते हैं।
(b) Rh-null रक्त समूह, जिसमें कोई भी Rh एंटीजन नहीं पाया जाता।
(c) जो केवल शाही परिवारों (Royal Families) में पाया जाता है।
(d) अत्यंत उच्च ऑक्सीजन वहन क्षमता वाला कृत्रिम रक्त।
(b) Rh-null रक्त समूह, जिसमें कोई भी Rh एंटीजन नहीं पाया जाता।
(c) जो केवल शाही परिवारों (Royal Families) में पाया जाता है।
(d) अत्यंत उच्च ऑक्सीजन वहन क्षमता वाला कृत्रिम रक्त।
उत्तर: (b) Rh-null रक्त समूह
व्याख्या: Rh-null एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है जिसमें Rh प्रणाली के सभी 61 संभावित एंटीजन अनुपस्थित होते हैं। पूरी दुनिया में ऐसे 50 से भी कम व्यक्ति मिले हैं। इसकी दुर्लभता और सार्वभौमिक उपयोगिता (केवल Rh प्रणाली के लिए) के कारण इसे 'गोल्डन ब्लड' कहा जाता है।
व्याख्या: Rh-null एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है जिसमें Rh प्रणाली के सभी 61 संभावित एंटीजन अनुपस्थित होते हैं। पूरी दुनिया में ऐसे 50 से भी कम व्यक्ति मिले हैं। इसकी दुर्लभता और सार्वभौमिक उपयोगिता (केवल Rh प्रणाली के लिए) के कारण इसे 'गोल्डन ब्लड' कहा जाता है।
Q20 से Q30 तक (कथन एवं अवधारणात्मक प्रश्न)
Q20. किसी Rh-ऋणात्मक व्यक्ति को पहली बार Rh-धनात्मक रक्त देने पर क्या होगा?
(a) व्यक्ति की तुरंत मृत्यु हो जाएगी।
(b) कोई गंभीर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं होगी, लेकिन उसका शरीर Rh एंटीबॉडी विकसित करना शुरू कर देगा।
(c) तीव्र एग्लूटिनेशन (थक्का बनना) तुरंत शुरू हो जाएगा।
(d) दाता का रक्त प्राप्तकर्ता के रक्त में पूरी तरह विलीन हो जाएगा और कोई बदलाव नहीं होगा।
उत्तर: (b) व्याख्या: पहली बार में शरीर एंटीबॉडी बनाने की प्रक्रिया शुरू करता है (Sensitization)। दूसरी बार Rh+ve रक्त देने पर गंभीर और जानलेवा प्रतिक्रिया होती है।
(a) व्यक्ति की तुरंत मृत्यु हो जाएगी।
(b) कोई गंभीर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं होगी, लेकिन उसका शरीर Rh एंटीबॉडी विकसित करना शुरू कर देगा।
(c) तीव्र एग्लूटिनेशन (थक्का बनना) तुरंत शुरू हो जाएगा।
(d) दाता का रक्त प्राप्तकर्ता के रक्त में पूरी तरह विलीन हो जाएगा और कोई बदलाव नहीं होगा।
उत्तर: (b) व्याख्या: पहली बार में शरीर एंटीबॉडी बनाने की प्रक्रिया शुरू करता है (Sensitization)। दूसरी बार Rh+ve रक्त देने पर गंभीर और जानलेवा प्रतिक्रिया होती है।
Q21. आनुवंशिकी के नियमों के अनुसार, Rh कारक की वंशागति कैसी होती है?
(a) Rh+ve अप्रभावी (Recessive) होता है।
(b) Rh+ve प्रभावी (Dominant) लक्षण है।
(c) यह केवल X-क्रोमोसोम से जुड़ा होता है।
(d) यह सह-प्रभाविता दिखाता है।
उत्तर: (b) व्याख्या: Rh-पॉजिटिव जीन ($R$) Rh-नेगेटिव जीन ($r$) पर प्रभावी होता है। इसलिए, $Rr$ जीनोटाइप वाला व्यक्ति भी Rh-पॉजिटिव होगा।
(a) Rh+ve अप्रभावी (Recessive) होता है।
(b) Rh+ve प्रभावी (Dominant) लक्षण है।
(c) यह केवल X-क्रोमोसोम से जुड़ा होता है।
(d) यह सह-प्रभाविता दिखाता है।
उत्तर: (b) व्याख्या: Rh-पॉजिटिव जीन ($R$) Rh-नेगेटिव जीन ($r$) पर प्रभावी होता है। इसलिए, $Rr$ जीनोटाइप वाला व्यक्ति भी Rh-पॉजिटिव होगा।
Q22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- IgG प्रकार की एंटीबॉडीज प्लेसेंटा (अपरा) को पार कर सकती हैं।
- IgM प्रकार की एंटीबॉडीज प्लेसेंटा को पार नहीं कर सकतीं क्योंकि उनका आकार बड़ा होता है।
- Rh एंटीबॉडीज मुख्य रूप से IgG प्रकार की होती हैं।
सही कथन चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) व्याख्या: Rh एंटीबॉडीज IgG प्रकृति की होती हैं, इसी कारण वे प्लेसेंटा को पार करके गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुँचा पाती हैं। जबकि ABO एंटीबॉडीज मुख्य रूप से IgM होती हैं, जो प्लेसेंटा पार नहीं कर पातीं।
Q23. प्रसव के दौरान Rh असंगति से प्रभावित शिशु में निम्नलिखित में से कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
- तीव्र एनीमिया (रक्ताल्पता)
- पीलिया (Jaundice)
- प्लीहा (Spleen) और यकृत का आकार बढ़ना (Hepatosplenomegaly)
कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) व्याख्या: आरबीसी के अत्यधिक टूटने (Hemolysis) के कारण बिलीरुबिन का स्तर बढ़ता है जिससे पीलिया होता है और आरबीसी की कमी से एनीमिया होता है।
Q24. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस में 'एरिथ्रोब्लास्ट' शब्द क्या दर्शाता है?
(a) परिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं
(b) अपरिपक्व, केंद्रक युक्त लाल रक्त कोशिकाएं (Immature Nucleated RBCs)
(c) नष्ट हो चुकी श्वेत रक्त कोशिकाएं
(d) रक्त के थक्के के कण
उत्तर: (b) व्याख्या: अत्यधिक रक्ताल्पता के कारण शिशु का अस्थि मज्जा (Bone Marrow) समय से पहले ही अपरिपक्व आरबीसी (एरिथ्रोब्लास्ट) को रक्त प्रवाह में छोड़ देता है।
(a) परिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं
(b) अपरिपक्व, केंद्रक युक्त लाल रक्त कोशिकाएं (Immature Nucleated RBCs)
(c) नष्ट हो चुकी श्वेत रक्त कोशिकाएं
(d) रक्त के थक्के के कण
उत्तर: (b) व्याख्या: अत्यधिक रक्ताल्पता के कारण शिशु का अस्थि मज्जा (Bone Marrow) समय से पहले ही अपरिपक्व आरबीसी (एरिथ्रोब्लास्ट) को रक्त प्रवाह में छोड़ देता है।
Q25. 'O ऋणात्मक' (O Negative / $O^{-}$) रक्त समूह को सार्वभौमिक दाता (Universal Donor) माना जाता है क्योंकि:
(a) इसमें A और B एंटीजन होते हैं परंतु Rh नहीं होता।
(b) इसमें न तो A, B एंटीजन होते हैं और न ही Rh एंटीजन होता है।
(c) इसके प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती।
(d) इसमें हीमोग्लोबिन की सांद्रता सर्वाधिक होती है।
उत्तर: (b) व्याख्या: $O^{-}$ आरबीसी पर कोई भी प्रमुख सतही एंटीजन (A, B या D) नहीं होता है, इसलिए इसे किसी भी प्राप्तकर्ता के शरीर में बिना किसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के चढ़ाया जा सकता है।
(a) इसमें A और B एंटीजन होते हैं परंतु Rh नहीं होता।
(b) इसमें न तो A, B एंटीजन होते हैं और न ही Rh एंटीजन होता है।
(c) इसके प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती।
(d) इसमें हीमोग्लोबिन की सांद्रता सर्वाधिक होती है।
उत्तर: (b) व्याख्या: $O^{-}$ आरबीसी पर कोई भी प्रमुख सतही एंटीजन (A, B या D) नहीं होता है, इसलिए इसे किसी भी प्राप्तकर्ता के शरीर में बिना किसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के चढ़ाया जा सकता है।
Q26. यदि माता का जीनोटाइप $rr$ (Rh-ve) है और पिता का $Rr$ (Rh+ve) है, तो उनकी संतानों के Rh+ve होने की प्रायिकता कितनी होगी?
(a) 0%
(b) 25%
(c) 50%
(d) 100%
उत्तर: (c) व्याख्या: पुनेट स्क्वायर ($rr \times Rr$) के अनुसार, 50% संतति $Rr$ (Rh+ve) और 50% $rr$ (Rh-ve) होंगी।
(a) 0%
(b) 25%
(c) 50%
(d) 100%
उत्तर: (c) व्याख्या: पुनेट स्क्वायर ($rr \times Rr$) के अनुसार, 50% संतति $Rr$ (Rh+ve) और 50% $rr$ (Rh-ve) होंगी।
Q27. रक्त आधान (Blood Transfusion) के दौरान निम्नलिखित में से किसकी जांच सबसे महत्वपूर्ण है?
(a) दाता के आरबीसी पर एंटीजन और प्राप्तकर्ता के प्लाज्मा में एंटीबॉडी
(b) दाता के प्लाज्मा में एंटीबॉडी और प्राप्तकर्ता के आरबीसी पर एंटीजन
(c) दोनों के श्वेत रक्त कणों की संख्या
(d) रक्त का तापमान
उत्तर: (a) व्याख्या: मुख्य प्रतिक्रिया दाता की कोशिकाओं (Antigen) पर प्राप्तकर्ता की एंटीबॉडीज के हमले के कारण होती है।
(a) दाता के आरबीसी पर एंटीजन और प्राप्तकर्ता के प्लाज्मा में एंटीबॉडी
(b) दाता के प्लाज्मा में एंटीबॉडी और प्राप्तकर्ता के आरबीसी पर एंटीजन
(c) दोनों के श्वेत रक्त कणों की संख्या
(d) रक्त का तापमान
उत्तर: (a) व्याख्या: मुख्य प्रतिक्रिया दाता की कोशिकाओं (Antigen) पर प्राप्तकर्ता की एंटीबॉडीज के हमले के कारण होती है।
Q28. Rh असंगति की समस्या सामान्यतः किस गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न नहीं होती है?
(a) पहली गर्भावस्था
(b) दूसरी गर्भावस्था
(c) तीसरी गर्भावस्था
(d) यह हर गर्भावस्था में समान रूप से घातक होती है
उत्तर: (a) व्याख्या: पहली गर्भावस्था के दौरान माता का रक्त शिशु के रक्त के संपर्क में प्रसव के समय आता है, इसलिए पहली संतान सामान्यतः सुरक्षित रहती है। एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया इसके बाद शुरू होती है।
(a) पहली गर्भावस्था
(b) दूसरी गर्भावस्था
(c) तीसरी गर्भावस्था
(d) यह हर गर्भावस्था में समान रूप से घातक होती है
उत्तर: (a) व्याख्या: पहली गर्भावस्था के दौरान माता का रक्त शिशु के रक्त के संपर्क में प्रसव के समय आता है, इसलिए पहली संतान सामान्यतः सुरक्षित रहती है। एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया इसके बाद शुरू होती है।
Q29. मानव रक्त में Rh कारक के अलावा अन्य कौन से लघु रक्त समूह तंत्र (Minor Blood Group Systems) पाए जाते हैं?
- केल (Kell) तंत्र
- डफी (Duffy) तंत्र
- एमएन (MN) तंत्र
कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनें:
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) व्याख्या: ABO और Rh के अलावा मानव रक्त में केल, डफी, कीड, एमएन जैसे कई अन्य गौण या लघु रक्त समूह तंत्र भी पाए जाते हैं, जो चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।
Q30. रक्त वाहिकाओं के भीतर रक्त का थक्का जमने से रोकने के लिए हमारे शरीर में कौन सा प्राकृतिक थक्का-रोधी (Anticoagulant) पाया जाता है?
(a) हिपेरिन (Heparin)
(b) हिरूडिन (Hirudin)
(c) सोडियम ऑक्सालेट
(d) थ्रोम्बोप्लास्टिन
उत्तर: (a) व्याख्या: मानव शरीर में यकृत (Liver) और मास्ट कोशिकाओं द्वारा 'हिपेरिन' का स्राव होता है, जो इन-विवो (शरीर के अंदर) रक्त का थक्का जमने से रोकता है।
(a) हिपेरिन (Heparin)
(b) हिरूडिन (Hirudin)
(c) सोडियम ऑक्सालेट
(d) थ्रोम्बोप्लास्टिन
उत्तर: (a) व्याख्या: मानव शरीर में यकृत (Liver) और मास्ट कोशिकाओं द्वारा 'हिपेरिन' का स्राव होता है, जो इन-विवो (शरीर के अंदर) रक्त का थक्का जमने से रोकता है।
भाग 3: व्यावहारिक अनुप्रयोग, अंग प्रत्यारोपण और समसामयिकी (Clinical Applications & UPSC Trend Based)
Q31. अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplantation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अंग प्रत्यारोपण से पूर्व केवल ऊतक मिलान (HLA Tissue Typing) आवश्यक है, रक्त समूह का मिलान आवश्यक नहीं है।
- यदि प्राप्तकर्ता और दाता का रक्त समूह असंगत (Incompatible) है, तो शरीर प्रत्यारोपित अंग को तुरंत अस्वीकार (Hyperacute Rejection) कर सकता है।
- 'O' रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी अन्य रक्त समूह वाले व्यक्ति से अंग प्राप्त कर सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) केवल 2
व्याख्या: अंग प्रत्यारोपण में भी रक्त समूह का मिलान सबसे पहला चरण होता है। असंगत रक्त समूह होने पर प्राप्तकर्ता की एंटीबॉडीज प्रत्यारोपित अंग की रक्त वाहिकाओं पर हमला कर देती हैं (Hyperacute Rejection)। 'O' रक्त समूह सार्वभौमिक रक्त दाता है, लेकिन अंग प्राप्त करने के मामले में वह केवल 'O' वाले से ही अंग ले सकता है, इसलिए कथन 3 गलत है।
व्याख्या: अंग प्रत्यारोपण में भी रक्त समूह का मिलान सबसे पहला चरण होता है। असंगत रक्त समूह होने पर प्राप्तकर्ता की एंटीबॉडीज प्रत्यारोपित अंग की रक्त वाहिकाओं पर हमला कर देती हैं (Hyperacute Rejection)। 'O' रक्त समूह सार्वभौमिक रक्त दाता है, लेकिन अंग प्राप्त करने के मामले में वह केवल 'O' वाले से ही अंग ले सकता है, इसलिए कथन 3 गलत है।
Q32. रक्त आधान (Blood Transfusion) के दौरान होने वाली 'तीव्र हेमोलिटिक आधान प्रतिक्रिया' (Acute Hemolytic Transfusion Reaction) के कारणों पर विचार कीजिए:
- यह मुख्य रूप से मिसमैच (गलत) ABO रक्त समूह चढ़ाने के कारण होती है।
- इसमें प्राप्तकर्ता का प्रतिरक्षी तंत्र दाता की लाल रक्त कोशिकाओं का अंतःवाहिका संलयन (Intravascular Hemolysis) कर देता है।
- इसके कारण तीव्र गुर्दा विफलता (Acute Renal Failure) हो सकती है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सत्य हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: गलत रक्त चढ़ाने पर आरबीसी बहुत तेजी से टूटती हैं। आरबीसी के टूटने से मुक्त हुआ हीमोग्लोबिन गुर्दे की नलिकाओं (Kidney tubules) को अवरुद्ध कर देता है, जिससे किडनी फेल हो सकती है।
व्याख्या: गलत रक्त चढ़ाने पर आरबीसी बहुत तेजी से टूटती हैं। आरबीसी के टूटने से मुक्त हुआ हीमोग्लोबिन गुर्दे की नलिकाओं (Kidney tubules) को अवरुद्ध कर देता है, जिससे किडनी फेल हो सकती है।
Q33 से Q50 तक (मिश्रित एवं उच्च स्तरीय प्रश्न)
Q33. फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में सूखे रक्त के धब्बों से रक्त समूह की पहचान करने के लिए किस तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाता है?
(a) वैद्युतकणसंचलन (Electrophoresis)
(b) अवशोषण-एलूशन तकनीक (Absorption-Elution Technique)
(c) पीसीआर (PCR)
(d) क्रोमैटोग्राफी
उत्तर: (b) व्याख्या: अवशोषण-एलूशन तकनीक द्वारा सूखे कपड़ों या सतहों पर मौजूद रक्त के एंटीजन की पहचान बहुत सटीकता से की जा सकती है।
(a) वैद्युतकणसंचलन (Electrophoresis)
(b) अवशोषण-एलूशन तकनीक (Absorption-Elution Technique)
(c) पीसीआर (PCR)
(d) क्रोमैटोग्राफी
उत्तर: (b) व्याख्या: अवशोषण-एलूशन तकनीक द्वारा सूखे कपड़ों या सतहों पर मौजूद रक्त के एंटीजन की पहचान बहुत सटीकता से की जा सकती है।
Q34. निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'प्लाज्मा फेरेसिस' (Plasmapheresis) को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
(a) रक्त से श्वेत रक्त कोशिकाओं को अलग करने की प्रक्रिया।
(b) वह प्रक्रिया जिसमें रक्त से प्लाज्मा को अलग करके शेष कोशिकाओं को पुनः शरीर में डाल दिया जाता है।
(c) कृत्रिम रूप से प्लाज्मा का निर्माण करना।
(d) अस्थि मज्जा से प्लाज्मा कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाना।
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लाज्माफेरेसिस में व्यक्ति का रक्त निकालकर मशीनों द्वारा प्लाज्मा (जिसमें एंटीबॉडी हो सकती हैं) अलग कर लिया जाता है और रक्त कोशिकाएं वापस मरीज को चढ़ा दी जाती हैं।
(a) रक्त से श्वेत रक्त कोशिकाओं को अलग करने की प्रक्रिया।
(b) वह प्रक्रिया जिसमें रक्त से प्लाज्मा को अलग करके शेष कोशिकाओं को पुनः शरीर में डाल दिया जाता है।
(c) कृत्रिम रूप से प्लाज्मा का निर्माण करना।
(d) अस्थि मज्जा से प्लाज्मा कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाना।
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लाज्माफेरेसिस में व्यक्ति का रक्त निकालकर मशीनों द्वारा प्लाज्मा (जिसमें एंटीबॉडी हो सकती हैं) अलग कर लिया जाता है और रक्त कोशिकाएं वापस मरीज को चढ़ा दी जाती हैं।
Q35. चिकित्सा विज्ञान में 'क्रायोप्रेसिपिटेट' (Cryoprecipitate) का उपयोग किस स्थिति में किया जाता है?
(a) अत्यधिक एनीमिया के उपचार में
(b) थक्के के विकारों (जैसे हीमोफिलिया और वॉन विलेब्रांड रोग) में ब्लीडिंग रोकने के लिए
(c) ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) के इलाज में
(d) मलेरिया के तीव्र संक्रमण में
उत्तर: (b) व्याख्या: क्रायोप्रेसिपिटेट फ्रोजन प्लाज्मा से तैयार किया जाता है जिसमें फैक्टर VIII, फाइब्रिनोजेन और वॉन विलेब्रांड फैक्टर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो रक्त का थक्का जमाने में मदद करते हैं।
(a) अत्यधिक एनीमिया के उपचार में
(b) थक्के के विकारों (जैसे हीमोफिलिया और वॉन विलेब्रांड रोग) में ब्लीडिंग रोकने के लिए
(c) ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) के इलाज में
(d) मलेरिया के तीव्र संक्रमण में
उत्तर: (b) व्याख्या: क्रायोप्रेसिपिटेट फ्रोजन प्लाज्मा से तैयार किया जाता है जिसमें फैक्टर VIII, फाइब्रिनोजेन और वॉन विलेब्रांड फैक्टर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो रक्त का थक्का जमाने में मदद करते हैं।
Q36. सामान्य स्थिति में एकत्रित किए गए मानव रक्त (Whole Blood) को ब्लड बैंक में कितने तापमान पर और कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है?
(a) $0^{\circ} \mathrm{C}$ से कम पर, अनिश्चित काल के लिए
(b) $2^{\circ} \mathrm{C}$ से $6^{\circ} \mathrm{C}$ पर, लगभग 35 से 42 दिनों तक
(c) कमरे के तापमान पर, 15 दिनों तक
(d) $-20^{\circ} \mathrm{C}$ पर, केवल 7 दिनों तक
उत्तर: (b) व्याख्या: सामान्य रक्त को जमने से बचाने और उसकी कोशिकाओं को जीवित रखने के लिए $2-6^{\circ} \mathrm{C}$ पर CPD-A जैसे थक्का-रोधी रसायनों के साथ अधिकतम 35-42 दिनों तक रखा जाता है।
(a) $0^{\circ} \mathrm{C}$ से कम पर, अनिश्चित काल के लिए
(b) $2^{\circ} \mathrm{C}$ से $6^{\circ} \mathrm{C}$ पर, लगभग 35 से 42 दिनों तक
(c) कमरे के तापमान पर, 15 दिनों तक
(d) $-20^{\circ} \mathrm{C}$ पर, केवल 7 दिनों तक
उत्तर: (b) व्याख्या: सामान्य रक्त को जमने से बचाने और उसकी कोशिकाओं को जीवित रखने के लिए $2-6^{\circ} \mathrm{C}$ पर CPD-A जैसे थक्का-रोधी रसायनों के साथ अधिकतम 35-42 दिनों तक रखा जाता है।
Q37. ब्लड बैंकों में रक्त को जमने से रोकने के लिए निम्नलिखित में से किस रसायन का उपयोग एंटीकोआगुलेंट के रूप में किया जाता है?
- सोडियम साइट्रेट (Sodium Citrate)
- सिट्रेट फॉस्फेट डेक्सट्रोज (CPD)
- EDTA
सही कूट चुनें:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) व्याख्या: ये सभी रसायन कैल्शियम आयनों को बांधकर (Chelation) रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया को रोकते हैं। ब्लड बैंक बैग्स में सामान्यतः CPD या CPDA का उपयोग होता है।
Q38. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): 'AB' रक्त समूह वाले व्यक्ति को किसी भी अन्य समूह का रक्त दिया जा सकता है, इसलिए इसे सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता कहते हैं।
कारण (R): 'AB' रक्त समूह की लाल रक्त कोशिकाओं पर कोई एंटीजन नहीं होता है।
सही कूट का चयन कीजिए:
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (c) व्याख्या: कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है क्योंकि AB रक्त समूह की आरबीसी पर A और B दोनों एंटीजन मौजूद होते हैं; इसके प्लाज्मा में एंटीबॉडी नहीं होती।
कथन (A): 'AB' रक्त समूह वाले व्यक्ति को किसी भी अन्य समूह का रक्त दिया जा सकता है, इसलिए इसे सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता कहते हैं।
कारण (R): 'AB' रक्त समूह की लाल रक्त कोशिकाओं पर कोई एंटीजन नहीं होता है।
सही कूट का चयन कीजिए:
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर: (c) व्याख्या: कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है क्योंकि AB रक्त समूह की आरबीसी पर A और B दोनों एंटीजन मौजूद होते हैं; इसके प्लाज्मा में एंटीबॉडी नहीं होती।
Q39. निम्नलिखित में से कौन सी बीमारी 'रक्त आधान' (Blood Transfusion) के माध्यम से संचारित हो सकती है?
- एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)
- हेपेटाइटिस B और C
- मलेरिया और सिफलिस
कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d) व्याख्या: यदि डोनर संक्रमित है, तो रक्त के माध्यम से वायरस (HIV, Hepatitis), प्रोटोजोआ (Malaria) और बैक्टीरिया (Syphilis) प्राप्तकर्ता के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसलिए ब्लड स्क्रीनिंग अनिवार्य है।
Q40. 'एरिथ्रोपोटिन' (Erythropoietin) हार्मोन, जो आरबीसी के उत्पादन को उत्तेजित करता है, मुख्य रूप से किस अंग द्वारा स्रावित होता है?
(a) अस्थि मज्जा (Bone Marrow)
(b) वृक्क (Kidney)
(c) यकृत (Liver)
(d) प्लीहा (Spleen)
उत्तर: (b) व्याख्या: गुर्दे (Kidney) रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करते हैं और कमी होने पर एरिथ्रोपोटिन हार्मोन छोड़ते हैं, जो अस्थि मज्जा को अधिक आरबीसी बनाने के लिए प्रेरित करता है।
(a) अस्थि मज्जा (Bone Marrow)
(b) वृक्क (Kidney)
(c) यकृत (Liver)
(d) प्लीहा (Spleen)
उत्तर: (b) व्याख्या: गुर्दे (Kidney) रक्त में ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करते हैं और कमी होने पर एरिथ्रोपोटिन हार्मोन छोड़ते हैं, जो अस्थि मज्जा को अधिक आरबीसी बनाने के लिए प्रेरित करता है।
Q41. किसी भ्रूण में सबसे पहली रक्त कोशिकाएं (First Blood Cells) कहाँ बनती हैं?
(a) यकृत (Liver) में
(b) प्लीहा (Spleen) में
(c) योक सैक (Yolk Sac) में
(d) थाइमस ग्रंथि में
उत्तर: (c) व्याख्या: गर्भावस्था के प्रारंभिक हफ्तों में योक सैक (Yolk sac) में रक्त का निर्माण होता है। बाद में यकृत और प्लीहा यह कार्य संभालते हैं, और जन्म के समय तक यह कार्य पूर्णतः लाल अस्थि मज्जा (Red Bone Marrow) में स्थानांतरित हो जाता है।
(a) यकृत (Liver) में
(b) प्लीहा (Spleen) में
(c) योक सैक (Yolk Sac) में
(d) थाइमस ग्रंथि में
उत्तर: (c) व्याख्या: गर्भावस्था के प्रारंभिक हफ्तों में योक सैक (Yolk sac) में रक्त का निर्माण होता है। बाद में यकृत और प्लीहा यह कार्य संभालते हैं, और जन्म के समय तक यह कार्य पूर्णतः लाल अस्थि मज्जा (Red Bone Marrow) में स्थानांतरित हो जाता है।
Q42. वयस्क मानव शरीर में 'रक्त बैंक' या 'RBC का कब्रिस्तान' (Graveyard of RBCs) किसे कहा जाता है?
(a) यकृत (Liver)
(b) प्लीहा (Spleen)
(c) हृदय (Heart)
(d) मज्जा (Marrow)
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लीहा (Spleen या तिल्ली) पुरानी और क्षतिग्रस्त आरबीसी को छानकर नष्ट करती है। साथ ही यह आपातकाल के लिए रक्त का संचय भी करती है, इसलिए इसे दोनों उपनाम दिए गए हैं।
(a) यकृत (Liver)
(b) प्लीहा (Spleen)
(c) हृदय (Heart)
(d) मज्जा (Marrow)
उत्तर: (b) व्याख्या: प्लीहा (Spleen या तिल्ली) पुरानी और क्षतिग्रस्त आरबीसी को छानकर नष्ट करती है। साथ ही यह आपातकाल के लिए रक्त का संचय भी करती है, इसलिए इसे दोनों उपनाम दिए गए हैं।
Q43. आरबीसी की सतह पर पाए जाने वाले एंटीजन रासायनिक रूप से मुख्य रूप से क्या होते हैं?
(a) शुद्ध लिपिड
(b) ग्लाइकोप्रोटीन या ग्लाइकोलिपिड (Carbohydrate + Protein/Lipid)
(c) शुद्ध न्यूक्लिक अम्ल
(d) अकार्बनिक लवण
उत्तर: (b) व्याख्या: रक्त समूह एंटीजन वास्तव में ओलिगोसैकराइड (शर्करा) की श्रृंखलाएं होती हैं जो आरबीसी झिल्ली के प्रोटीन या लिपिड से जुड़ी होती हैं।
(a) शुद्ध लिपिड
(b) ग्लाइकोप्रोटीन या ग्लाइकोलिपिड (Carbohydrate + Protein/Lipid)
(c) शुद्ध न्यूक्लिक अम्ल
(d) अकार्बनिक लवण
उत्तर: (b) व्याख्या: रक्त समूह एंटीजन वास्तव में ओलिगोसैकराइड (शर्करा) की श्रृंखलाएं होती हैं जो आरबीसी झिल्ली के प्रोटीन या लिपिड से जुड़ी होती हैं।
Q44. यदि किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो जाता है और उसके पास अपना रक्त समूह जांचने का समय नहीं है, तो डॉक्टर को उसे कौन सा रक्त सुरक्षित रूप से देना चाहिए?
(a) $AB^{+}$
(b) $AB^{-}$
(c) $O^{+}$
(d) $O^{-}$
उत्तर: (d) व्याख्या: $O^{-}$ रक्त में कोई एंटीजन (A, B, D) नहीं होता, जिससे प्राप्तकर्ता का शरीर तुरंत कोई तीव्र प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया नहीं करता और मरीज की जान बचाई जा सकती है।
(a) $AB^{+}$
(b) $AB^{-}$
(c) $O^{+}$
(d) $O^{-}$
उत्तर: (d) व्याख्या: $O^{-}$ रक्त में कोई एंटीजन (A, B, D) नहीं होता, जिससे प्राप्तकर्ता का शरीर तुरंत कोई तीव्र प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया नहीं करता और मरीज की जान बचाई जा सकती है।
Q45. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- नवजात शिशुओं का प्रतिरक्षा तंत्र पूर्ण विकसित न होने के कारण उनमें जन्म के समय एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडीज बहुत कम या अनुपस्थित होती हैं।
- ये एंटीबॉडीज जीवन के पहले कुछ महीनों में पर्यावरण और आंत के बैक्टीरिया के संपर्क में आने के बाद विकसित होती हैं।
सही कथन चुनिए:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: दोनों कथन सही हैं। जन्म के समय शिशु में प्राकृतिक एबीओ एंटीबॉडीज नहीं होती हैं, वे भोजन और आंतों के बैक्टीरिया में मौजूद शर्करा के प्रति संवेदीकरण (Sensitization) के कारण धीरे-धीरे बनती हैं।
Q46. 'पॉलीसिथेमिया' (Polycythemia) नामक स्थिति का क्या अर्थ है?
(a) रक्त में प्लेटलेट्स की अत्यधिक कमी होना।
(b) रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की संख्या का असामान्य रूप से बढ़ जाना।
(c) हीमोग्लोबिन का निर्माण पूरी तरह बंद हो जाना।
(d) श्वेत रक्त कोशिकाओं का कैंसर।
उत्तर: (b) व्याख्या: पॉलीसिथेमिया में आरबीसी की संख्या बहुत बढ़ जाती है जिससे रक्त गाढ़ा (Viscous) हो जाता है और परिसंचरण में रुकावट आ सकती है। यह ऊंचे पहाड़ों पर रहने वाले लोगों में प्राकृतिक रूप से भी हो सकता है।
(a) रक्त में प्लेटलेट्स की अत्यधिक कमी होना।
(b) रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की संख्या का असामान्य रूप से बढ़ जाना।
(c) हीमोग्लोबिन का निर्माण पूरी तरह बंद हो जाना।
(d) श्वेत रक्त कोशिकाओं का कैंसर।
उत्तर: (b) व्याख्या: पॉलीसिथेमिया में आरबीसी की संख्या बहुत बढ़ जाती है जिससे रक्त गाढ़ा (Viscous) हो जाता है और परिसंचरण में रुकावट आ सकती है। यह ऊंचे पहाड़ों पर रहने वाले लोगों में प्राकृतिक रूप से भी हो सकता है।
Q47. लैंडस्टाइनर द्वारा खोजी गई मूल ABO प्रणाली के अंतर्गत कौन सा रक्त समूह शुरुआत में शामिल नहीं था और उसे बाद में (1902 में) खोजा गया?
(a) रक्त समूह O
(b) रक्त समूह A
(c) रक्त समूह B
(d) रक्त समूह AB
उत्तर: (d) व्याख्या: लैंडस्टाइनर ने 1901 में केवल A, B और O (शुरुआत में इसे C नाम दिया गया था) की खोज की थी। 'AB' रक्त समूह की खोज उनके सहयोगियों डीकास्टेलो और स्टुर्ली ने 1902 में की थी।
(a) रक्त समूह O
(b) रक्त समूह A
(c) रक्त समूह B
(d) रक्त समूह AB
उत्तर: (d) व्याख्या: लैंडस्टाइनर ने 1901 में केवल A, B और O (शुरुआत में इसे C नाम दिया गया था) की खोज की थी। 'AB' रक्त समूह की खोज उनके सहयोगियों डीकास्टेलो और स्टुर्ली ने 1902 में की थी।
Q48. 'ल्यूकोपेनिया' (Leukopenia) शब्द से क्या तात्पर्य है?
(a) आरबीसी की कमी
(b) डब्ल्यूबीसी (WBC) की संख्या में असामान्य कमी
(c) प्लेटलेट्स की तीव्र वृद्धि
(d) प्लाज्मा का सूख जाना
उत्तर: (b) व्याख्या: डब्ल्यूबीसी की संख्या सामान्य से कम हो जाने को ल्यूकोपेनिया कहते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है (जैसे एड्स या कीमोथेरेपी के दौरान)।
(a) आरबीसी की कमी
(b) डब्ल्यूबीसी (WBC) की संख्या में असामान्य कमी
(c) प्लेटलेट्स की तीव्र वृद्धि
(d) प्लाज्मा का सूख जाना
उत्तर: (b) व्याख्या: डब्ल्यूबीसी की संख्या सामान्य से कम हो जाने को ल्यूकोपेनिया कहते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है (जैसे एड्स या कीमोथेरेपी के दौरान)।
Q49. डेंगू बुखार के दौरान मानव रक्त के किस घटक की भारी कमी हो जाती है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है?
(a) प्लाज्मा प्रोटीन
(b) प्लेटलेट्स (Platelets / थ्रोम्बोसाइट्स)
(c) एरिथ्रोसाइट्स
(d) हीमोग्लोबिन
उत्तर: (b) व्याख्या: डेंगू वायरस अस्थि मज्जा को प्रभावित करता है और प्लेटलेट्स को नष्ट करता है। प्लेटलेट्स रक्त का थक्का जमाने के लिए जिम्मेदार होती हैं, अतः इनकी कमी (Thrombocytopenia) से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
(a) प्लाज्मा प्रोटीन
(b) प्लेटलेट्स (Platelets / थ्रोम्बोसाइट्स)
(c) एरिथ्रोसाइट्स
(d) हीमोग्लोबिन
उत्तर: (b) व्याख्या: डेंगू वायरस अस्थि मज्जा को प्रभावित करता है और प्लेटलेट्स को नष्ट करता है। प्लेटलेट्स रक्त का थक्का जमाने के लिए जिम्मेदार होती हैं, अतः इनकी कमी (Thrombocytopenia) से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
Q50. जब किसी व्यक्ति की उम्र बढ़ती है (वृद्धावस्था), तो उसके रक्तचाप (Blood Pressure) और रक्त निर्माण की प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(a) रक्तचाप घटता है और आरबीसी निर्माण बढ़ता है।
(b) रक्तचाप सामान्यतः बढ़ता है (धमनियों के कड़े होने के कारण) और अस्थि मज्जा की सक्रियता घटने से रक्त निर्माण की दर कम होती है।
(c) दोनों में कोई परिवर्तन नहीं होता।
(d) रक्त पूरी तरह से प्लाज्मा में बदल जाता है।
उत्तर: (b) व्याख्या: उम्र बढ़ने के साथ धमनियों की लोच (Elasticity) कम हो जाती है जिससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। साथ ही सक्रिय लाल अस्थि मज्जा धीरे-धीरे पीले (वसामय) मज्जा में बदलने लगती है, जिससे रक्त उत्पादन की क्षमता धीमी हो जाती है।
(a) रक्तचाप घटता है और आरबीसी निर्माण बढ़ता है।
(b) रक्तचाप सामान्यतः बढ़ता है (धमनियों के कड़े होने के कारण) और अस्थि मज्जा की सक्रियता घटने से रक्त निर्माण की दर कम होती है।
(c) दोनों में कोई परिवर्तन नहीं होता।
(d) रक्त पूरी तरह से प्लाज्मा में बदल जाता है।
उत्तर: (b) व्याख्या: उम्र बढ़ने के साथ धमनियों की लोच (Elasticity) कम हो जाती है जिससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। साथ ही सक्रिय लाल अस्थि मज्जा धीरे-धीरे पीले (वसामय) मज्जा में बदलने लगती है, जिससे रक्त उत्पादन की क्षमता धीमी हो जाती है।