पादप ऊतक (Plant Tissues)
पादप ऊतक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: विभाज्योतक ऊतक (Meristematic Tissues) और स्थायी ऊतक (Permanent Tissues)। पौधों की वृद्धि, विकास और आंतरिक संरचना में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
1. विभाज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)
ये सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं का समूह हैं। इन कोशिकाओं में कोशिका विभाजन की अपार क्षमता होती है, जिसके कारण पौधे जीवनभर वृद्धि करते रहते हैं। इनकी कोशिका भित्ति पतली (सेलूलोज़ की बनी) होती है, रसधानी (Vacuole) छोटी या अनुपस्थित होती है, और केंद्रक (Nucleus) स्पष्ट व बड़ा होता है।
स्थिति और कार्य के आधार पर इन्हें तीन भागों में बांटा जाता है:
- A. शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem):
- स्थिति: यह जड़ और तने के अंतिम सिरों (शिखा) पर पाया जाता है।
- कार्य: इसके कारण पौधे की प्राथमिक वृद्धि (Primary Growth) होती है, यानी जड़ और तने की लंबाई में वृद्धि होती है।
- UPSC विशेष: जड़ के अग्र भाग (मूल गोप या Root Cap के ठीक पीछे) में यही ऊतक पाया जाता है, जो जड़ को नीचे मिट्टी में आगे बढ़ाने में मदद करता है।
- B. अंतर्वेशी विभाज्योतक (Intercalary Meristem):
- स्थिति: यह पत्तियों के आधार पर या पर्वों (Nodes / Internodes) के बीच में पाया जाता है (जैसे घास या बांस के पौधों में)।
- कार्य: तने और शाखाओं की लंबाई बढ़ाना तथा शाकाहारी जंतुओं द्वारा खाए गए हिस्सों (जैसे घास का चरना) की पुनः वृद्धि करना।
- C. पार्श्व विभाज्योतक / कैम्बियम (Lateral Meristem / Cambium):
- स्थिति: यह तने और जड़ के पार्श्व (किनारों या परिधि) में पाया जाता है (जैसे कॉर्क कैम्बियम और संवहन कैम्बियम)।
- कार्य: इसके कारण पौधे की द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) होती है, जिससे तने और जड़ की मोटाई (परिधि) बढ़ती है। काष्ठ (Wood) का निर्माण इसी से होता है।
2. स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
जब विभाज्योतक ऊतक की कोशिकाएं विभाजित होना बंद कर देती हैं और एक निश्चित आकार, आकृति व कार्य ग्रहण कर लेती हैं, तब वे स्थायी ऊतक का निर्माण करती हैं (इस प्रक्रिया को विभेदन / Differentiation कहते हैं)।
स्थायी ऊतक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
(क) सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue)
ये एक ही प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं और पौधे को सुरक्षा, सहारा व भोजन भंडारण प्रदान करते हैं। इसके तीन मुख्य प्रकार हैं:
- पैरेन्काइमा (Parenchyma):
- विशेषताएं: यह सबसे सामान्य और प्राचीन पादप ऊतक है। कोशिकाएं जीवित, गोलाकार या अंडाकार, और आपस में ढीली जुड़ी होती हैं (अंतरकोशिकीय स्थान पाया जाता है)।
- कार्य: भोजन का संचय (Storage), प्रकाश संश्लेषण (यदि इसमें क्लोरोफिल हो, तब इसे क्लोरेन्काइमा कहते हैं)।
- विशिष्ट रूप: जलीय पौधों (Hydrophytes) में पैरेन्काइमा के बीच बड़ी हवा की गुहाएं (Air cavities) होती हैं, जिन्हें एइरेन्काइमा (Aerenchyma) कहते हैं। यह पौधों को पानी पर तैरने (उत्प्लावन / Buoyancy) में मदद करता है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma):
- विशेषताएं: कोशिकाएं जीवित होती हैं लेकिन इनके कोनों पर पेक्टिन और सेलूलोज़ के जमाव के कारण कोशिका भित्ति मोटी होती है।
- कार्य: पौधों को यांत्रिक सहायता और लचक (Flexibility / Bending) प्रदान करना।
- UPSC विशेष: हवा के तेज झोंके चलने पर पौधे बिना टूटे आसानी से झुक जाते हैं, जिसका मुख्य कारण कोलेन्काइमा ही है (विशेषकर तने और पत्तियों के वृंत में)।
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma):
- विशेषताएं: कोशिकाएं मृत होती हैं। इनकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का अत्यधिक जमाव होता है, जो इसे सीमेंट जैसा कठोर बनाता है (अंतरकोशिकीय स्थान बिल्कुल नहीं होता)।
- कार्य: पौधे के अंगों को अत्यधिक कठोरता, मजबूती और यांत्रिक दृढ़ता देना।
- उदाहरण: नारियल का बाहरी छिलका (Coir), बादाम और अखरोट का कड़ा आवरण, नाशपाती के गूदे में पाए जाने वाले कड़े कण (Stone cells)।
(ख) जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)
ये एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं, लेकिन सभी कोशिकाएं मिलकर एक समान कार्य (परिवहन) को पूरा करती हैं। इन्हें संवहन ऊतक (Vascular Tissues) भी कहा जाता है।
- जायलम (Xylem - दारु):
- कार्य: यह पौधों में जल और खनिज लवणों का परिवहन करता है। दिशा हमेशा एकदिशीय (Unidirectional - नीचे से ऊपर यानी जड़ से पत्तियों की ओर) होती है।
- घटक (Components):
- ट्रैकीड्स (Tracheids) और वाहिकाएं (Vessels): नलिका जैसी संरचनाएं जो जल और खनिजों के ऊर्ध्वाधर (vertical) परिवहन के लिए मुख्य रास्ते हैं (एंजियोस्पर्म में वाहिकाएं प्रमुख होती हैं)।
- जायलम पैरेन्काइमा (Xylem Parenchyma): जीवित कोशिकाएं जो भोजन का भंडारण करती हैं।
- जायलम फाइबर (Xylem Fibers): मृत और लिग्निनयुक्त कोशिकाएं जो पौधों को यांत्रिक शक्ति देती हैं।
- फ्लोएम (Phloem - वाह्य त्वचा / पोषवाह):
- कार्य: यह पत्तियों द्वारा तैयार किए गए भोजन (सुक्रोज/कार्बनिक पदार्थ) को पौधे के अन्य भागों (जड़ और तने) तक पहुंचाता है। इसकी परिवहन दिशा द्विदिशीय (Bidirectional - ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर दोनों) हो सकती है।
- घटक (Components):
- चालनी नलिकाएं (Sieve Tubes): छिद्रित भित्ति वाली लंबी नलिकाएं जिनके माध्यम से भोजन का प्रवाह होता है (इनमें परिपक्व अवस्था में केंद्रक नहीं होता)।
- साथी कोशिकाएं (Companion Cells): चालनी नलिकाओं के नियंत्रण और कामकाज में सहायता करती हैं।
- फ्लोएम पैरेन्काइमा (Phloem Parenchyma): भोजन का भंडारण।
- फ्लोएम फाइबर (Phloem Fibers): पादप रेशे (जैसे जूट, सन, और भांग के रेशे, जो आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं)।
3. परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Facts)
- वार्षिक वलय (Annual Rings): पेड़ों की आयु का निर्धारण उनके तने में मौजूद 'द्वितीयक जाइलम' के वार्षिकोत्सव वलयों (Growth Rings / Dendrochronology) को गिनकर किया जाता है।
- स्टोमेटा (Stomata) नियंत्रण: पत्तियों की सतह पर गैसों का आदान-प्रदान और वाष्पोसर्जन (Transpiration) स्टोमेटा के माध्यम से होता है, जिनकी गति द्वार कोशिकाओं (Guard cells) की स्फीतिदाब (Turgor pressure) पर निर्भर करती है।
- मृत ऊतक बहुलता: एक परिपक्व पेड़ में अधिकांश ऊतक मृत (जैसे स्क्लेरेन्काइमा और मृत जायलम वाहिकाएं) होते हैं, क्योंकि उन्हें जीवित रहने के लिए चयापचय ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि केवल संरचनात्मक मजबूती चाहिए होती है।
Q.1 पादप ऊतकों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- विभाज्योतक ऊतक (Meristematic Tissues) की कोशिकाओं में विभाजन की निरंतर क्षमता होती है।
- स्थायी ऊतक (Permanent Tissues) की कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं और एक विशिष्ट आकार ले लेती हैं।
- (अ) केवल 1
- (ब) केवल 2
- (स) 1 और 2 दोनों
- (द) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (स) 1 और 2 दोनोंव्याख्या: पादप ऊतकों को मुख्य रूप से उनकी विभाजन क्षमता के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है। विभाज्योतक ऊतक लगातार विभाजित होने वाली कोशिकाओं के बने होते हैं, जिससे पौधे की वृद्धि होती है। जब ये कोशिकाएं परिपक्व होकर अपनी विभाजन क्षमता खो देती हैं और किसी विशेष कार्य के लिए विभेदित (differentiate) हो जाती हैं, तो उन्हें स्थायी ऊतक कहा जाता है।
Q.2 पौधों की प्राथमिक वृद्धि (Primary Growth) यानी जड़ और तने की लंबाई में वृद्धि के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?
- (अ) पार्श्व विभाज्योतक (Lateral Meristem)
- (ब) शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem)
- (स) कॉर्क कैम्बियम (Cork Cambium)
- (द) स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
उत्तर: (ब) शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem)व्याख्या: शीर्षस्थ विभाज्योतक जड़ और तने के अंतिम सिरों (शिखा) पर पाया जाता है। इसके सक्रिय विभाजन के कारण पौधे की लंबाई में वृद्धि होती है, जिसे प्राथमिक वृद्धि कहा जाता है। जड़ का अग्र भाग (मूल शीर्ष) इसी का हिस्सा होता है।
Q.3 तने और जड़ की मोटाई (परिधि) में वृद्धि—जिसे द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) कहा जाता है—के लिए निम्नलिखित में से कौन उत्तरदायी है?
- (अ) अंतर्वेशी विभाज्योतक
- (ब) एपिकल मेरीस्टेम
- (स) पार्श्व विभाज्योतक / कैम्बियम (Lateral Meristem / Cambium)
- (द) पैरेन्काइमा
उत्तर: (स) पार्श्व विभाज्योतक / कैम्बियम (Lateral Meristem / Cambium)व्याख्या: पार्श्व विभाज्योतक (जैसे वैस्कुलर कैम्बियम और कॉर्क कैम्बियम) तने और जड़ के किनारों (परिधि) पर स्थित होते हैं। इनके विभाजन से पौधे की मोटाई बढ़ती है, जिससे पुराने पौधों में काष्ठ (Wood) का निर्माण होता है।
Q.4 घास या बांस जैसे पौधों में तने की लंबाई में अचानक वृद्धि या शाकाहारी जंतुओं द्वारा चरने के बाद उनकी पुनः वृद्धि के लिए कौन सा ऊतक जिम्मेदार है?
- (अ) शीर्षस्थ विभाज्योतक
- (ब) अंतर्वेशी विभाज्योतक (Intercalary Meristem)
- (स) जाइलम
- (द) कोलेन्काइमा
उत्तर: (ब) अंतर्वेशी विभाज्योतक (Intercalary Meristem)व्याख्या: अंतर्वेशी विभाज्योतक पत्तियों के आधार पर या पर्वों (Nodes/Internodes) के बीच में पाया जाता है। यह घास जैसी प्रजातियों में बहुत सक्रिय होता है और तने के निचले हिस्से या पर्वों की लंबाई बढ़ाता है।
Q.5 जलीय पौधों (Hydrophytes) में वायु गुहाएं (Air cavities) पाई जाती हैं, जो उन्हें पानी पर तैरने में मदद करती हैं। इस विशेष प्रकार के पैरेन्काइमा ऊतक को क्या कहते हैं?
- (अ) क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma)
- (ब) एइरेन्काइमा (Aerenchyma)
- (स) स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
- (द) प्रोसेंकाइमा (Prosenchyma)
उत्तर: (ब) एइरेन्काइमा (Aerenchyma)व्याख्या: जलीय पौधों में पैरेन्काइमा की कोशिकाओं के बीच बड़ी-बड़ी वायु गुहाएं बन जाती हैं, जिससे पौधे हल्के हो जाते हैं और उन्हें जल में तैरने (उत्प्लावन) के लिए आवश्यक उछाल मिलता है। इस रूपांतरित पैरेन्काइमा को एइरेन्काइमा कहते हैं।
Q.6 पादपों में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) करने वाले पैरेन्काइमा ऊतक को किस नाम से जाना जाता है?
- (अ) एइरेन्काइमा
- (ब) क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma)
- (स) प्रोटोजाइलम
- (द) जाइलम पैरेन्काइमा
उत्तर: (ब) क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma)व्याख्या: जब पैरेन्काइमा की कोशिकाओं में क्लोरोफिल पाया जाता है (जैसे हरी पत्तियों के पर्णमध्योतक या मेसोफिल ऊतक में), तो यह प्रकाश संश्लेषण का कार्य करती हैं। ऐसे क्लोरोफिलयुक्त पैरेन्काइमा को क्लोरेन्काइमा कहा जाता है।
Q.7 हवा के तेज झोंके चलने पर पौधे बिना टूटे आसानी से झुक जाते हैं और पुनः अपनी स्थिति में आ जाते हैं। पौधों को यह लचीलापन और यांत्रिक सहायता कौन सा ऊतक प्रदान करता है?
- (अ) पैरेन्काइमा
- (ब) कोलेन्काइमा (Collenchyma)
- (स) स्क्लेरेन्काइमा
- (द) फ्लोएम
उत्तर: (ब) कोलेन्काइमा (Collenchyma)व्याख्या: कोलेन्काइमा जीवित स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिका भित्ति कोनों पर सेलूलोज़ और पेक्टिन के असमान जमाव के कारण मोटी होती है। यह पौधों के उभरते हुए अंगों (जैसे युवा तने और पत्तियों के वृंत) को बिना टूटे लचीलापन और तन्य शक्ति देता है।
Q.8 नारियल का बाहरी रेशा (Coir), बादाम और अखरोट का कड़ा छिलका किस ऊतक की अत्यधिक उपस्थिति के कारण कठोर होता है?
- (अ) पैरेन्काइमा
- (ब) कोलेन्काइमा
- (स) स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
- (द) मेरिस्टेम
उत्तर: (स) स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)व्याख्या: स्क्लेरेन्काइमा मृत कोशिकाओं से बना ऊतक है। इसकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का अत्यधिक जमाव होता है, जो इसे अत्यंत कठोर और मजबूत बनाता है। यही कारण है कि नारियल के रेशे और कठोर फल आवरण इसी ऊतक से बने होते हैं।
Q.9 पादप संवहन तंत्र (Vascular Bundle) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- जाइलम और फ्लोएम दोनों मिलकर जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) बनाते हैं।
- जाइलम मुख्य रूप से जल और खनिजों का द्विदिशीय (Bidirectional) परिवहन करता है।
- उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- (अ) केवल 1
- (ब) केवल 2
- (स) 1 और 2 दोनों
- (द) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (अ) केवल 1व्याख्या: कथन 1 सही है क्योंकि जाइलम और फ्लोएम जटिल ऊतक हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि जाइलम द्वारा जल और खनिजों का परिवहन हमेशा एकदिशीय (Unidirectional - नीचे से ऊपर यानी जड़ों से पत्तियों की ओर) होता है, जबकि द्विदिशीय परिवहन फ्लोएम द्वारा भोजन का होता है।
Q.10 जाइलम ऊतक के घटकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा एक घटक मृत कोशिका नहीं है?
- (अ) जाइलम वाहिकाएं (Vessels)
- (ब) ट्रैकीड्स (Tracheids)
- (स) जायलम फाइबर (Xylem Fibers)
- (द) जायलम पैरेन्काइमा (Xylem Parenchyma)
उत्तर: (द) जायलम पैरेन्काइमा (Xylem Parenchyma)व्याख्या: जाइलम के चार प्रमुख घटकों में से ट्रैकीड्स, वाहिकाएं और जायलम फाइबर मृत और लिग्निनयुक्त कोशिकाएं होती हैं, जो संरचनात्मक मजबूती और जल संवहन में मदद करती हैं। केवल जायलम पैरेन्काइमा जीवित कोशिका होती है, जो भोजन (स्टार्च व वसा) का भंडारण करती है।
Q.11 फ्लोएम ऊतक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- (अ) फ्लोएम पत्तियों द्वारा तैयार खाद्य पदार्थों को पौधे के अन्य भागों तक पहुंचाता है।
- (ब) फ्लोएम में चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) और साथी कोशिकाएं (Companion cells) भोजन के संवहन में सहयोग करती हैं।
- (स) फ्लोएम में परिवहन केवल नीचे से ऊपर की ओर होता है।
- (द) फ्लोएम फाइबर को छोड़कर अधिकांश फ्लोएम कोशिकाएं जीवित होती हैं।
उत्तर: (स) फ्लोएम में परिवहन केवल नीचे से ऊपर की ओर होता है।व्याख्या: यह कथन गलत है। फ्लोएम द्वारा भोजन का परिवहन द्विदिशीय (Bidirectional) होता है यानी यह पत्तियों से जड़ों की ओर (नीचे) भी जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर जड़ों या संग्रอก अंगों से ऊपर की ओर भी जा सकता है। बाकी सभी कथन सही हैं।
Q.12 पेड़ों की आयु का निर्धारण (Dendrochronology) उनके तने में मौजूद निम्नलिखित में से किसकी वार्षिक वलयों (Growth Rings) को गिनकर किया जाता है?
- (अ) प्राथमिक जाइलम
- (ब) द्वितीयक जाइलम (Secondary Xylem)
- (स) प्राथमिक फ्लोएम
- (द) कॉर्क कैम्बियम
उत्तर: (ब) द्वितीयक जाइलम (Secondary Xylem)व्याख्या: मौसमी बदलावों (वसंत और शरद ऋतु) के कारण कैम्बियम की गतिविधि में अंतर आता है, जिससे हर साल तने के भीतर द्वितीयक जाइलम के वलय (Rings) बनते हैं। इन वार्षिक वलयों को गिनकर वृक्ष की आयु का सटीक अनुमान लगाया जाता है।
Q.13 एपिडर्मिस (Epidermis) या पौधों की बाह्य त्वचा पर पाई जाने वाली मोमी और जल-रोधक परत (Cuticle) का मुख्य कार्य क्या है?
- (अ) जल की हानि को रोकना (Anti-transpiration)
- (ब) प्रकाश संश्लेषण करना
- (स) जड़ के माध्यम से खनिजों का अवशोषण
- (द) पौधों को सीधा खड़ा रखना
उत्तर: (अ) जल की हानि को रोकना (Anti-transpiration)व्याख्या: मरुदभिद् (Xerophytic) या सामान्य पौधों की बाहरी सतह पर क्यूटिकल (कटिन की परत) पाई जाती है, जो वाष्पोसर्जन (Transpiration) के माध्यम से अत्यधिक जल की हानि को रोकती है और यांत्रिक चोट या परजीवियों से रक्षा करती है।
Q.14 पादप पत्तियों पर पाए जाने वाले स्टोमेटा (Stomata) के खुलने और बंद होने की क्रिया किस पर निर्भर करती है?
- (अ) रक्षक कोशिकाओं (Guard Cells) में स्फीतिदाब (Turgor Pressure) में परिवर्तन
- (ब) जाइलम में जल के दबाव पर
- (स) फ्लोएम में शर्करा सांद्रता पर
- (द) कैम्बियम के विभाजन पर
उत्तर: (अ) रक्षक कोशिकाओं (Guard Cells) में स्फीतिदाब (Turgor Pressure) में परिवर्तनव्याख्या: जब रक्षक कोशिकाओं में पानी भर जाता है (स्फीतिदाब बढ़ता है), तो वे फूल जाती हैं और स्टोमेटा का छिद्र खुल जाता है। पानी की कमी होने पर वे ढीली हो जाती हैं और छिद्र बंद हो जाता है, जिससे गैसों का आदान-प्रदान और वाष्पोसर्जन नियंत्रित होता है।
Q.15 कैम्बियम (Cambium) की गतिविधि के परिणामस्वरूप छाल (Bark) के भीतर बनने वाले द्वितीयक ऊतकों में सामूहिक रूप से क्या शामिल होता है?
- (अ) केवल जाइलम
- (ब) वुड (काष्ठ) और सेकेंडरी फ्लोएम
- (स) केवल पैरेन्काइमा
- (द) कॉर्क और एपिडर्मिस
उत्तर: (ब) वुड (काष्ठ) और सेकेंडरी फ्लोएमव्याख्या: द्वितीयक वृद्धि के दौरान वैस्कुलर कैम्बियम अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम (जो बाद में कठोर होकर काष्ठ या Wood बनता है) और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करता है।
Q.16 निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक पादप को मरुस्थलीय (Dry) परिस्थितियों में जल संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
- (अ) स्क्लेरेन्काइमा
- (ब) क्यूटिकल युक्त एपिडर्मिस
- (स) एइरेन्काइमा
- (द) अंतर्वेशी विभाज्योतक
उत्तर: (ब) क्यूटिकल युक्त एपिडर्मिसव्याख्या: मरुस्थलीय पौधों में एपिडर्मिस के ऊपर क्यूटिकल की मोटी परत होती है, जो अत्यधिक तापमान में वाष्पोसर्जन की दर को न्यूनतम करती है, जिससे पौधों में जल का संरक्षण होता है।
Q.17 निम्नलिखित में से कौन सी कोशिकाएं परिपक्व होने पर अपना केंद्रक (Nucleus) खो देती हैं, फिर भी जीवित और क्रियाशील रहती हैं?
- (अ) जाइलम वाहिकाएं
- (ब) फ्लोएम की चालनी नलिकाएं (Sieve Tube Elements)
- (स) कोलेन्काइमा कोशिकाएं
- (द) पैरेन्काइमा कोशिकाएं
उत्तर: (ब) फ्लोएम की चालनी नलिकाएं (Sieve Tube Elements)व्याख्या: संवहन तंत्र में फ्लोएम की चालनी नलिकाएं परिपक्व होने पर अपने केंद्रक को नष्ट कर देती हैं ताकि भोजन के प्रवाह के लिए आंतरिक जगह अधिक मिल सके। इनके चयापचय कार्यों का नियंत्रण पास की 'साथी कोशिकाओं' (Companion Cells) के केंद्रक द्वारा किया जाता है।
Q.18 पादप शरीर रचना विज्ञान में 'कैलस' (Callus) का निर्माण किससे संबंधित है?
- (अ) घाव भरने या ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) के दौरान अविभक्त कोशिकाओं का द्रव्यमान
- (ब) जड़ के विकास में सहायक हार्मोन
- (स) फलों के पकने की प्रक्रिया
- (द) प्रकाश संश्लेषण का अंतिम उत्पाद
उत्तर: (अ) घाव भरने या ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) के दौरान अविभक्त कोशिकाओं का द्रव्यमानव्याख्या: जब पौधे को कोई चोट लगती है या ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) तकनीक का उपयोग किया जाता है, तो पैरेन्काइमा कोशिकाएं पुनः विभाजित होने की क्षमता प्राप्त कर लेती हैं और अविभक्त कोशिकाओं के एक समूह का निर्माण करती हैं, जिसे कैलस कहते हैं।
Q.19 निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक पौधों को न्यूनतम चयापचय ऊर्जा (Metabolic Energy) की खपत के साथ अधिकतम संरचनात्मक संक्षारण प्रतिरोध और मजबूती प्रदान करता है?
- (अ) विभाज्योतक ऊतक
- (ब) पैरेन्काइमा
- (स) स्क्लेरेन्काइमा
- (द) फ्लोएम
उत्तर: (स) स्क्लेरेन्काइमाव्याख्या: चूंकि स्क्लेरेन्काइमा कोशिकाएं मृत होती हैं और उनकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन का लेप होता है, इसलिए उन्हें जीवित रहने के लिए किसी चयापचय ऊर्जा (ATP) की आवश्यकता नहीं होती। यह एक बार बनकर पौधे को आजीवन दीर्घकालिक मजबूती देता है।
Q.20 'मूल गोप' (Root Cap) के ठीक पीछे स्थित क्षेत्र, जो जड़ की लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है, में मुख्य रूप से कौन सी कोशिकाएं पाई जाती हैं?
- (अ) शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem) कोशिकाएं
- (ब) स्थायी स्क्लेरेन्काइमा कोशिकाएं
- (स) एइरेन्काइमा कोशिकाएं
- (द) कॉर्क कैम्बियम कोशिकाएं
उत्तर: (अ) शीर्षस्थ विभाज्योतक (Apical Meristem) कोशिकाएंव्याख्या: जड़ के सबसे निचले नुकीले सिरे पर मूल गोप (Root Cap) होती है जो जड़ की रक्षा करती है। इसके ठीक पीछे शीर्षस्थ विभाज्योतक का क्षेत्र होता है, जहाँ लगातार कोशिका विभाजन से जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं।