Psychology Mock Test - 04

 

Psychology Free Practice Mock Test

1. बाल - विकास के किस अवस्था में बालक की गामक शक्तियाँ प्रौढ़ हो जाती है - 

(A) पूर्व बाल्यावस्था 

(B) उत्तर बाल्यावस्था 

(C) किशोरावस्था 

(D) प्रौढ़ावस्था 

व्याख्या - बाल - विकास के किशोरावस्था में बालक की गामक शक्तियाँ प्रौढ़ हो जाती है | किशोरावस्था में बालक के शारीरिक अंगों, मांसपेशियों तथा स्नायुतंत्र का विकास पर्याप्त रूप से परिपक्व हो जाता है | उसमें दृढ़ता लाने हेतु बालक शारीरिक व्यायाम में रूचि लेने लगता है | अत: शारीरिक वृद्धि के साथ गामक क्रियाओं का विकास स्वाभाविक है, जैसे - जैसे प्रौढ़ावस्था की ओर अग्रसर होता है वैसे - वैसे बालक की गामक शक्तियाँ प्रौढ़ होती जाती है | 


Q. 2 ) 6 - 8 वर्ष की अवस्था में बालक रूचि लेना प्रारम्भ करते है - 

(A) धर्म में 

(B) संस्कृति में 

(C) मानव में 

(D) विद्यालय में 


व्याख्या - 6 से 8 वर्ष की अवस्था में बालक विद्यालय में रूचि लेना प्रारम्भ करते है यह अवस्था बालक की बाल्यावस्था की अवस्था है इस अवस्था में बालक बाहर की दुनिया को समझने लगता है और उनमें सामूहिकता का विकास हो जाता है | 


Q.3) खिलौनों की आयु कहा जाता है - 

(A) पूर्व बाल्यावस्था 

(B) उत्तर बाल्यावस्था 

(C) शैशवावस्था 

(D) उपर्युक्त सभी 


व्याख्या - बालक की पूर्व बाल्यावस्था को खिलौनों की आयु कहा जाता है, क्योंकि इस अवस्था में दौड़ने, कूदने फुदकने, उठाने - रखने आदि कौशल विकसित हो जाते है, इस अवस्था में बच्चे अधिक स्फूर्तिवान कुशल और क्रियाशील हो जाते है | 

Q. 4) किस अवस्था मे बालकों में नयी खोज करने को ओर घूमने - फिरने की प्रवृत्ति बहुत अधिक बढ़ जाती है ? 

(A) शैशवावस्था 

(B) बाल्यावस्था 

(C) किशोरावस्था 

(D) प्रौढ़ावस्था 

व्याख्या - बाल्यावस्था में बालकों में नयी खोज करने की ओर घूमने - फिरने की प्रवृत्ति बहुत अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि इस अवस्था में बालकों में जटिल कौशल विकसित होते है और वह ओने कार्यों के संचालन हेतु नई - नई विधियों को अपनाने के लिए तत्पर रहते है | सामाजिक तथा भौतिक वातावरण के अनुकूल समायोजन के लिए वह नये - नये व्यवहार सिखने के लिए सक्रिय रहता है जिसके कारण वह अपनी शक्ति और गति का उपयोग नयी खोज करने और घूमने - फिरने में करने लगते है | 

Q. 5) ........... की अवस्था तक बालक की दृष्टि एवं श्रवण इन्द्रियाँ पूर्ण विकसित हो  चुकी होती है ? 

(A) 3 अथवा 4 वर्ष 

(B) 6 अथवा 7 वर्ष 

(C) 8 अथवा 9 वर्ष 

(D) इनमें से कोई नही 


व्याख्या - 8 अथवा 9 वर्ष की अवस्था तक बालक की दृष्टि एवं श्रवण इन्द्रियाँ पूर्ण विकसित हो चुकी होती है | यह अवस्था बाल्याकाल की अवस्था है | इस अवस्था में बालक रेडियो, टेलीविजन, चलचित्र आदि के माध्यम से जो कुछ भी देखता व सुनता है, उससे इस अवस्था में बालक चिन्तन के मूर्त परिचालन की अवस्था में होता है | 


Q.6)  बालक के शारीरिक विकास का क्षेत्र है - 

(A) स्नायु मण्डल में वृद्धि 

(B) मांसपेशियों में वृद्धि 

(C) एंडोक्राइन ग्लैंड की वृद्धि 

(D) उपरोक्त सभी 


ब्याख्या - स्नायुमण्डल, मांसपेशियां और एंडोक्राइन ग्लैंड तीनों ही बालक के शारीरिक विकास का क्षेत्र है | 


Q. 7) शैक्षिक दृष्टि से बाल - विकास की अवस्थाएँ है - 

(A) शैशवावस्था 

(B) बाल्यावस्था 

(C) किशोरावस्था 

(D) उपर्युक्त सभी 


व्याख्या -  उपरोक्त तीनों ही शैक्षिक दृष्टि से बाल - विकास की अवस्थाएँ है कियोंकि इन तीनों ही अवस्थाओं में बालक औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा ग्रहण करता है | 


Q. 8) "संवेदना ज्ञान की पहली सीढी है |" यह विकास है - 

(A) शारीरिक 

(B) मानसिक 

(C) सामाजिक 

(D) शैक्षणिक 


व्याख्या - "संवेदना ज्ञान की पहली सीढी है |" यह मानसिक विकास है | शैशवावस्था में मानसिक विकास का प्रमुख साधन ज्ञानेन्द्रियाँ है, जिसके माध्यम से वह अपनी संवेदना को प्रकट करता है | बाल्यावस्था में मानसिक विकास की स्थिति तीव्र होती है | इस अवस्था में बालक में सहज और मूल प्रवृत्तियों का विकास हो जाता है | किशोरावस्था में बालक का मानसिक विकास उचित परामर्श की अपेक्षा रखता है | 


Q. 9) - बालक के विकास की किस अवस्था में बुद्धि का अधिकतम विकास होता है ? 

(A) बाल्यावस्था 

(B) किशोरावस्था 

(C) प्रौढ़ावस्था 

(D) शैशवावस्था 


व्याख्या - बुद्धि का अधिकतम विकास बाल्यावस्था में होता है | पूर्व - बाल्यावस्था में, बालकों में मानसिक विकास बहुत तेजी से होता है और परवर्ती किशोरावस्था आते - आते अर्थात् 19 - 20 वर्ष की आयु तक यह काफी धीमा हो जाता है | 


Q. 10) शिशु का अधिकांश व्यवहार आधारित होता है - 

(A) मूल प्रवृत्ति पर 

(B) नैतिकता पर 

(C) वास्तविकता पर 

(D) ध्यान पर  


व्याख्या - शिशु का अधिकांश व्यवहार मूल - प्रवृतियों पर आधारित होता है, जैसे - रोना, हँसना, स्वप्रेम की भावना आदि | विकास की जिस अवस्था में शिशु का व्यवहार मूल प्रवृतियों पर आधारित होता है उसे शैशवावस्था कहा जाता है |



Q. 11) जीन पियाजे मुख्य रूप से किसके अध्ययन के लिए जाने जाते है ? 

(A) भाषा विकास 

(B) संज्ञानात्मक विकास 

(C) सामाजिक विकास 

(D) इनमे से कोई नही