CET Mock Test - 01 part A

CET 2026  free mock Test 01

 

1. गणेश्वर सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. यह सभ्यता नीमकाथाना (सीकर) में कांतली नदी के किनारे स्थित एक महत्त्वपूर्ण ताम्रयुगीन स्थल है।
2. यहाँ से प्राप्त ताँबे के उपकरणों में ताँबे की शुद्धता लगभग 50 प्रतिशत तक पाई गई है।
3. उत्खनन के दौरान यहाँ से 'मछली पकडने का कांटा' प्राप्त हुआ है, जो यहाँ के निवासियों के खान-पान और व्यवसाय को दर्शाता है।
4. गणेश्वर के लोग ताँबा मुख्यतः खेतड़ी और खो-दरीबा की खानों से प्राप्त करते थे तथा यहाँ से सिंधु सभ्यता को ताँबे की आपूर्ति की जाती थी।


उपरोक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

(a) केवल 1, 2 और 3

(c) केवल 1, 3 और 4

(b) केवल 2, 3 और 4

(e) अनुत्तरित प्रश्न

(d) 1, 2, 3 और 4

सही उत्तर: B (केवल 1, 3 और 4)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

कथन 1: सत्य है गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के नीमकाथाना जिले (पूर्व में सीकर) में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर स्थित है। यह भारत की प्राचीनतम ताम्रयुगीन सभ्यताओं में से एक है, जिसे 'ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी' भी कहा जाता है।

कथन 2: असत्य है गणेश्वर से प्राप्त ताँबे के उपकरणों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी उच्च शुद्धता है। यहाँ से प्राप्त उपकरणों में ताँबे की शुद्धता लगभग 99% तक पाई गई है, न कि 50%। इसमें आर्सेनिक की मिलावट नहीं के बराबर थी, जो उस समय की उन्नत धातुशोधन तकनीक को दर्शाता है।

कथन 3: सत्य है उत्खनन में यहाँ से भारी मात्रा में ताँबे के आयुध और उपकरण मिले हैं, जिनमें 'मछली पकड़ने का काँटा' प्रमुख है। यह इस बात का प्रमाण है कि कांतली नदी उस समय बारहमासी (Perennial) रही होगी और यहाँ के निवासी मांसाहारी भोजन (मछली) का प्रयोग करते थे।

कथन 4: सत्य है गणेश्वर के लोग ताँबा प्राप्त करने के लिए निकटवर्ती खेतड़ी (झुंझुनूं) और खो-दरीबा (अलवर) की खानों पर निर्भर थे। यहाँ निर्मित ताँबे की वस्तुओं का निर्यात सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा और मोहनजोदड़ो) को किया जाता था, इसीलिए इसे 'हड़प्पा को ताँबे की आपूर्ति करने वाला केंद्र' माना जाता है।


2. विग्रहराज चतुर्थ के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. विग्रहराज चतुर्थ ने संस्कृत भाषा में 'हरिकेलि' नाटक की रचना की, जो भारवि के 'किरातार्जुनीयम' पर आधारित है।
2. प्रसिद्ध यूरोपीय विद्वान किलहोर्न ने विग्रहराज की तुलना महाकवि कालिदास और भवभूति से की है।
3. विग्रहराज के दरबारी सोमदेव ने 'बीसलदेव रासो' नामक ग्रंथ की रचना की, जिसमें राजकुमारी देसलदेवी के साथ उनके प्रेम-प्रसंग का वर्णन है।
4. 'हरिकेलि' नाटक और 'ललित विग्रहराज' की पंक्तियाँ अजमेर की 'सरस्वती कंठाभरण' पाठशाला की दीवारों पर उत्कीर्ण करवाई गई थीं।
5. नरपति नाल्ह द्वारा रचित 'बीसलदेव रासो' में बीसलदेव और रानी राजमति की प्रेम कहानी का वर्णन मिलता है।
असत्य कूट का चयन कीजिए:

(a) केवल 1 और 4

(b) केवल 3

(c) केवल 2 और 5

(d) 1, 3 और 5

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: B (केवल 3)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है चाहमान (चौहान) शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) एक उच्च कोटि के विद्वान और लेखक थे। उन्होंने संस्कृत भाषा में 'हरिकेलि' नाटक की रचना की थी, जिसकी विषय-वस्तु महाकवि भारवि द्वारा रचित महाकाव्य 'किरातार्जुनीयम' पर आधारित है।

  • कथन 2: सत्य है विग्रहराज चतुर्थ की विद्वत्ता और साहित्यिक रुचि से प्रभावित होकर प्रसिद्ध यूरोपीय एवं प्राच्यविद्या विशेषज्ञ डॉ. कीलहोर्न (F. Kielhorn) ने उनकी तुलना संस्कृत साहित्य के महान नाटककारों महाकवि कालिदास और भवभूति से की थी।

  • कथन 3: असत्य है 'बीसलदेव रासो' ग्रंथ की रचना नरपति नाल्ह ने की थी, न कि विग्रहराज के दरबारी सोमदेव ने (सोमदेव ने 'ललित विग्रहराज' नामक ग्रंथ लिखा था)। इसके अलावा, 'बीसलदेव रासो' में बीसलदेव और रानी राजमति के प्रेम-प्रसंग का वर्णन है, न कि राजकुमारी देसलदेवी का। चूँकि इसमें यह गलत तथ्य दिया गया है, इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन 4: सत्य है विग्रहराज चतुर्थ ने अजमेर में एक संस्कृत पाठशाला का निर्माण करवाया था, जिसे 'सरस्वती कंठाभरण' पाठशाला कहा जाता था (बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे 'अढ़ाई दिन का झोपड़ा' मस्जिद में बदल दिया)। इस पाठशाला की दीवारों पर 'हरिकेलि' नाटक और सोमदेव रचित 'ललित विग्रहराज' नाटक की पंक्तियाँ उत्कीर्ण करवाई गई थीं।

  • कथन 5: सत्य है जैसा कि कथन 3 की व्याख्या में स्पष्ट किया गया है, नरपति नाल्ह द्वारा रचित 'बीसलदेव रासो' में विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) और परमार राजा भोज की पुत्री रानी राजमति की प्रेम कहानी का अत्यंत सुंदर वर्णन मिलता है।



3. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

A. गागरोण का युद्ध 

1. 1519 ई.

 B. सारंगपुर का युद्ध

 2. 1544 ई.

 C. सुमेल का युद्ध

 3. 1437 ई.

 D. साहेबा का युद्ध

 4. 1541-42 ई.

कूट:-

(a) A-1, B-2, C-3, D-4

(b) A-1, B-3, C-2, D-4

(c) A-2, B-3, C-4, D-1

(d) A-4, B-3, C-2, D-1

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: B (A-1, B-3, C-2, D-4)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • A. गागरोण का युद्ध (1) - 1519 ई. यह युद्ध मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी (द्वितीय) और मेवाड़ के शासक राणा सांगा के बीच लड़ा गया था, जिसमें राणा सांगा की विजय हुई थी।

  • B. सारंगपुर का युद्ध (3) - 1437 ई. यह युद्ध मेवाड़ के शासक महाराणा कुंभा और मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी (प्रथम) के बीच हुआ था। इस युद्ध में विजय के उपलक्ष्य में ही महाराणा कुंभा ने चित्तौड़गढ़ में प्रसिद्ध कीर्ति स्तम्भ (विजय स्तम्भ) का निर्माण करवाया था।

  • C. सुमेल का युद्ध (2) - 1544 ई. यह प्रसिद्ध युद्ध मारवाड़ के शासक राव मालदेव और दिल्ली के सुल्तान शेरशाह सूरी के मध्य जेतारण (पाली) के पास सुमेल-गिरी में लड़ा गया था। इस युद्ध में शेरशाह सूरी ने अत्यधिक कठिनाई के बाद विजय प्राप्त की थी और तब उसने कहा था, "एक मुट्ठी भर बाजरे के लिए मैं लगभग हिंदुस्तान की सल्तनत खो चुका था।"

  • D. साहेबा का युद्ध (4) - 1541-42 ई. यह युद्ध मारवाड़ के शासक राव मालदेव और बीकानेर के राव जैसी के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में राव मालदेव की विजय हुई थी और बीकानेर पर मारवाड़ का अधिकार हो गया था।

सही सुमेलन तालिका:

  • A -> 1 (गागरोण का युद्ध: 1519 ई.)

  • B -> 3 (सारंगपुर का युद्ध: 1437 ई.)

  • C -> 2 (सुमेल का युद्ध: 1544 ई.)

  • D -> 4 (साहेबा का युद्ध: 1541-42 ई.)

अतः विकल्प B पूर्ण रूप से सही है।


4. बीकानेर प्रजामंडल के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
1. इसकी स्थापना 1936 ई. में कलकत्ता में की गई थी।
2. मघाराम वैद्य इसके संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष थे।
3. श्रीमती लक्ष्मीदेवी आचार्य को इसकी प्रथम महिला अध्यक्ष बनाया गया।
4. 'बीकानेर में नादिरशाही' नामक पुस्तक मघाराम वैद्य द्वारा लिखी गई थी।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

(a) केवल 1, 2 और 4

(b) 1, 2, 3 और 4 सभी

(c) केवल 1, 2 और 3

(d) केवल 2 और 4

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: B (1, 2, 3 और 4 सभी)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना वर्ष 1936 में कलकत्ता (कोलकाता) में की गई थी। चूँकि उस समय बीकानेर रियासत में दमनकारी नीतियों के कारण स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियाँ चलाना असंभव था, इसलिए प्रवासी राजस्थानी क्रांतिकारियों द्वारा इसकी स्थापना कलकत्ता में की गई थी।

  • कथन 2: सत्य है इस प्रजामंडल के प्रमुख संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य थे। उनके साथ लक्ष्मण दास स्वामी और अन्य सहयोगियों ने बीकानेर राज्य में राजनीतिक जनजागृति फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

  • कथन 3: सत्य है बीकानेर प्रजामंडल की प्रथम महिला अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मीदेवी आचार्य को बनाया गया था। उन्होंने महिलाओं में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने और प्रजामंडल के आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाने में अहम योगदान दिया था।

  • कथन 4: सत्य है मघाराम वैद्य द्वारा 'बीकानेर में नादिरशाही' नामक पुस्तक या पुस्तिका लिखी गई थी, जिसमें बीकानेर रियासत के महाराजा और शासन व्यवस्था के दौरान जनता पर होने वाले अत्याचारों व दमन चक्र का पर्दाफाश किया गया था।


5. लोकदेवता देवनारायण जी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-कथनः

1. देवनारायण जी की फड़ राजस्थान की सबसे प्राचीन व सबसे लंबी फड़ है, जिसका वाचन गुर्जर भोपों द्वारा 'रावणहत्था' वाद्य यंत्र के साथ किया जाता है।

2. भारतीय डाक विभाग द्वारा वर्ष 1992 में इनकी फड़ पर और वर्ष 2011 में स्वयं देवनारायण जी पर डाक टिकट जारी किया गया। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन असत्य है/हैं?

कूट:-

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) कोई भी कथन असत्य नहीं है।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: A (केवल 1)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है देवनारायण जी की फड़ राजस्थान की सबसे प्राचीन और सबसे लंबी फड़ जरूर है, और इसका वाचन गुर्जर जाति के भोपों द्वारा ही किया जाता है, परंतु इसके वाचन के समय 'रावणहत्था' वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाता है, बल्कि 'जंतर' वाद्य यंत्र का प्रयोग किया जाता है। (रावणहत्था का प्रयोग पाबूजी की फड़ के वाचन में किया जाता है)। चूँकि यहाँ वाद्य यंत्र का नाम गलत दिया गया है, इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन 2: सत्य है भारतीय डाक विभाग द्वारा वर्ष 1992 में देवनारायण जी की फड़ पर (5 रुपए का डाक टिकट) तथा वर्ष 2011 में स्वयं देवनारायण जी के चित्र पर (5 रुपए का डाक टिकट) भारतीय डाक टिकट जारी किया गया था। यह राजस्थान के पहले ऐसे लोकदेवता हैं जिनकी फड़ और जिन पर स्वयं पर सबसे पहले डाक टिकट जारी हुआ था।


6. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए -

 हवेली 

 स्थान

 (a) कानोडिया हवेली

 (i) नवलगढ़

 (b) सेकसरिया की हवेली

 (ii) बिसाऊ

 (c) रामपुरिया हवेली

 (iii) जयपुर

 (d) रत्नाकर भट्ट पौण्डरीक की हवेली

 (iv) बीकानेर


सही कूट का चयन कीजिए -

(a) (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)

(b) (A)-(iv), (B)-(iii), (C)-(ii), (D)-(i)

(c) (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii)

(d) (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii)

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: A ((A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii))

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • (a) कानोडिया हवेली (ii) - बिसाऊ (झुंझुनूं) बिसाऊ (झुंझुनूं) अपनी सुंदर और भव्य हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित कानोडिया हवेली अपनी बेहतरीन भित्ति चित्रों (Frescoes) और स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है।

  • (b) सेकसरिया की हवेली (i) - नवलगढ़ (झुंझुनूं) नवलगढ़ को 'खुला संग्रहालय' भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ राजस्थान की सबसे खूबसूरत हवेलियाँ हैं। सेकसरिया की हवेली नवलगढ़ का एक प्रमुख ऐतिहासिक और कलात्मक स्थल है।

  • (c) रामपुरिया हवेली (iv) - बीकानेर बीकानेर अपनी लाल पत्थरों और संगमरमर से बनी ऐतिहासिक हवेलियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। रामपुरिया हवेलियाँ बीकानेर की सबसे भव्य और प्रसिद्ध हवेलियों में गिनी जाती हैं, जिन पर मुगल, राजपूत और ब्रिटिश वास्तुकला का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।

  • (d) रत्नाकर भट्ट पौण्डरीक की हवेली (iii) - जयपुर रत्नाकर भट्ट पौण्डरीक की हवेली जयपुर (आंतरिक शहर) में स्थित है। यह हवेली अपनी विशिष्ट भित्ति चित्रकला (फ्रेस्को पेंटिंग) और स्थापत्य शैली के लिए ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।


7. मेवाड़ चित्रशैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

कथन I: महाराणा जगतसिंह प्रथम के शासनकाल को मेवाड़ चित्रशैली का 'स्वर्णकाल' कहा जाता है।

कथन II: इन्होंने चित्रकारों के प्रशिक्षण हेतु 'चितेरों की ओवरी' नामक कला विद्यालय की स्थापना की, जिसे 'तस्वीरों रो कारखानों' भी कहा जाता है।

कथन III: प्रसिद्ध चित्रकार साहिबद्दीन ने इनके संरक्षण में 'शूकर क्षेत्र महात्मय' और 'भ्रमरगीत' जैसे चित्रों की रचना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

(a) केवल I और II

(b) केवल II और III

(c) केवल I और III

(d) I, II और III

सही उत्तर: D (I, II और III)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन I: सत्य है मेवाड़ चित्रशैली का 'स्वर्णकाल' (Golden Period) महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628-1652 ई.) के शासनकाल को माना जाता है। इस काल में मेवाड़ शैली में प्राकृतिक दृश्यों, उजले रंगों और लोक जीवन का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।

  • कथन II: सत्य है महाराणा जगतसिंह प्रथम ने चित्त्रकारों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए राजमहल में 'चितेरों की ओवरी' (तस्वीरों का कारखाना) नामक एक कला विद्यालय (School of Painting) की स्थापना की थी, जिसे स्थानीय भाषा में 'तस्वीरों रो कारखानों' भी कहा जाता है।

  • कथन III: सत्य है महाराणा जगतसिंह प्रथम के संरक्षण में मेवाड़ के प्रसिद्ध चित्रकार साहिबद्दीन और मनोहर ने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों और चित्रों का चित्रण किया था। साहिबद्दीन द्वारा इनके काल में 'शूकर क्षेत्र माहात्म्य', 'भ्रमरगीत', और 'गीतगोविन्द' जैसे ग्रंथों पर आधारित चित्रों की रचना की गई थी।



8. निम्नलिखित में से असुमेलित है -

(a) तिलका - मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला सफेद रंग का वस्त्र।

(b) बुर्का - मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला काले रंग का वस्त्र।

(c) बडूली- वर द्वारा विवाह पर वधू के लिए लाई जाने वाली ओढ़नी। (d) फड़का- गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा मराठी अंदाज

में साड़ी पहनना।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: D (फड़का - गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा मराठी अंदाज में साड़ी पहनना)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन A: सुमेलित है तिलका मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला एक प्रकार का वस्त्र होता है, जो सामान्यतः सफेद रंग का होता है।

  • कथन B: सुमेलित है बुर्का भी मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला पारंपरिक वस्त्र है, जो आमतौर पर काले रंग का होता है और पूरे शरीर को ढकता है।

  • कथन C: सुमेलित है बडूली (या बदूली) विवाह के अवसर पर वर पक्ष की ओर से वधू (दुल्हन) के लिए लाई जाने वाली ओढ़नी या वस्त्र को कहा जाता है।

  • कथन D: असुमेलित है फड़का गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला वस्त्र नहीं है, बल्कि फड़का (फड़कू) कातौड़ी (कठोड़ी) जनजाति की महिलाओं द्वारा मराठी अंदाज (लुगड़े) में पहनी जाने वाली साड़ी को कहा जाता है। इसलिए यह विकल्प असुमेलित है।


9. राजस्थान के लोक वाद्ययंत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

1. सुरमण्डल एक तत् वाद्ययंत्र है जिसमें लकड़ी के तख्ते पर तार कसे होते हैं।

2. सतारा वाद्ययंत्र मूलतः बाँस की लकड़ी से निर्मित दो बाँसुरियों का युग्म है।

3. यदि सतारा की दोनों बाँसुरियाँ बराबर लंबाई की हों, तो उन्हें 'पावाजोड़ी' कहा जाता है।

4. खड़ताल को 'सुषिर वाद्ययंत्र' की श्रेणी में रखा जाता है।

5. सतारा में एक बाँसुरी आधार स्वर के लिए और दूसरी स्वरात्मक रचना के लिए प्रयोग की जाती है।

उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

(a) केवल 1, 2 और 4

(b) केवल 1, 3 और 5

(c) केवल 2, 3 और 5

(d) उपर्युक्त सभी

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: C (केवल 2, 3 और 5)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है सुरमण्डल एक तत (तोर/तार वाले) वाद्ययंत्र की श्रेणी में जरूर आता है, और इसमें कई तार होते हैं, लेकिन इसका निर्माण लकड़ी के तख्ते पर नहीं बल्कि प्यालेनुमा (या नौकाकार) लकड़ी के खोल पर होता है (जिस पर खाल मढ़ी होती है और तार कसे होते हैं)। यह मुख्य रूप से मांगणियार और लंगा जातियों द्वारा प्रयुक्त लोक वाद्य है। इसलिए यह कथन आंशिक रूप से तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण माना जाता है।

  • कथन 2: सत्य है सतारा राजस्थान का एक अत्यंत प्रसिद्ध सुवंश/सुषिर वाद्ययंत्र है, जो मूलतः बाँस की लकड़ी से निर्मित दो बाँसुरियों का युग्म (जोड़ा) होता है, जिसे एक साथ मुँह में बजाया जाता है।

  • कथन 3: सत्य है सतारा वाद्ययंत्र में यदि दोनों बाँसुरियाँ समान या बराबर लंबाई की होती हैं, तो उन्हें 'पावाजोड़ी' (पावा) कहा जाता है।

  • कथन 4: असत्य है खड़ताल एक घन वाद्ययंत्र (घाति या आघात वाद्ययंत्र / Percussion instrument) की श्रेणी में आती है, न कि 'सुषिर वाद्ययंत्र' (फूँक मारकर बजाए जाने वाले) की श्रेणी में। लकड़ी के टुकड़ों से बनने वाली खड़ताल को हाथों की उंगलियों के बीच रखकर बजाया जाता है (सदीक खान इसके अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार रहे हैं)।

  • कथन 5: सत्य है सतारा की कार्यप्रणाली की यह मुख्य विशेषता है कि इसमें एक बाँसुरी ड्रोन (आधार स्वर/Drone) के रूप में लगातार बजती रहती है, जबकि दूसरी बाँसुरी से स्वरात्मक रचना (Melody) की जाती है।


10. थार मरुस्थल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

1. सम्पूर्ण थार मरुस्थल रेतीला एवं बालुका स्तूप क्षेत्र है।

2. थार मरुस्थल लगभग 1,75,000 वर्ग किमी. क्षेत्र में विस्तृत है।

3. यह 25 सेमी. सम-वर्षा रेखा के पश्चिम में स्थित है।

4. भालेरी (चूरू) एवं मेंढा नदी घाटी (सीकर) में बरखान प्रकार के बालुका स्तूप पाए जाते हैं।

5. थार मरुस्थल मुख्यतः अरावली पर्वतमाला के पूर्व में फैला हुआ है।

नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए-

(a) केवल 2, 3 और 4

(b) केवल 1, 2 और 3

(c) केवल 2, 4 और 5

(d) केवल 1, 3 और 5

सही उत्तर: A (केवल 2, 3 और 4)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है संपूर्ण थार मरुस्थल केवल रेतीला एवं बालुका स्तूप क्षेत्र नहीं है। थार मरुस्थल का कुछ भाग पथरीला (हमदा/रेग) भी है और इसमें जलमग्न खारे पानी की झीलें (प्लाया) व उपजाऊ मैदानी भाग भी पाए जाते हैं। यहाँ केवल 60% भाग ही बालुका स्तूप मुक्त या युक्त रेतीला है।

  • कथन 2: सत्य है राजस्थान में थार मरुस्थल का कुल विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है (जो कि राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 61.11% भाग है)।

  • कथन 3: सत्य है राजस्थान में थार मरुस्थल की पूर्वी सीमा 25 सेमी. (या 50 सेमी. वर्षा रेखा, जो मरुस्थल को दो भागों में बांटती है, के संदर्भ में पश्चिमी भाग) सम-वर्षा रेखा के पश्चिम में स्थित है। भौगोलिक रूप से 25 सेमी सम-वर्षा रेखा मरुस्थल को शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में विभाजित करती है।

  • कथन 4: सत्य है बरखान (अर्धचंद्राकार) बालुका स्तूप राजस्थान के चूरू (विशेषकर भालेरी), सीकर (मेंढा नदी घाटी), झुंझुनूं, जोधपुर आदि क्षेत्रों में प्रमुखता से पाए जाते हैं।

  • कथन 5: असत्य है थार मरुस्थल अरावली पर्वतमाला के पूर्व में नहीं, बल्कि पश्चिम/उत्तर-पश्चिम में फैला हुआ है। अरावली पर्वतमाला इसके पूर्व में एक प्राकृतिक दीवार की तरह स्थित है, जो इसे उपजाऊ मैदानी भागों से अलग करती है।




11. राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

1. शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों जैसे डूंगरपुर और बाँसवाड़ा में पाए जाते हैं।

2. उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 150 सेमी से अधिक होती है।

3. उष्ण कटिबंधीय कंटीले वन मुख्यतः उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 75-110 सेमी होती है।

4. सालर वन अरावली पर्वतमाला की उच्च श्रेणियों में पाए जाते हैं।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-

(a) केवल 1, 2 और 4 सही हैं

(b) केवल 1 और 3 सही हैं

(c) केवल 2, 3 और 4 सही हैं

(d) केवल 1, 2, 3 और 4 सही हैं

सही उत्तर: A (केवल 1, 2 और 4 सही हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी-मध्य और दक्षिणी जिलों (विशेषकर बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़) में पाए जाते हैं। सागवान के वनों के विकास के लिए यहाँ की जलवायु और मानसूनी वर्षा अनुकूल होती है।

  • कथन 2: सत्य है उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन (Sub-tropical Evergreen Forests) राजस्थान में केवल सिरोही जिले के माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाते हैं। इस क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और अधिक वर्षा (लगभग 150 सेमी या उससे अधिक) के कारण यहाँ सदाबहार वनस्पति विकसित हुई है।

  • कथन 3: असत्य है उष्ण कटिबंधीय कंटीले वन (मरुद्भिद वनस्पति) उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ वर्षा बहुत कम यानी 25 से 50 सेमी (या उससे कम) होती है, न कि 75-110 सेमी। 75-110 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती (धोकड़े आदि) वन पाए जाते हैं। चूँकि यहाँ वर्षा की मात्रा गलत दी गई है, इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन 4: सत्य है सालर वन (Boswellia serrata) मुख्य रूप से अरावली पर्वतमाला की ऊँची पहाड़ियों और श्रेणियों (जैसे अलवर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और सिरोही-माउंट आबू के आसपास) में पाए जाते हैं। ये शुष्क पर्णपाती वनों का ही एक विशिष्ट प्रकार हैं जो पहाड़ी ढलानों पर उगते हैं।


12. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करे -

 सूची-I (क्षेत्र/अंचल)

 सूची-II (पर्यटक स्थल)

 A. जयपुर

 I. मेहरानगढ़ दुर्ग

 B. जोधपुर

 II. गलियाकोट दरगाह

 C. माउंट आबू

 III. दिलवाड़ा मंदिर

 D. डूंगरपुर

 IV. जंतर मंतर



नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः

(a) A-IV, B-I, C-III, D-II

(b) A-II, B-I, C-III, D-IV

(c) A-IV, B-II, C-III, D-I

(d) A-I, B-II, C-IV, D-III

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: D (केवल 1, 2, 3 और 4 सही हैं / यानी सभी सुमेलित हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • A. जयपुर -> IV. जंतर मंतर जंतर मंतर विश्व प्रसिद्ध खगोलीय वेधशाला है, जो राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित है। इसका निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा करवाया गया था, जिसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।

  • B. जोधपुर -> I. मेहरानगढ़ दुर्ग मेहरानगढ़ दुर्ग राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जोधपुर में चिड़ियाटूक पहाड़ी पर स्थित एक अत्यंत भव्य और विशाल किला है, जिसे राव जोधा ने बनवाया था।

  • C. माउंट आबू -> III. दिलवाड़ा मंदिर प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर सिरोही जिले के माउंट आबू हिल स्टेशन पर स्थित हैं। यह अपनी बेहतरीन और नक्काशीदार संगमरमर की वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।

  • D. डूंगरपुर -> II. गलियाकोट दरगाह संत फखरुद्दीन की मजार (दाउदी बोहरा संप्रदाय का प्रमुख पवित्र स्थल) के लिए प्रसिद्ध गलियाकोट नामक ऐतिहासिक कस्बा डूंगरपुर जिले में माही नदी के किनारे स्थित है।

सही सुमेलन तालिका:

  • A -> IV (जयपुर - जंतर मंतर)

  • B -> I (जोधपुर - मेहरानगढ़ दुर्ग)

  • C -> III (माउंट आबू - दिलवाड़ा मंदिर)

  • D -> II (डूंगरपुर - गलियाकोट दरगाह)

चूँकि सभी युग्म सही ढंग से सुमेलित हैं, इसलिए विकल्प D सही उत्तर है।


13.राजस्थान की मीठे पानी की झीलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

1. जयसमंद झील उदयपुर जिले में स्थित राजस्थान की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।

2. नक्की झील राजस्थान की एकमात्र पर्वतीय झील है, जो माउंट आबू में स्थित है।

3. राजसमंद झील जयपुर जिले में स्थित है और इसका निर्माण महाराणा प्रताप द्वारा कराया गया था।

4. फतहसागर झील उदयपुर में स्थित है और यह एक कृत्रिम झील है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

(a) केवल 1, 2 और 4 सही हैं

(b) केवल 1 और 3 सही हैं

(c) केवल 2, 3 और 4 सही हैं

(d) 1, 2, 3 और 4 सभी सही हैं

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: A (केवल 1, 2 और 4 सही हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है जयसमंद झील राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है। यह राजस्थान (और भारत) की सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झीलों में से एक है। इसका निर्माण महाराणा जयसिंह द्वारा गोमती नदी का पानी रोककर करवाया गया था।

  • कथन 2: सत्य है नक्की झील सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित है। यह राजस्थान की सबसे ऊँची और एकमात्र पर्वतीय (क्रेटर/ज्वालामुखी निर्मित) झील है, जो सर्दियों में जम जाती है और गरासिया जनजाति के लिए पवित्र मानी जाती है।

  • कथन 3: असत्य है राजसमंद झील जयपुर जिले में स्थित नहीं है, बल्कि यह राजसमंद जिले में स्थित है। इसका निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह द्वारा 1662 ई. में करवाया गया था (न कि महाराणा प्रताप द्वारा)। इस झील की पाल पर 'नौ चौकी पाल' स्थित है जहाँ संस्कृत में रचित 'राजप्रशस्ति' महाकाव्य उत्कीर्ण है। चूँकि इसमें जिला और निर्माता दोनों के नाम गलत दिए गए हैं, इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन 4: सत्य है फतहसागर झील उदयपुर जिले में स्थित है और यह एक अत्यंत सुंदर कृत्रिम झील है। इसके बीचों-बीच 'नेहरू पार्क' स्थित है और यहाँ सौर वेधशाला (Solar Observatory) भी स्थापित की गई है।



14. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

(a) राजस्थान के राजसमंद एवं अजमेर जिलों में पन्ना (Emerald) निक्षेप पाये जाते हैं।

(b) राजस्थान भारत में जिप्सम का लगभग अकेला उत्पादक राज्य है।

(c) राजस्थान में कार्बोनिफेरस युगीन लिग्नाइट कोयले के सर्वाधिक निक्षेप पाये जाते हैं।

(d) अजमेर राजस्थान में फेल्सपार का अग्रणी उत्पादक है।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: C (राजस्थान में कार्बोनिफेरस युगीन लिग्नाइट कोयले के सर्वाधिक निक्षेप पाये जाते हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन A: सत्य है राजस्थान में पन्ना (Emerald) के प्रमुख निक्षेप राजसमंद (जैसे गगुड़ा, कला गुमान क्षेत्र) एवं अजमेर (जैसे राजगढ़, तामबे की खानें आदि) जिलों में पाए जाते हैं। इसीलिए राजस्थान को भारत में पन्ने के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।

  • कथन B: सत्य है जिप्सम (जिसे 'हर्षोट' भी कहा जाता है) के उत्पादन में राजस्थान का देश में एकाधिकार सा रहा है। भारत का कुल जिप्सम उत्पादन का अधिकांश भाग (लगभग 99% या उससे अधिक) अकेले राजस्थान से ही प्राप्त होता है, अतः इसे 'अकेला उत्पादक राज्य' कहा जाता है।

  • कथन C: असत्य है (यह कथन सही नहीं है) राजस्थान में मिलने वाला लिग्नाइट कोयला कार्बोनिफेरस युगीन नहीं है, बल्कि यह टरशियरी (Tertiary / तृतीयक) युग का है। भारत में उच्च कोटि का (एंथ्रेसाइट और बिटुमिनस) कोयला कार्बोनिफेरस काल का होता है जो मुख्य रूप से झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा (गोडवाना क्रम की चट्टानों) में पाया जाता है, जबकि राजस्थान में मिलने वाला लिग्नाइट कोयला टरशियरी काल का है (जैसे पलाना, बरसिंहसर, कपूरासर आदि)। चूँकि इसमें काल (युग) का नाम गलत दिया गया है, इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन D: सत्य है फेल्सपार (Feldspar) के उत्पादन में राजस्थान का देश में प्रथम स्थान है, और अजमेर जिला राजस्थान में फेल्सपार का अग्रणी और सबसे बड़ा उत्पादक जिला है (ब्यावर व मसूदा क्षेत्र इसके प्रमुख केंद्र हैं)।


15. भारतीय राज्य के राज्यपाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

(a) उनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

(b) वह एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है।

(c) वह पाँच साल की अवधि के लिए पद पर रहता है।

(d) यदि संबंधित राज्य की विधानमंडल उसे हटाने के लिए प्रस्ताव पारित करती है तो उसे पहले भी हटाया जा सकता है।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: D (यदि संबंधित राज्य की विधानमंडल उसे हटाने के लिए प्रस्ताव पारित करती है तो उसे पहले भी हटाया जा सकता है)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन A: सत्य है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (वह केंद्र सरकार द्वारा नामांकित होता है)।

  • कथन B: सत्य है सातवें संविधान संशोधन (1956) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि एक ही व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।

  • कथन C: सत्य है संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार, राज्यपाल अपने पद ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष की अवधि के लिए पद पर रहता है। (हालांकि, यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद धारण करता है)।

  • कथन D: असत्य है (यह कथन सही नहीं है) राज्यपाल को हटाने के लिए राज्य के विधानमंडल द्वारा किसी भी प्रकार के प्रस्ताव पारित करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। राज्य का विधानमंडल राज्यपाल को हटाने के लिए सक्षम नहीं है। राज्यपाल को उनके कार्यकाल से पहले केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा (केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर) कभी भी हटाया जा सकता है या राज्यपाल स्वयं अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप सकता है। चूँकि इसमें विधानमंडल द्वारा हटाने की बात कही गई है, जो कि असत्य है, इसलिए यही सही उत्तर होगा।


16. राजस्थान के मुख्य सचिव के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें-(i) नए सिद्धांतों या योजनाओं के अंगीकरण को अन्तर्वलित करने वाले समस्त महत्त्वपूर्ण मामलों को, जहाँ आवश्यक हो, मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करने के पश्चात्, मुख्य सचिव द्वारा प्रभारी मंत्री के माध्यम से निपटाया जाएगा।

(ii) मुख्य सचिव, स्वप्रेरणा से, किसी भी विभाग में किसी भी मामले में संबंधित कागज-पत्रों को देखने के लिए मंगा सकते हैं। ऊपर दिए गए कथन / कथनों में से कौन-सा सही है/हैं?

(a) दोनों (i) और (ii) सही हैं।

(b) केवल (ii) सही है।

(c) केवल (i) सही है।

(d) न तो (i) और ना ही (ii) सही है।

सही उत्तर: A (दोनों (i) और (ii) सही हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन (i): सत्य है राजस्थान सरकार के नियम और कार्य संचालन नियमों के अनुसार, नए सिद्धांतों या महत्वपूर्ण योजनाओं के अंगीकरण से जुड़े समस्त महत्वपूर्ण मामलों को, जहाँ आवश्यक हो, मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के पश्चात, मुख्य सचिव द्वारा संबंधित प्रभारी मंत्री के माध्यम से निपटाया जाता है

  • कथन (ii): सत्य है मुख्य सचिव राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। उसे यह प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होता है कि वह स्वप्रेरणा से (Suo Motu) किसी भी समय राज्य के किसी भी विभाग से किसी भी मामले से संबंधित सरकारी कागजात या फाइलें मंगाकर देख सकता है और आवश्यक निर्देश दे सकता है।


17. आधुनिक जिला प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कलेक्टर का पद 1772 में वारेन हेस्टिंग्स द्वारा सृजित किया गया।
2. प्रथम कलेक्टर रॉल्फ शेल्डन थे।
3. कलेक्टर पद का सृजन लॉर्ड कॉर्नवालिस ने किया।
4. कलेक्टर पद की स्थापना राजस्व प्रशासन से संबंधित थी। निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 1, 2 और 4

(c) केवल 2 और 3

(d) केवल 1 और 4

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: D (केवल 1 और 4)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है भारतीय जिला प्रशासन में कलेक्टर का पद वर्ष 1772 में गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स द्वारा सृजित किया गया था। शुरुआत में इस पद का मुख्य कार्य राज्यों/जिलों से भू-राजस्व एकत्रित करना और न्याय व्यवस्था को संभालना था।

  • कथन 2: असत्य है भारत के प्रथम कलेक्टर 'रॉल्फ शेल्डन' नहीं थे। वारेन हेस्टिंग्स द्वारा 1772 की प्रशासनिक योजना के तहत जिला स्तर पर कलेक्टरों (सुपरवाइज़र) की नियुक्ति की गई थी, लेकिन रॉल्फ शेल्डन इस पद से संबंधित नहीं हैं।

  • कथन 3: असत्य है कलेक्टर पद का सृजन लॉर्ड कॉर्नवालिस ने नहीं किया था (कॉर्नवालिस ने बाद में इस पद की शक्तियों में कुछ बदलाव और न्यायिक शक्तियों को पृथक जरूर किया था, लेकिन इस पद के जनक वारेन हेस्टिंग्स माने जाते हैं)। इसलिए यह कथन असत्य है।

  • कथन 4: सत्य है ऐतिहासिक रूप से कलेक्टर पद की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रशासन (Revenue Administration) को सुदृढ़ करना और लगान/भू-राजस्व वसूल करना था ('कलेक्टर' शब्द का शाब्दिक अर्थ ही कर या राजस्व इकट्ठा करने वाला अधिकारी होता है)।

18. भारत के संविधान के अनुच्छेद 368 (2) के उपबन्धों के तहत यदि कोई विधेयक भारत की संसद द्वारा पारित होने के पश्चात राजस्थान लिये आता है, तो विधानसभा के पास संकल्प द्वारा अनुसमर्थन के-
1. विधानसभा संकल्प पारित करती है।
2. विधानसभा संकल्प अस्वीकार कर सकती है।
3. ऐसे संकल्प में कोई संशोधन प्रस्तावित नहीं किया जा सकता है। सही उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट से कीजिए-

(a) केवल 1

(b) 2 और 3

(c) 1 और 3

(d) 1, 2, और 3

सही उत्तर: C (1 और 3)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है संविधान के अनुच्छेद 368(2) के परंतुक (proviso) के अंतर्गत जब कोई ऐसा संविधान संशोधन विधेयक जो देश के संघीय ढाँचे (जैसे राष्ट्रपति का निर्वाचन, सर्वोच्च/उच्च न्यायालय, सातवीं अनुसूची आदि) से संबंधित हो, संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित होने के बाद कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों के पास अनुसमर्थन (Ratification) के लिए भेजा जाता है, तो राज्य की विधानसभा उस पर विचार कर संकल्प पारित कर सकती है (अनुसमर्थन दे सकती है)।

  • कथन 2: असत्य है राज्य विधानमंडल के पास संविधान संशोधन प्रस्ताव को अस्वीकार करने की शक्ति नहीं होती है। राज्य विधानसभा या तो उस संकल्प को पारित (स्वीकार) कर सकती है या फिर उस पर कोई कार्रवाई न करे (निष्क्रिय रहे), लेकिन वह औपचारिक रूप से इसे अस्वीकार (Reject) करने का अधिकार नहीं रखती है। (यही कारण है कि यह कथन तकनीकी और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार गलत है)।

  • कथन 3: सत्य है संविधान संशोधन विधेयक जब राज्यों के पास अनुसमर्थन के लिए भेजा जाता है, तो राज्य विधानमंडल को यह शक्ति नहीं होती है कि वह उस विधेयक या संकल्प में कोई संशोधन (Amendment) प्रस्तावित कर सके। राज्य विधानसभा को या तो उस प्रस्ताव को ज्यों का त्यों स्वीकार करना होता है या अस्वीकार (बिना संशोधन के)।

19. राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था में शासन प्रणाली की व्यवस्था क्या है?

(a) ग्राम और खंड स्तर पर स्थानीय स्वशासन की द्विस्तरीय संरचना

(b) ग्राम, खंड और जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय संरचना

(c) ग्राम, खंड, जिला और राज्य स्तर पर स्थानीय स्वशासन की चतुःस्तरीय संरचना

(d) ग्राम स्तर पर स्थानीय स्वशासन की एकस्तरीय संरचना

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: B (ग्राम, खंड और जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय संरचना)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • त्रिस्तरीय संरचना (Three-Tier System): भारत में पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश बलवंत राय मेहता समिति (1957) द्वारा की गई थी। राजस्थान देश का वह पहला राज्य था (2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले से उद्घाटन) जिसने इस त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सबसे पहले अपने यहाँ लागू किया था।

  • इस त्रिस्तरीय प्रणाली के तीन स्तर निम्नलिखित हैं:

    1. ग्राम स्तर: ग्राम पंचायत (प्रमुख: सरपंच)

    2. खंड / पंचायत समिति स्तर: पंचायत समिति (प्रमुख: प्रधान)

    3. जिला स्तर: जिला परिषद (प्रमुख: जिला प्रमुख)


20. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

1. उद्यम पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ 1 जुलाई 2020 को हुआ। 2. दिसंबर 2024 तक इस पोर्टल पर 4 लाख से अधिक औद्योगिक इकाइयाँ पंजीकृत की जा चुकी थीं।

(a) केवल 1 सही है

(b) केवल 2 सही है

(c) 1 और 2 दोनों सही हैं

(d) 1 और 2 दोनों गलत हैं

(e) अनुत्तरित प्रश्न


सही उत्तर: A (केवल 1 सही है)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME Ministry) द्वारा MSME के पंजीकरण के लिए 'उद्यम पंजीकरण पोर्टल' (Udyam Registration Portal) का आधिकारिक शुभारंभ 1 जुलाई 2020 को किया गया था। इस नई प्रक्रिया के माध्यम से उद्यमों का पंजीकरण डिजिटल और पेपरलेस रूप से किया जाता है।

  • कथन 2: असत्य है दिसंबर 2024 तक इस पोर्टल पर पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों (MSME) की संख्या 4 लाख से कहीं अधिक (करोड़ों में) थी। अखिल भारतीय स्तर पर इस पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले उद्यमों का आंकड़ा बहुत बड़ा है, इसलिए केवल "4 लाख से अधिक" कहना इस संदर्भ में सही नहीं है (विशेषकर राजस्थान जैसे राज्य में ही कुछ ही वर्षों में लाखों इकाइयाँ पंजीकृत हो चुकी हैं, और राष्ट्रीय स्तर पर यह आँकड़ा करोड़ों में है)।


21. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. पेसा अधिनियम, 1996 अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्रदान करता है।
2. पेसा अधिनियम के अंतर्गत लघु वन उपज पर ग्राम सभा का नियंत्रण मान्य है।
3. पेसा अधिनियम केवल शहरी स्थानीय निकायों पर लागू होता है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 3

(b) केवल 1 और 2

(c) केवल 2 और 3

(d) 1, 2 और 3

सही उत्तर: B (केवल 1 और 2)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है पेसा अधिनियम (Panchayat Extension to Scheduled Areas Act, 1996) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) में पारंपरिक आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए ग्राम सभा को विशेष अधिकार और व्यापक स्वायत्तता प्रदान की गई है।

  • कथन 2: सत्य है पेसा अधिनियम की धाराओं के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों में लघु वन उपज (Minor Forest Produce) पर पूर्ण नियंत्रण और स्वामित्व ग्राम सभा का होता है, जिससे आदिवासियों को उनकी आजीविका के साधन और वनों पर अधिकार मिलता है।

  • कथन 3: असत्य है पेसा अधिनियम शहरी स्थानीय निकायों पर लागू नहीं होता है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित क्षेत्रों (पंचायतों) के लिए बनाया गया है (यह संविधान के भाग IX के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तारित करता है)।


22. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-

 सूची-1

 सूची-II

 A. Geo-MGNREGA

 1. Geo-tagging

 B. NMMS App

 2. Real Time उपस्थिति

 C. Aadhaar Based Payment System

 3. DBT भुगतान

 D. SECURE Software

 4. Online Technical Approval



सही कूट का चयन कीजिए-

(a) A-2, B-1, C-4, D-3

(b) A-1, B-2, C-3, D-4

(c) A-3, B-4, C-2, D-1

(d) A-4, B-3, C-1, D-2

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: B (A-1, B-2, C-3, D-4)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • A. Geo-MGNREGA -> 1. Geo-tagging (जियो-टैगिंग) 'जियो-मनरेगा' (Geo-MGNREGA) पहल के माध्यम से मनरेगा के अंतर्गत बनने वाले विभिन्न परिसंपत्तियों (Assets) और कार्यों की पारदर्शिता और मॉनिटरिंग के लिए जियो-टैगिंग (स्थान की भौगोलिक स्थिति दर्ज करना) की जाती है।

  • B. NMMS App -> 2. Real Time उपस्थिति (वास्तविक समय उपस्थिति) 'नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम' (NMMS) ऐप का उपयोग मनरेगा कार्यों में काम करने वाले श्रमिकों की वास्तविक समय (Real Time) डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने के लिए किया जाता है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगती है।

  • C. Aadhaar Based Payment System -> 3. DBT भुगतान (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) आधार आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) के माध्यम से श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer - DBT) के जरिए किया जाता है।

  • D. SECURE Software -> 4. Online Technical Approval (ऑनलाइन तकनीकी स्वीकृति) 'सिक्योर' (SECURE - Software for Estimate Calculation Using Rural Employment) सॉफ्टवेयर का उपयोग मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की ऑनलाइन तकनीकी स्वीकृति, एस्टीमेट तैयार करने और प्रशासनिक व तकनीकी अनुमोदन के लिए किया जाता है।

सही सुमेलन तालिका:

  • A -> 1 (Geo-MGNREGA - Geo-tagging)

  • B -> 2 (NMMS App - Real Time उपस्थिति)

  • C -> 3 (Aadhaar Based Payment System - DBT भुगतान)

  • D -> 4 (SECURE Software - Online Technical Approval)

अतः सही कूट A-1, B-2, C-3, D-4 है, जो विकल्प B में दिया गया है।


23. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. VB-GRAM G में विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) को PM Gati Shakti से एकीकृत किया गया है। 

2. VB-GRAM G का दीर्घकालिक लक्ष्य विकसित भारत@2047 के अनुरूप आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(a) केवल 1 सत्य है

(b) केवल 2 सत्य है

(c) 1 और 2 दोनों सत्य हैं

(d) 1 और 2 दोनों असत्य हैं

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: C (1 और 2 दोनों सत्य हैं)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है

    VB-GRAM G योजना के तहत तैयार की जाने वाली विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) को ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बेहतर समन्वय और स्थानिक (Spatial) योजना निर्माण के लिए PM Gati Shakti राष्ट्रीय मास्टर प्लान से एकीकृत किया गया है। इसके तहत भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित उपकरणों और पोर्टलों (जैसे- युक्ताधारा पोर्टल) का उपयोग किया जाता है।

  • कथन 2: सत्य है

    इस योजना का मुख्य दीर्घकालिक उद्देश्य देश के राष्ट्रीय दृष्टिकोण 'विकसित भारत @2047' के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका, जलवायु-अनुकूल विकास और एक आत्मनिर्भर व सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।

अतः दोनों कथन पूर्णतः सत्य हैं, इसलिए विकल्प C सही है।


24. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. विवेकानंद रोजगार सहायता कोष के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया।
2. इसका उद्देश्य केवल सरकारी नौकरियों की तैयारी कराना है।

(a) केवल 1 सही है

(b) केवल 2 सही है

(c) दोनों सही हैं

(d) दोनों गलत हैं

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: A (केवल 1 सही है)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है

    राजस्थान सरकार के बजट प्रावधानों के अनुसार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास, परामर्श प्रदान करने, नियोक्ता-कर्मचारी संबंध (Employee-Employer Linkage) स्थापित करने और रोजगार मेले आयोजित करने के लिए ₹500 करोड़ की लागत से 'विवेकानंद रोजगार सहायता कोष' की स्थापना की घोषणा की गई है।

  • कथन 2: असत्य है

    इस कोष का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरियों की तैयारी कराना नहीं है। इसका मुख्य कार्य रोजगारपरक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों का संचालन, रोजगार शिविरों/मेलों का आयोजन, करियर काउंसलिंग और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

अतः केवल कथन 1 सही है, इसलिए विकल्प A सही उत्तर है।


25. भारत के संविधान के भाग IV में अंतर्विष्ट प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
1. वे न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय होंगे ।
2. वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे ।
3. इस भाग में अधिकथित सिद्धान्त राज्य के द्वारा कानून बनाने को प्रभावित करेंगे ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 3
(d) केवल 2 और 3
(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: D (केवल 2 और 3)

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार, भाग IV में अंतर्विष्ट प्रावधान (नीति निर्देशक तत्व) देश के शासन में महत्वपूर्ण हैं और राज्य का यह कर्तव्य होगा कि वह कानून बनाते समय इन सिद्धांतों को लागू करे, लेकिन ये किसी भी न्यायालय द्वारा कानूनी रूप से प्रवर्तनीय (Enforceable) नहीं हैं (यानी इन्हें लागू करवाने के लिए न्यायालय में रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती)। अतः यह कथन गलत है।

  • कथन 2: सत्य है चूँकि अनुच्छेद 37 स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि नीति निर्देशक तत्व न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, इसलिए वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे

  • कथन 3: सत्य है संविधान के अनुच्छेद 37 में यह भी कहा गया है कि इस भाग में अधिकथित सिद्धांत देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि (कानून) बनाते समय इन सिद्धांतों को अपनाना राज्य का कर्तव्य होगा। इस प्रकार ये सिद्धांत राज्य द्वारा भविष्य में कानून बनाने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं।


26. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-

1. भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया को "नियति के साथ साक्षात्कार" की ऐतिहासिक अभिव्यक्ति कहा गया।

2. "भारतीयों ने अपना संविधान बनाते समय नियति के साथ साक्षात्कार में कोई चूक नहीं की" यह टिप्पणी एक प्रसिद्ध संवैधानिक टीकाकार द्वारा की गई थी।

3. यह टिप्पणी ग्रेनविल ऑस्टिन द्वारा भारतीय संविधान सभा की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए दी गई थी।

4. ग्रेनविल ऑस्टिन ने भारतीय संविधान को "एक सामाजिक दस्तावेज" भी कहा है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a) केवल 1,2 और 3

(b) केवल 2,3 और 4

(c) केवल 1 और 4

(d) 1, 2, 3 और 4

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (b) केवल 2,3 और 4

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है "नियति के साथ साक्षात्कार" (Tryst with Destiny) वाक्यांश का प्रयोग वास्तव में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को संविधान सभा (जो देश की स्वतंत्रता के समय अंतरिम संसद के रूप में कार्य कर रही थी) को संबोधित करते हुए अपने ऐतिहासिक भाषण में किया था। यह विशेष रूप से संविधान निर्माण प्रक्रिया के लिए नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता के उस ऐतिहासिक क्षण के लिए कहा गया था। अतः यह कथन तथ्यात्मक रूप से गलत है।

  • कथन 2: सत्य है प्रसिद्ध संवैधानिक विशेषज्ञ और इतिहासकार ग्रेनविल ऑस्टिन (Granville Austin) ने भारतीय संविधान निर्माताओं के कार्य की सराहना करते हुए कहा था कि "भारतीयों ने अपना संविधान बनाते समय नियति के साथ साक्षात्कार में कोई चूक नहीं की" (Indians did not fail with their tryst with destiny when they made their Constitution)।

  • कथन 3: सत्य है ग्रेनविल ऑस्टिन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक (The Indian Constitution: Cornerstone of a Nation) में भारतीय संविधान सभा की कार्यप्रणाली, सामाजिक और राजनीतिक सुधारों की प्रतिबद्धता की अत्यधिक प्रशंसा की है और यह टिप्पणी उन्हीं के द्वारा दी गई है।

  • कथन 4: सत्य है ग्रेनविल ऑस्टिन ने भारतीय संविधान (विशेषकर मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक तत्वों को) "एक सामाजिक दस्तावेज" (A Social Document) के रूप में वर्णित किया है, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्रांति लाना और कमजोर वर्गों का उत्थान करना है।


27. भारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिए: 
1. भारत के राष्ट्रपति द्वारा सदन के सत्रावसान के लिए मंत्रिपरिषद की सलाह की आवश्यकता नहीं होती है।

2. किसी सदन का सत्रावसान सामान्यतः सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद किया जाता है, लेकिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा सत्र में चल रहे सदन का सत्रावसान करने पर कोई रोक नहीं है।

3. लोकसभा का विघटन भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जो असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, मंत्रिपरिषद की सलाह पर ऐसा करते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) 1 और 2

(c) 2 और 3

(d) केवल 3

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (c) 2 और 3

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: असत्य है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 85 के तहत राष्ट्रपति द्वारा संसद के सत्र का सत्रावसान (Prorogation) किया जाता है। राष्ट्रपति यह कार्य मंत्रिपरिषद की सलाह (Aid and Advice) के आधार पर ही करते हैं, न कि अपनी मर्जी से। इसलिए, मंत्रिपरिषद की सलाह आवश्यक होती है।

  • कथन 2: सत्य है संसदीय प्रक्रिया के सामान्य क्रम में पहले सदन को 'अनिश्चितकाल के लिए स्थगित' (Sine die adjournment) किया जाता है, और उसके कुछ दिनों के भीतर राष्ट्रपति द्वारा सत्रावसान का आदेश जारी किया जाता है। हालांकि, संवैधानिक रूप से राष्ट्रपति को सत्र के दौरान भी सदन का सत्रावसान करने की शक्ति प्राप्त है और ऐसा करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।

  • कथन 3: सत्य है संविधान के अनुच्छेद 85(2)(b) के अनुसार, राष्ट्रपति लोकसभा का विघटन (Dissolution) कर सकते हैं। परंपरा और संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, राष्ट्रपति यह कदम प्रधानमंत्री (मंत्रिपरिषद) की सलाह पर ही उठाते हैं (हालाँकि असाधारण परिस्थितियों में प्रधानमंत्री की सलाह के बिना भी इसका विवेक प्रयोग किया जा सकता है)।


28. कालानुक्रम के अनुसार निम्नलिखित राष्ट्रपतियों के नाम क्रमानुसार लिखिए-
(1) फखरुद्दीन अली अहमद
(2) जाकिर हुसैन
(3) जस्टिस हिदायतुल्लाह 
(4) ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

(a) 3, 2, 1, 4

(b) 2, 3, 1, 4

(c) 2, 1, 3, 4

(d) 2, 3, 4, 1

सही उत्तर: (b) 2, 3, 1, 4

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

दिए गए राष्ट्रपतियों का कार्यकाल इस प्रकार रहा है:

  1. डॉ. जाकिर हुसैन: 13 मई 1967 से 3 मई 1969 (पद पर रहते हुए निधन) - (2)

  2. जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह: 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 (कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में) - (3)

  3. फखरुद्दीन अली अहमद: 24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977 (पद पर रहते हुए निधन) - (1)

  4. डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम: 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 - (4)

अतः सही कालानुक्रम 2 (जाकिर हुसैन) $\rightarrow$ 3 (हिदायतुल्लाह) $\rightarrow$ 1 (फखरुद्दीन अली अहमद) $\rightarrow$ 4 (ए. पी. जे. अब्दुल कलाम) है, जो विकल्प (b) में दिया गया है।


29. भारत के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की शक्तियाँ निम्नलिखित में से कौन-सी हैं?
1. एक या एक से अधिक राज्यों तथा भारत सरकार के बीच विवाद की स्थिति में आरंभिक अधिकारिता
2. उच्च न्यायालयों के विरुद्ध अपीलें सुनने की शक्ति
3. इसके समक्ष आए किसी भी मामले में न्याय करने के लिए डिक्री और आदेश पारित करना
4. विधि से संबंधित मामलों में भारत के राष्ट्रपति की सलाह देना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

(a) उपर्युक्त सभी

(c) केवल 1 और 2

(b) केवल 1, 2 और 3

(e) अनुत्तरित प्रश्न

(d) केवल 3 और 4

भारत के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की शक्तियों और क्षेत्राधिकार के संदर्भ में दिए गए कथनों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:

  1. कथन 1: सही है (आरंभिक अधिकारिता - Original Jurisdiction)
    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के अनुसार, केंद्र सरकार और एक या एक से अधिक राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी विवादों की स्थिति में सुनवाई करने की आरंभिक और अनन्य अधिकारिता (Original Jurisdiction) केवल उच्चतम न्यायालय के पास है।

  2. कथन 2: सही है (अपीलीय अधिकारिता - Appellate Jurisdiction)
    संविधान के अनुच्छेद 132, 133 और 134 के तहत उच्चतम न्यायालय देश का अंतिम अपीलीय न्यायालय है, जिसे उच्च न्यायालयों (High Courts) के निर्णयों या आदेशों के विरुद्ध अपील सुनने की शक्ति प्राप्त है।

  3. कथन 3: सही है (पूर्ण न्याय और आदेश पारित करने की शक्ति)
    संविधान के अनुच्छेद 142 के अनुसार, उच्चतम न्यायालय को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अपने समक्ष लंबित किसी भी वाद या मामले में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक डिक्री (Decree) या आदेश पारित कर सकता है।

  4. कथन 4: सही है (सलाहकारी अधिकारिता - Advisory Jurisdiction)
    संविधान के अनुच्छेद 143 के अंतर्गत, यदि राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वे उस पर उच्चतम न्यायालय से परामर्श (सलाह) मांग सकते हैं।

निष्कर्ष:
चूँकि उपर्युक्त चारों कथन उच्चतम न्यायालय की शक्तियों से संबंधित हैं और पूर्णतः सही हैं, इसलिए सही विकल्प (a) है।

सही उत्तर: (a) उपर्युक्त सभी

30. बांगर भूमि के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
1. यह पुरानी जलोढ़ मिट्टी से निर्मित होती है।
2. यह सामान्यतः बाढ़ के मैदान से ऊँची होती है।
3. इसमें रेह और कल्ल जैसी लवणीय मिट्टी पाई जाती है।
सही विकल्प चुनिए-

(a) केवल 1 व 2
(b) केवल 2 व 3
(c) 1, 2 व 3
(d) केवल 1
(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (c) 1, 2 व 3

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन 1: सत्य है बांगर भूमि पुरानी जलोढ़ मिट्टी (Old Alluvial Soil) से निर्मित होती है, जहाँ नदियों की बाढ़ का पानी हर साल नहीं पहुँच पाता है। इसके विपरीत, नई जलोढ़ मिट्टी से बने मैदानों को 'खादर' कहा जाता है।

  • कथन 2: सत्य है चूँकि बांगर का निर्माण प्राचीन भूवैज्ञानिक कालों में बाढ़ के मैदानों से ऊँचे क्षेत्रों में हुआ है, इसलिए यह सामान्यतः बा बाढ़ के मैदानों से ऊँची स्थिति में पाई जाती है, जिसके कारण यहाँ बाढ़ का पानी आसानी से नहीं पहुँचता।

  • कथन 3: सत्य है शुष्क या अर्ध-शुष्क दशाओं और अत्यधिक सिंचाई के प्रभाव से बांगर क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary action) के कारण सतह पर नमक की परत जम जाती है, जिससे 'रेह', 'कलर' (या कल्ल) और 'ऊसर' जैसी स्थानीय नामों वाली लवणीय और क्षारीय मिट्टी का विकास होता है।

अतः तीनों कथन सत्य होने के कारण विकल्प (c) सही उत्तर है।


31. मानसून वर्षा की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए-
कथन (A): भारत में अधिकांश वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से संबंधित होती है तथा समुद्र से दूरी बढ़ने पर वर्षा में कमी देखी जाती है।
कारण (R): मानसून वर्षा का वितरण पूरे भारत में समान रूप से होता है, जिससे सभी क्षेत्रों में समान वर्षा प्राप्त होती है। 

सही विकल्प चुनिए-

(a) A सही है, पर R गलत है

(b) A गलत है, पर R सही है

(c) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है

(d) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है

(e) अनुत्तरित प्रश्न

मानसून वर्षा की विशेषताओं के संदर्भ में दिए गए कथन (A) और कारण (R) का विश्लेषण नीचे दिया गया है:

  • कथन (A) का विश्लेषण: भारत में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का अधिकांश भाग (लगभग 75% से अधिक) दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण होता है। इसके साथ ही, जैसे-जैसे समुद्र तट से आंतरिक भागों (भूमि की ओर) की दूरी बढ़ती जाती है, मानसूनी हवाओं में नमी की मात्रा कम होती जाती है, जिसके परिणामस्वरूप आगे बढ़ने पर वर्षा की मात्रा में भी कमी आती जाती है। अतः कथन (A) पूर्णतः सत्य है

  • कारण (R) का विश्लेषण: भारत में मानसून वर्षा का वितरण समान रूप से बिल्कुल नहीं होता है। यहाँ अत्यधिक असमानता पाई जाती है; उदाहरण के लिए, मेघालय के मौसिमराम/चेरापूंजी में अत्यधिक (सैकड़ों सेमी) वर्षा होती है, जबकि राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में बहुत कम (10 सेमी से भी कम) वर्षा होती है। अतः कारण (R) असत्य है

सही उत्तर: (a) A सही है, पर R गलत है

32. गोदावरी नदी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. इसे "दक्षिण की गंगा" के नाम से जाना जाता है। 
2. इसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र से संबंधित है। 
3. यह प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख पूर्ववाहिनी नदी के रूप में जानी जाती है। 
4. इसका जल अरब सागर में जाकर मिलता है।
उपरोक्त में से कौन-सा कथन असंगत है?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) केवल 4
(e) अनुत्तरित प्रश्न

गोदावरी नदी के संदर्भ में दिए गए कथनों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:

  • कथन 1: सही है
    गोदावरी नदी को उसकी लंबाई और विशालता के कारण "दक्षिण की गंगा" (या वृद्ध गंगा) के रूप में जाना जाता है।

  • कथन 2: सही है
    गोदावरी नदी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित त्र्यंबकेश्वर (पश्चिमी घाट) की पहाड़ियों से होता है।

  • कथन 3: सही है
    यह महाराष्ट्र से निकलकर पूर्व दिशा की ओर बहती हुई तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से गुजरती है और अंत में पूर्ववाहिनी नदी के रूप में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

  • कथन 4: असंगत (गलत) है
    गोदावरी नदी अपना जल अरब सागर में नहीं, बल्कि बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में गिराती है, क्योंकि यह एक पूर्ववाहिनी (East-flowing) नदी है।

सही उत्तर: (d) केवल 4


33. निम्नलिखित कथन (Assertion) एवं कारण (Reason) पर विचार कीजिए -
कथन (A): सरिस्का एवं रणथंभौर दोनों टाइगर रिजर्व राजस्थान में स्थित हैं। 
कारण (R): दोनों टाइगर रिजर्व अरावली पर्वत तंत्र से संबंधित क्षेत्र में स्थित हैं।

(a) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

(b) A और R दोनों सही हैं, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।

(c) A सही है, किन्तु R गलत है।

(d) A गलत है, किन्तु R सही है।

सही उत्तर: (c) A सही है, किन्तु R गलत है

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • कथन (A) का विश्लेषण: सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर) और रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर) दोनों ही प्रसिद्ध बाघ अभ्यारण्य हैं और ये राजस्थान राज्य में ही स्थित हैं। अतः कथन (A) पूर्णतः सत्य है।

  • कारण (R) का विश्लेषण: सरिस्का टाइगर रिजर्व तो अरावली पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत स्थित है, किंतु रणथंभौर टाइगर रिजर्व अरावली और विंध्याचल पर्वतमालाओं के मिलन स्थल पर स्थित है (यह मुख्य रूप से विंध्यन पठार का पूर्वी विस्तार यानी बनास बेसिन और अरावली के दक्षिणी-पूर्वी छोर का क्षेत्र है)। इसलिए यह कहना कि "दोनों" टाइगर रिजर्व केवल अरावली पर्वत तंत्र से संबंधित क्षेत्र में स्थित हैं, तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह सही नहीं है। इसके अलावा, कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या भी नहीं करता है, क्योंकि टाइगर रिजर्व का राजस्थान में होना उसकी भौगोलिक स्थिति या पर्वत तंत्र पर निर्भर नहीं करता।

अतः कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है, इसलिए विकल्प (c) सही उत्तर है।


34. सूची-I को सूची-II से मिलान कीजिए

 सूची-I

 सूची-II

 1. भूकंप

 A. प्लेट विवर्तनिकी

 2. सूखा

 B. वर्षा की कमी

 3. चक्रवात

 C. बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब

 4. सुनामी

 D. समुद्री भूकंप


कूट:-

(a) 1-B, 2-A, 3-D, 4-C

(b) 1-C, 2-D, 3-B, 4-A

(c) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D

(d) 1-D, 2-C, 3-А, 4-B

(e) अनुत्तरित प्रश्न

सही उत्तर: (c) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D

व्याख्यात्मक हल (Explanatory Solution):

  • 1. भूकंप (Earthquake) -> A. प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) पृथ्वी की विवर्तनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की गतिशीलता, आपस में टकराने या खिसकने के कारण ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो भूकंप का मुख्य कारण है। (अतः 1 का A)

  • 2. सूखा (Drought) -> B. वर्षा की कमी (Deficiency of Rainfall) लंबे समय तक सामान्य से कम वर्षा होने या मानसूनी वर्षा के विफल होने की स्थिति को 'सूखा' कहा जाता है। (अतः 2 का B)

  • 3. चक्रवात (Cyclone) -> C. बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब (Low Pressure in Bay of Bengal) भारत के संदर्भ में बंगाल की खाड़ी (या अरब सागर) में बनने वाले उष्णकटिबंधीय निम्न दाब (Low Pressure) के केंद्र चक्रवातों की उत्पत्ति का प्रमुख कारण होते हैं। (अतः 3 का C)

  • 4. सुनामी (Tsunami) -> D. समुद्री भूकंप (Oceanic Earthquakes) समुद्र के भीतर या तटीय क्षेत्रों में आने वाले तीव्र भूकंप (या भूस्खलन) के कारण अत्यधिक विनाशकारी समुद्री लहरें उठती हैं, जिन्हें 'सुनामी' कहा जाता है। (अतः 4 का D)

सही सुमेलन तालिका:

  • 1 -> A (भूकंप - प्लेट विवर्तनिकी)

  • 2 -> B (सूखा - वर्षा की कमी)

  • 3 -> C (चक्रवात - बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब)

  • 4 -> D (सुनामी - समुद्री भूकंप)

अतः सही विकल्प (c) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D है।


35. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) भारत और श्रीलंका के मध्य पाक जलडमरूमध्य स्थित है।
(b) भारत और म्यांमार के मध्य मलक्का जलडमरूमध्य स्थित है।
(c) अरब सागर भारत के पूर्वी तट पर स्थित है।
(d) बंगाल की खाड़ी भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है।
(e) अनुत्तरित प्रश्न

भारत के भौगोलिक संदर्भ में दिए गए कथनों का परीक्षण नीचे दिया गया है:

  • कथन (a): भारत और श्रीलंका के बीच पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) स्थित है। यह कथन पूर्णतः सत्य है।

  • कथन (b): भारत और म्यांमार के मध्य मलक्का जलडमरूमध्य स्थित नहीं है (मलक्का जलडमरूमध्य मुख्य रूप से मलय प्रायद्वीप और सुमात्रा द्वीप के बीच, अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है)। अतः यह कथन असत्य है।

  • कथन (c): अरब सागर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है, न कि पूर्वी तट पर। अतः यह कथन असत्य है।

  • कथन (d): बंगाल की खाड़ी भारत के पूर्वी तट पर स्थित है, न कि पश्चिमी तट पर। अतः यह कथन असत्य है।

सही उत्तर: (a) भारत और श्रीलंका के मध्य पाक जलडमरूमध्य स्थित है।


36. एक थैले में एक रुपया, 50 पैसे तथा 25 पैसे के सिक्के हैं, जिनके मान का अनुपात 30: 11: 7 है तथा सिक्कों की कुल संख्या 480 है। 50 पैसे वाले सिक्कों की संख्या है-

(a) 168

(c) 212

(b) 132

(d) 160

(e) अनुत्तरित प्रश्न
इस गणितीय प्रश्न को हल करने के लिए नीचे दी गई विधि का उपयोग किया जाता है:

मान लिया कि:

  • थैले में 1 रुपया, 50 पैसे और 25 पैसे के सिक्कों के मूल्य (Value) का अनुपात $30x : 11x : 7x$ है।

सिक्कों की कुल संख्या निकालना:

  1. 1 रुपये के सिक्कों की संख्या:
    मूल्य = $30x$ रुपये $\rightarrow$ सिक्कों की संख्या = $30x \times 1 = 30x$ सिक्के

  2. 50 पैसे के सिक्कों की संख्या:
    मूल्य = $11x$ रुपये $\rightarrow$ सिक्कों की संख्या = $11x \times 2 = 22x$ सिक्के (चूंकि 1 रुपये में दो 50-पैसे के सिक्के होते हैं)

  3. 25 पैसे के सिक्कों की संख्या:
    मूल्य = $7x$ रुपये $\rightarrow$ सिक्कों की संख्या = $7x \times 4 = 28x$ सिक्के (चूंकि 1 रुपये में चार 25-पैसे के सिक्के होते हैं)

सिक्कों की कुल संख्या का समीकरण:
प्रश्न के अनुसार सिक्कों की कुल संख्या 480 है:

$$30x + 22x + 28x = 480$$
$$80x = 480$$
$$x = \frac{480}{80} = 6$$
50 पैसे वाले सिक्कों की संख्या ज्ञात करना:

  • 50 पैसे के सिक्कों की कुल संख्या = $22x$

  • $x$ का मान रखने पर: $22 \times 6 = 132$ सिक्के

सही उत्तर: (b) 132


39. एक घनाभ के तीन संलग्न पृष्ठों के पृष्ठीय क्षेत्रफल $5cm^2 16 cm^2$ और $20cm^2$ है। घनाभ का आयतन ज्ञात कीजिए।

(a) $40cm^3$

(b) $45cm^3$

(c) $50cm^3$

(d) $30cm^3$

(e) अनुत्तरित प्रश्न

घनाभ के तीन संलग्न (आसन्न) पृष्ठों के पृष्ठीय क्षेत्रफल उसकी भुजाओं की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई के गुणनफल होते हैं।

मान लीजिए घनाभ की विमाएँ $l, b$ और $h$ हैं।
प्रश्न के अनुसार:

  • पहला क्षेत्रफल ($lb$) = $5\text{ cm}^2$

  • दूसरा क्षेत्रफल ($bh$) = $16\text{ cm}^2$

  • तीसरा क्षेत्रफल ($hl$) = $20\text{ cm}^2$

घनाभ का आयतन ($V$) ज्ञात करने का सूत्र है:

$$V = \sqrt{(lb) \times (bh) \times (hl)}$$
मान रखने पर:

$$V = \sqrt{5 \times 16 \times 20}$$
$$V = \sqrt{1600}$$
$$V = 40\text{ cm}^3$$
सही उत्तर: (a) $40\text{cm}^3$

40. ₹6.50 प्रति $m^2$ की दर से एक वृत्ताकार पार्क को समतल करने की लागत ₹36,036 है। ₹18 प्रति m की दर से इसके चारों ओर बाड़ लगाने की लागत (₹ में) कितनी होगी?

(a) 4,644
(b) 4,752
(c) 4,716
(d) 3,960
(e) अनुत्तरित प्रश्न


  1. वृत्ताकार पार्क का क्षेत्रफल ज्ञात करना:

    • पार्क को समतल करने की कुल लागत = ₹36,036

    • समतल करने की दर = ₹6.50 प्रति $\text{m}^2$

    • पार्क का क्षेत्रफल () =


       $$ = \frac{36036}{6.50} = 5544 { m}^2 $$
  2. पार्क की त्रिज्या ($r$) ज्ञात करना:

    • वृत्त का क्षेत्रफल = $\pi r^2$

    • $\frac{22}{7} \times r^2 = 5544$

    • $r^2 = \frac{5544 \times 7}{22} = 252 \times 7 = 1764$

    • $r = \sqrt{1764} = 42$ मीटर

  3. पार्क की परिधि (परिमाप) ज्ञात करना:

    • वृत्त की परिधि = $2\pi r$

    • परिधि $= 2 \times \frac{22}{7} \times 42 = 2 \times 22 \times 6 = 264\text{ m}$

  4. चारों ओर बाड़ लगाने की कुल लागत ज्ञात करना:

    • बाड़ लगाने की दर = ₹18 प्रति मीटर

    • कुल बाड़ लगाने की लागत = परिधि x  प्रति मीटर लागत

    • कुल लागत = 264 x 18 = 4,752 रुपये

सही उत्तर: (b) 4,752

41. किसी कार्य को पूरा करने हेतु एक दिन में 12 घंटे कार्य करके 15 व्यक्ति 10 दिनों का समय लेते हैं। उसी कार्य को 20 दिनों में पूरा करने के लिए 10 व्यक्तियों को एक दिन में कितने घंटे काम करना चाहिए?

(a) 9
(b) 10
(c) 11
(d) -8
(e) अनुत्तरित प्रश्न

इस गणितीय प्रश्न को हल करने के लिए हम मिश्र समानुपात (Compound Proportion) के सूत्र का उपयोग करेंगे:

$$\frac{M_1 \times D_1 \times H_1}{W_1} = \frac{M_2 \times D_2 \times H_2}{W_2}$$
जहाँ:

  • $M_1 = 15$ व्यक्ति, $D_1 = 10$ दिन, $H_1 = 12$ घंटे प्रतिदिन

  • $M_2 = 10$ व्यक्ति, $D_2 = 20$ दिन, $H_2 = ?$ (घंटे प्रतिदिन)

  • कार्य ($W$) दोनों स्थितियों में समान है, इसलिए $W_1 = W_2$

मानों को सूत्र में रखने पर:

$$\frac{15 \times 10 \times 12}{1} = \frac{10 \times 20 \times H_2}{1}$$
$$15 \times 12 = 20 \times H_2$$
$$180 = 20 \times H_2$$
$$H_2 = \frac{180}{20}$$
$$H_2 = 9\text{ }$$घंटे
अतः उसी कार्य को 20 दिनों में पूरा करने के लिए 10 व्यक्तियों को प्रतिदिन 9 घंटे कार्य करना होगा।

सही उत्तर: (a) 9

42. एक AC 30 मिनट में 8 युनिट बिजली की खपत करता है और एक बल्च 6 घंटे में 18 यूनिट बिजली की खपत करना है। यवि AC और बल्ब दोनों 8 दिन तक प्रतिविन 10 घंटे चलें तो कुल कितने यूनिट बिजली खर्च होगी?

(a) 1280 यूनिट

(b) 1528 यूनिट

(c) 1248 यूनिट

(d) 1520 यूनिट

(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. AC की बिजली खपत प्रति घंटा ज्ञात करना:

    • AC 30 मिनट में 8 यूनिट बिजली की खपत करता है।

    • इसलिए, 1 घंटे (60 मिनट) में AC की खपत = $8 \times 2 = 16$ यूनिट प्रति घंटा।

  2. बल्ब की बिजली खपत प्रति घंटा ज्ञात करना:

    • प्रश्न के अनुसार: "एक बल्ब 6 घंटे में 18 यूनिट बिजली की खपत करता है।" (नोट: प्रश्न में 'बल्च' को बल्ब पढ़ा गया है)।

    • इसलिए, 1 घंटे में बल्ब की खपत = $18 \div 6 = 3$ यूनिट प्रति घंटा।

  3. कुल प्रति घंटा खपत:

    • AC और बल्ब दोनों की 1 घंटे की कुल खपत = $16 + 3 = 19$ यूनिट प्रति घंटा।

  4. 8 दिन और प्रतिदिन 10 घंटे के हिसाब से कुल खपत:

    • कुल चलने वाले घंटे = $8 \text{ दिन} \times 10 \text{ घंटे/दिन} = 80 \text{ घंटे}$

    • कुल बिजली की खपत = $80 \text{ घंटे} \times 19 \text{ यूनिट/घंटा} = 1520$ यूनिट।

अतः सही उत्तर (d) 1520 यूनिट है।

43. 140 मीटर लंबी रेलगाड़ी 60 किमी / घंटा की चाल से चल रही है। यह 260 मीटर लंबी प्लेटफार्म (Platform) को कितने समय में पार करेगी?

(a) 29 सेकंड

(c) 24 सेकंड

(b) 22 सेकंड

(d) 20 सेकंड

(e) अनुत्तरित प्रश्न
प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. कुल तय की जाने वाली दूरी ज्ञात करना:

    • रेलगाड़ी की लंबाई = 140 मीटर

    • प्लेटफॉर्म की लंबाई = 260 मीटर

    • कुल दूरी (रेलगाड़ी द्वारा प्लेटफॉर्म को पार करने में तय की गई दूरी) = रेलगाड़ी की लंबाई + प्लेटफॉर्म की लंबाई

    • कुल दूरी = $140 + 260 = 400$ मीटर

  2. रेलगाड़ी की चाल को मीटर/सेकंड में बदलना:

    • चाल = 60 किमी/घंटा

    • किमी/घंटा को मीटर/सेकंड में बदलने के लिए $\frac{5}{18}$ से गुणा करते हैं:

      $$\text{चाल} = 60 \times \frac{5}{18} = \frac{300}{18} = \frac{50}{3} \text{ मीटर/सेकंड}$$
  3. समय ज्ञात करना:

    • समय = $\frac{\text{कुल दूरी}}{\text{चाल}}$

    • समय = $\frac{400}{\frac{50}{3}} = \frac{400 \times 3}{50} = 8 \times 3 = 24$ सेकंड

अतः सही उत्तर (c) 24 सेकंड है।


44. 300 किमी दूरी तय करने में एक यात्री रेलगाड़ी 2 घंटे कम समय लेती है यदि उसकी गति सामान्य गति से 5 किमी/घ. बढ़ा दी जाये। रेलगाड़ी की सामान्य गति है -

(a) 25 किमी/घं.

(b) 30 किमी/घं.

(c) 15 किमी/घं

(d) 20 किमी/घं.

(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. मान लीजिए रेलगाड़ी की सामान्य गति $x$ किमी/घं. है।

    • 300 किमी की दूरी तय करने में सामान्य गति से लगने वाला समय = $\frac{300}{x}$ घंटे।

  2. बढ़ी हुई गति के साथ समय ज्ञात करना:

    • यदि गति 5 किमी/घं. बढ़ा दी जाए, तो नई गति = $(x + 5)$ किमी/घं.।

    • नई गति से 300 किमी की दूरी तय करने में लगने वाला समय = $\frac{300}{x + 5}$ घंटे।

  3. समीकरण बनाना:

    • प्रश्નાनुसार, बढ़ी हुई गति से चलने पर 2 घंटे कम समय लगता है:

      $$\frac{300}{x} - \frac{300}{x + 5} = 2$$
  4. समीकरण को हल करना:

    • $300 \left( \frac{1}{x} - \frac{1}{x + 5} \right) = 2$

    • $300 \left( \frac{x + 5 - x}{x(x + 5)} \right) = 2$

    • $\frac{300 \times 5}{x^2 + 5x} = 2$

    • $\frac{1500}{x^2 + 5x} = 2$

    • $2(x^2 + 5x) = 1500$

    • $x^2 + 5x = 750$

    • $x^2 + 5x - 750 = 0$

  5. द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) को हल करना:

    • $x^2 + 30x - 25x - 750 = 0$

    • $x(x + 30) - 25(x + 30) = 0$

    • $(x - 25)(x + 30) = 0$

    • चूकि गति ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए $x = 25$ किमी/घं.।

अतः सही उत्तर (a) 25 किमी/घं. है।



45. सबसे छोटी संख्या क्या है जिसे 12,15,18 और 20 से विभाजित करने पर प्रत्येक स्थिति में शेष 3 बचता है?

(a) 267

(b) 183

(c) 177

(d) 186

(e) अनुत्तरित प्रश्न
प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. दी गई संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) ज्ञात करना:

    • संख्याएँ: 12, 15, 18, 20

    • अभाज्य गुणनखंड विधि से LCM:

      • $12 = 2^2 \times 3$

      • $15 = 3 \times 5$

      • $18 = 2 \times 3^2$

      • $20 = 2^2 \times 5$

    • $\text{LCM} = 2^2 \times 3^2 \times 5 = 4 \times 9 \times 5 = 180$

  2. शेष 3 प्राप्त करने के लिए संख्या ज्ञात करना:

    • वह सबसे छोटी संख्या जिसे 12, 15, 18 और 20 से विभाजित करने पर प्रत्येक स्थिति में 3 शेष बचे, वह $\text{LCM} + 3$ होगी।

    • $\text{संख्या} = 180 + 3 = 183$

अतः सही उत्तर (b) 183 है।




47. आठ दोस्तों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए धन इकट्ठा किया। उनमें से छह ₹ 300 प्रति व्यक्ति लाए। सातवां व्यक्ति आठ व्यक्तियों के औसत से ₹100 अधिक लाया और आठवां व्यक्ति ₹550 लाया। कुल कितनी राशि एकत्र की गई?

(a) ₹ 3400
(b) ₹2500
(c) ₹ 2800
(d) ₹ 2400
(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. पहले 6 दोस्तों द्वारा लाई गई कुल राशि ज्ञात करना:

    • 6 दोस्तों में से प्रत्येक ₹300 लाया।

    • 6 दोस्तों की कुल राशि = $6 \times 300 = \text{₹ } 1800$

  2. आठों दोस्तों की कुल राशि और औसत मान लेना:

    • मान लीजिए आठों दोस्तों द्वारा लाई गई कुल राशि $S$ है।

    • आठों दोस्तों का औसत = $\frac{S}{8}$

  3. सातवें और आठवें व्यक्ति की राशि के आधार पर समीकरण बनाना:

    • आठवें व्यक्ति ने ₹550 दिए।

    • सातवां व्यक्ति सभी आठ व्यक्तियों के औसत से ₹100 अधिक लाया, यानी सातवें व्यक्ति की राशि = $\left(\frac{S}{8} + 100\right)$

  4. कुल राशि ($S$) का समीकरण:

    • कुल राशि = (पहले 6 दोस्तों की राशि) + (सातवें व्यक्ति की राशि) + (आठवें व्यक्ति की राशि)

    • $S = 1800 + \left(\frac{S}{8} + 100\right) + 550$

    • $S = 1800 + 100 + 550 + \frac{S}{8}$

    • $S = 2450 + \frac{S}{8}$

  5. समीकरण को हल करना:

    • $S - \frac{S}{8} = 2450$

    • $\frac{7S}{8} = 2450$

    • $7S = 2450 \times 8$

    • $7S = 19600$

    • $S = \frac{19600}{7} = 2800$

अतः सही उत्तर (c) ₹ 2800 है।



48. एक परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और तीन पोते पोतियाँ हैं। दादा-दादी की औसत आयु 66 वर्ष है और माता-पिता की औसत आयु 34 वर्ष है। यदि पोते-पोतियों की औसत आयु 8 वर्ष है, तो परिवार के सात सदस्यों की औसत आयु (वर्षो में) क्या है?

(a) 33
(b) 32
(c) 31
(d) 30
(e) अनुत्तरित प्रश्न
प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. दादा-दादी की कुल आयु ज्ञात करना:

    • दादा-दादी की संख्या = 2

    • औसत आयु = 66 वर्ष

    • दादा-दादी की कुल आयु = $2 \times 66 = 132$ वर्ष

  2. माता-पिता की कुल आयु ज्ञात करना:

    • माता-पिता की संख्या = 2

    • औसत आयु = 34 वर्ष

    • माता-पिता की कुल आयु = $2 \times 34 = 68$ वर्ष

  3. पोते-पोतियों की कुल आयु ज्ञात करना:

    • पोते-पोतियों की संख्या = 3

    • औसत आयु = 8 वर्ष

    • पोते-पोतियों की कुल आयु = $3 \times 8 = 24$ वर्ष

  4. परिवार के सभी 7 सदस्यों की कुल आयु ज्ञात करना:

    • कुल आयु = दादा-दादी की कुल आयु + माता-पिता की कुल आयु + पोते-पोतियों की कुल आयु

    • कुल आयु = $132 + 68 + 24 = 224$ वर्ष

  5. परिवार के सात सदस्यों की औसत आयु ज्ञात करना:

    • सदस्यों की कुल संख्या = 7

    • औसत आयु = $\frac{\text{कुल आयु}}{\text{कुल सदस्य}} = \frac{224}{7} = 32$ वर्ष

अतः सही उत्तर (b) 32 है।

49. एक ढक्कन वाली घनाकार पानी की टंकी का प्रत्येक किनारा 180 सेमी लम्बा है। टंकी की बाहरी सतह को, तली को छोड़ते हुये ढकने के लिए 30 सेमी भुजा वाली वर्गाकार टाइलों की संख्या है-

(a) 150
(b) 160
(c) 180
(d) 200
(e) अनुत्तरित प्रश्न


प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. टंकी की विमाएँ और क्षेत्रफल ज्ञात करना:

    • टंकी एक घनाकार (Cube) है जिसका प्रत्येक किनारा ($a$) = 180 सेमी।

    • प्रश्न के अनुसार, टंकी की बाहरी सतह को, तली को छोड़कर ढकना है। यानी इसमें 4 दीवारें (पार्श्व पृष्ठ) और 1 ऊपरी ढक्कन शामिल है (कुल 5 सतहें)।

    • घनाकार टंकी की 1 सतह (वर्गाकार) का क्षेत्रफल = $180 \times 180 = 32400 \text{ वर्ग सेमी}$

    • कुल ढकी जाने वाली सतहों की संख्या = 5 (4 दीवारें + 1 ढक्कन)।

    • कुल क्षेत्रफल जिसे ढकना है = $5 \times 32400 = 162000 \text{ वर्ग सेमी}$

  2. एक टाइल का क्षेत्रफल ज्ञात करना:

    • टाइल की भुजा = 30 सेमी (वर्गाकार)।

    • एक टाइल का क्षेत्रफल = $30 \times 30 = 900 \text{ वर्ग सेमी}$

  3. आवश्यक टाइलों की संख्या ज्ञात करना:

    • टाइलों की संख्या = $\frac{\text{कुल ढकी जाने वाली सतह का क्षेत्रफल}}{\text{एक टाइल का क्षेत्रफल}}$

    • टाइलों की संख्या = $\frac{162000}{900} = \frac{1620}{9} = 180$

अतः सही उत्तर (c) 180 है।

53. दिए गए विकल्पों में से सम्बन्धित संख्या का चयन करें-  4:20::8:?

(a) 64
(b) 72
(c) 65
(d) 81
(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. संख्याओं के बीच संबंध को समझना:

    • पहली संख्या 4 है और दूसरी 20 है।

    • इसमें पैटर्न इस प्रकार है: $4 \times (4 + 1) = 4 \times 5 = 20$ (यानी $n \times (n+1)$)।

    • दूसरे तरीके से देखें तो यह $4^2 + 4 = 16 + 4 = 20$ (यानी $n^2 + n$) भी बनता है।

  2. इसी पैटर्न को दूसरी संख्या (8) पर लागू करना:

    • यहाँ $n = 8$ है।

    • $8^2 + 8 = 64 + 8 = 72$

    • या फिर: $8 \times (8 + 1) = 8 \times 9 = 72$

अतः सही उत्तर (b) 72 है।



54. निम्नलिखित विकल्पों में से उसे चुनिए जो दिए गए शब्दों के मध्य सार्थक क्रम दर्शाता हो-

1. गिरफ्तार

2. चोरी

3. सजा

4. निर्णय

5. कोर्ट

(a) 1, 2, 3, 4, 5
(b) 1, 2, 3, 5, 4
(c) 2, 1, 5, 4, 3
(d) 2, 1, 3, 4, 5
(e) अनुत्तरित प्रश्न

दिए गए शब्दों का तार्किक और सार्थक क्रम इस प्रकार होगा:

  1. सबसे पहले चोरी होगी (घटना घटेगी) - 2

  2. इसके बाद अपराधी को गिरफ्तार किया जाएगा - 1

  3. फिर मामला कोर्ट में जाएगा - 5

  4. इसके बाद कोर्ट द्वारा निर्णय (फैसला) सुनाया जाएगा - 4

  5. अंत में अपराधी को सजा मिलेगी - 3

इस प्रकार सार्थक क्रम 2, 1, 5, 4, 3 बनता है।

अतः सही उत्तर (c) 2, 1, 5, 4, 3 है।


55. A, B के उत्तर-पश्चिम में है। B, C के पश्चिम में है। C, D के उत्तर दिशा में है। अब D, A के संदर्भ में किस दिशा में है?

(a) दक्षिण-पश्चिम
(b) पूर्व
(c) दक्षिण
(d) दक्षिण-पूर्व
(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. A और B की स्थिति:

    • A, B के उत्तर-पश्चिम (North-West) में है। इसका अर्थ है कि B यदि केंद्र में है, तो A उसके ऊपर-बाईं ओर है।

  2. B और C की स्थिति:

    • B, C के पश्चिम (West) में है। यानी C, B के दाईं ओर स्थित है।

  3. C और D की स्थिति:

    • C, D के उत्तर (North) दिशा में है। यानी D, C के नीचे की ओर स्थित है।

  4. A के संदर्भ में D की दिशा ज्ञात करना:

    • जब आप A की स्थिति से D की स्थिति को देखेंगे, तो D, A के दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा में स्थित होगा।

अतः सही उत्तर (d) दक्षिण-पूर्व है।

56. यदि 1 जनवरी, 2008 को सोमवार है, तो 31 दिसंबर, 2008 को कौन-सा वार होगा?

(a) शनिवार
(b) मंगलवार
(c) रविवार
(d) गुरुवार
(e) अनुत्तरित प्रश्न

प्रश्न को हल करने के चरण:

  1. वर्ष की पहचान करना:

    • वर्ष 2008 एक लीप वर्ष (Leap Year) है, क्योंकि इसमें फरवरी 29 दिन की होती है (2008 में 4 का पूरा भाग जाता है)।

  2. साधारण वर्ष और लीप वर्ष का नियम:

    • एक साधारण वर्ष (Ordinary Year) जिस दिन शुरू होता है, उसी दिन समाप्त भी होता है।

    • लेकिन एक लीप वर्ष (Leap Year) जिस वार को शुरू होता है, उसका अंतिम दिन (31 दिसंबर) उससे अगला वार होता है (क्योंकि इसमें एक दिन अतिरिक्त जुड़ जाता है)।

  3. वार की गणना:

    • 1 जनवरी, 2008 को सोमवार है।

    • चूँकि 2008 एक लीप वर्ष है, इसलिए 31 दिसंबर, 2008 को सोमवार से अगला वार यानी मंगलवार होगा।

अतः सही उत्तर (b) मंगलवार है।


57. नीचे दिए गए कथन और कारण (Reason) को पढ़कर सही विकल्प चुनिए । 
Assertion (A): चौथी पीढ़ी की भाषा में क्वेरी भाषा (Query Language) का प्रयोग किया जाता है।

Reason (R): चौथी पीढ़ी की भाषाएँ (4GL) उपयोगकर्ता को सरल भाषा में डेटाबेस से प्रश्न (query) करने की सुविधा देती हैं। 

विकल्पः-

(a) A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

(b) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है।

(c) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।

(d) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

स्पष्टीकरण:

  • कथन (Assertion A): चौथी पीढ़ी की भाषा (4GL) में क्वेरी भाषा (Query Language) का प्रमुख रूप से प्रयोग किया जाता है, ताकि उपयोगकर्ता डेटाबेस से आसानी से संवाद कर सकें। यह कथन सत्य है।

  • कारण (Reason R): चौथी पीढ़ी की भाषाएँ (4GL) उपयोगकर्ताओं को सरल, अंग्रेजी जैसी सहज भाषा में डेटाबेस से प्रश्न (query) करने और डेटा प्राप्त करने की अनुमति देती हैं। यह कारण बिल्कुल सही है और कथन (A) की सटीक व्याख्या करता है।

अतः सही विकल्प (a) A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है। है।


58 एमआईसीआर (MICR) स्कैनर .... का एक उदाहरण है।

(a) इनपुट डिवाइस

(b) आउटपुट डिवाइस

(c) सेकेंडरी मेमोरी

(d) कंट्रोल यूनिट

(e) अनुत्तरित प्रश्न

स्पष्टीकरण:

  • एमआईसीआर (MICR - Magnetic Ink Character Recognition) स्कैनर का उपयोग मुख्य रूप से बैंकों में चेक पर छपे विशेष चुंबकीय स्याही वाले अक्षरों को पढ़ने और प्रोसेस करने के लिए किया जाता है।

  • यह एक इनपुट डिवाइस है, क्योंकि इसके माध्यम से डेटा (जैसे बैंक चेक की जानकारी) को पढ़कर कंप्यूटर सिस्टम के अंदर भेजा जाता है।

अतः सही विकल्प (a) इनपुट डिवाइस है।


59. निम्नलिखित में से किस आउटपुट डिवाइस का उपयोग किया जाता है-,

(a) प्रोजेक्टर
(b) टच पैड
(c) सी डी रोम
(d) पेन ड्राइव
(e) अनुत्तरित प्रश्न



प्रश्न में पूछे गए विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है:

  • (a) प्रोजेक्टर: यह एक आउटपुट डिवाइस है, जिसका उपयोग कंप्यूटर की स्क्रीन पर दिखने वाली जानकारी (जैसे वीडियो, इमेज, या प्रेजेंटेशन) को एक बड़ी सतह या पर्दे पर प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।

  • (b) टच पैड: यह एक इनपुट डिवाइस है।

  • (c) सी डी रोम (CD-ROM): यह एक स्टोरेज मीडिया है (इनपुट/आउटपुट दोनों का माध्यम हो सकता है)।

  • (d) पेन ड्राइव: यह एक स्टोरेज डिवाइस है।

अतः सही उत्तर (a) प्रोजेक्टर है।


60. निम्न में से कौनसा कथन सीपीयू (CPU) के रजिस्टर्स के बारे में सत्य नहीं है?

(a) ये आकार और संख्या में सीमित होते हैं।

(b) ये सीपीयू (CPU) चिप का हिस्सा होते हैं।

(c) ये डेटा और निर्देशों के लिए दीर्घकालिक संग्रहण के लिए उपयोग किए जाते हैं।

(d) ये डेटा को अस्थायी रूप से स्टोर करते हैं।

(e) अनुत्तरित प्रश्न

स्पष्टीकरण:

  • सीपीयू (CPU) के रजिस्टर्स प्रोसेसर के अंदर बहुत ही तेज गति वाली छोटी मेमोरी होती हैं, जिनका उपयोग वर्तमान में प्रोसेस हो रहे डेटा, निर्देशों (instructions) और परिणामों को अस्थायी रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है, न कि दीर्घकालिक संग्रहण (long-term storage) के लिए। दीर्घकालिक संग्रहण के लिए हार्ड डिस्क, SSD या सेकेंडरी मेमोरी का उपयोग किया जाता है।

  • इसलिए, विकल्प (c) असत्य है कि ये दीर्घकालिक संग्रहण के लिए उपयोग किए जाते हैं।

अतः सही उत्तर (c) ये डेटा और निर्देशों के लिए दीर्घकालिक संग्रहण के लिए उपयोग किए जाते हैं। है।

61. MS-Word में, वर्तमान स्थिति से वर्तमान पैराग्राफ के अंत तक टैक्स्ट और ग्राफिक्स का चयन करने के लिए, निम्नलिखित में से किस की-बोर्ड शॉर्टकट का उपयोग किया जाता है?

(a) Ctrl + Shift + down arrow key

(b) Shift + Page up

(c) Shift + Page down

(d) Ctrl + Shift + Home

(e) अनुत्तरित प्रश्न

MS-Word में वर्तमान स्थिति से वर्तमान पैराग्राफ के अंत तक टेक्स्ट और ग्राफिक्स का चयन करने के लिए Ctrl + Shift + Down Arrow Key शॉर्टकट का उपयोग किया जाता है।

सही उत्तर: (a) Ctrl + Shift + down arrow key


62. निम्नलिखित में से कौनसा स्प्रेडशीट प्रोग्राम का प्रकार नहीं है -
(a) गूगल शीट
(b) रोज सिम्फनी
(c) जोहो शीट
(d) माइक्रोसॉफ्ट एक्सल
(e) अनुत्तरित प्रश्न


  • गूगल शीट (Google Sheets) एक लोकप्रिय ऑनलाइन स्प्रेडशीट प्रोग्राम है।

  • जोहो शीट (Zoho Sheet) भी क्लाउड-आधारित स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर है।

  • माइक्रोसॉफ्ट एक्सल (Microsoft Excel) दुनिया का सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला स्प्रेडशीट प्रोग्राम है।

  • विकल्प (b) रोज सिम्फनी (या IBM Lotus Symphony) वास्तव में एक ऑफिस सुइट (Office Suite) था, जिसमें स्प्रेडशीट प्रोग्राम शामिल तो होता था, लेकिन यह विशेष रूप से केवल कोई स्टैंडअलोन 'स्प्रेडशीट प्रोग्राम' नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर पैकेज/ऑफिस सुइट था। 




  • 63. MS-Power Point में Paste Special कमान्ड उपयोग में लेने के लिए कौन-सी शार्ट कट का प्रयोग में ली जाती है?

    (a) Alt + E + S
    (b) Alt + P + S
    (c) Alt + F + U
    (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    MS-PowerPoint (या अन्य Microsoft Office ऐप्स) में 'Paste Special' डायलॉग बॉक्स खोलने के लिए पारंपरिक की-बोर्ड शॉर्टकट Alt + E + S का उपयोग किया जाता है (यह पुराने मेनू स्ट्रक्चर — Edit -> Special पर आधारित है)। इसके अलावा आधुनिक वर्जन में Ctrl + Alt + V का भी उपयोग किया जाता है। दिए गए विकल्पों के अनुसार सही उत्तर विकल्प (a) है।

    सही उत्तर: (a) Alt + E + S


    64. संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण एवं क्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

    1. गुण-दोष, भाव, अवस्था आदि भाववाचक संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

    2. 'वे लोग कहाँ जा रहे थे?' वाक्य में प्रयुक्त 'वे' पुरुषवाचक सर्वनाम है।

    3. 'क्विंटल-भर चावल' में 'क्विंटल-भर' परिमाणवाचक विशेषण है।

    4. 'मोहन नहाकर पूजा करने लगा।' वाक्य में 'नहाकर' पूर्वकालिक क्रिया का प्रयोग हुआ है।

    5. 'तीन किताबें' में 'तीन' परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

    (a) केवल 1, 2, 3 और 4

    (b) केवल 1, 3 और 5

    (c) केवल 2, 4 और 5

    (d) 1, 2, 3, 4 और 5

    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    आइए दिए गए सभी कथनों की सत्यता की जाँच करते हैं:

    1. कथन 1 (सत्य): भाववाचक संज्ञा के अंतर्गत किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, दोष, धर्म, दशा, अवस्था, भाव आदि का बोध कराने वाले शब्द आते हैं (जैसे- बुढ़ापा, मिठास, ईमानदारी)।

    2. कथन 2 (सत्य): 'वे लोग कहाँ जा रहे थे?' इस वाक्य में 'वे' शब्द अन्य पुरुष (प्रथम पुरुष) के अंतर्गत आने वाला पुरुषवाचक सर्वनाम है।

    3. कथन 3 (सत्य): 'क्विंटल-भर चावल' में 'क्विंटल-भर' चावल की मात्रा (परिमाण) को दर्शाता है, इसलिए यह परिमाणवाचक विशेषण (निश्चित/अनिश्चित परिमाणवाचक के संदर्भ में) का सही उदाहरण है।

    4. कथन 4 (सत्य): 'मोहन नहाकर पूजा करने लगा।' इस वाक्य में 'नहाकर' शब्द में पूर्वकालिक क्रिया का प्रयोग हुआ है (जब कर्ता एक कार्य समाप्त करके तुरंत दूसरा कार्य करता है, तो पहले समाप्त होने वाली क्रिया पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है)।

    5. कथन 5 (असत्य): 'तीन किताबें' में 'तीन' शब्द किताबों की संख्या (गिनती) को बता रहा है, इसलिए यह संख्यावाचक विशेषण का उदाहरण है, न कि परिमाणवाचक विशेषण का।

    अतः कथन 1, 2, 3 और 4 सही हैं।

    सही उत्तर: (a) केवल 1, 2, 3 और 4


    65. निम्नलिखित में से किस विकल्प के सभी शब्द संबंधबोधक अव्यय के उदाहरण नहीं हैं?
    (a) निकट, प्रति, द्वारा
    (b) तो भी, तथा, यद्यपि
    (c) विपरीत, पर्यंत, अधीन
    (d) अपेक्षा, अनुरूप, रहित
    (e) अनुत्तरित प्रश्न


    व्याख्या (Explanation):

    1. संबंधबोधक अव्यय की परिभाषा:
    जो अव्यय शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद प्रयुक्त होकर वाक्य के अन्य शब्दों (विशेषकर संज्ञा या सर्वनाम) के साथ संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते हैं (जैसे- के आगे, के पीछे, के बिना, द्वारा, प्रति आदि)।

    2. विकल्पों का विश्लेषण:

    • (a) निकट, प्रति, द्वारा:

      • निकट (स्थानवाचक), प्रति (दिशावाचक/दीप्सावाचक) और द्वारा (साधनवाचक) — ये सभी संबंधबोधक अव्यय के अंतर्गत आते हैं। अतः इस विकल्प के सभी शब्द संबंधबोधक हैं।

    • (b) तो भी, तथा, यद्यपि:

      • 'तथा' और 'यद्यपि' (तथापि) दोनों समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunction) हैं, जो दो वाक्यों या पदों को जोड़ने का कार्य करते हैं।

      • 'तो भी' भी इसी श्रेणी (समुच्चयबोधक/विरोधसूचक) से संबंधित है।

      • निष्कर्ष: ये शब्द संबंधबोधक अव्यय नहीं हैं।

    • (c) विपरीत, पर्यंत, अधीन:

      • विपरीत (विरोधवाचक), पर्यंत (कालवाचक/संग्रहवाचक) और अधीन (आश्रयवाचक/सहचरवाचक) — ये सभी संबंधबोधक अव्यय के उदाहरण हैं।

    • (d) अपेक्षा, अनुरूप, रहित:

      • अपेक्षा (तुलनावाचक), अनुरूप (सादृश्यवाचक) और रहित (व्यतिरेकवाचक) — ये सभी भी संबंधबोधक अव्यय के अंतर्गत आते हैं।

    निष्कर्ष:
    विकल्प (b) के शब्द समुच्चयबोधक अव्यय के अंतर्गत आते हैं, संबंधबोधक के नहीं।

    सही उत्तर: (b) तो भी, तथा, यद्यपि


    66. किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है?

    (a) महामात्य = महा + आमात्य
    (b) भयाक्रांत भय + आक्रांत
    (c) स्नेहाविष्ट = स्नेह + आविष्ट
    (d) कंटकाकीर्ण = कंटक + आकीर्ण
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) है।

    स्पष्टीकरण:

    • (a) महामात्य = महा + आमात्य — यह संधि-विच्छेद सही नहीं है'महामात्य' शब्द का सही संधि-विच्छेद महा + अमात्य होता है, जहाँ 'अमात्य' शब्द का अर्थ मंत्री या सचिव होता है (यहाँ 'आमात्य' कोई मूल शब्द नहीं है)।

    • अन्य सभी विकल्प सही हैं:

      • (b) भयाक्रांत = भय + आक्रांत (दीर्घ स्वर संधि)

      • (c) स्नेहाविष्ट = स्नेह + आविष्ट (दीर्घ स्वर संधि)

      • (d) कंटकाकीर्ण = कंटक + आकीर्ण (दीर्घ स्वर संधि)

    67. निम्न में से शुद्ध विकल्प नहीं है -
    (a) राधेश्याम द्वंद्व समास
    (b) गजानन - अव्ययीभाव समास
    (c) महाकवि - कर्मधारय समास
    (d) हस्तलिखित - तत्पुरुष समास
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    दिए गए विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है:

    • (a) राधेश्याम — इसमें 'राधा और श्याम' पद है, अतः यह द्वंद्व समास का सही उदाहरण है।

    • (b) गजानन — इसका अर्थ 'गज के समान आनन (मुख) है जिसका अर्थात् गणेश' होता है। यह बहुव्रीहि समास का उदाहरण है, न कि अव्ययीभाव समास का। अतः यह युग्म अशुद्ध (सुमेलित नहीं) है।

    • (c) महाकवि — 'महान है जो कवि', इसमें कर्मधारय समास है — सही है

    • (d) हस्तलिखित — 'हाथ से लिखित', इसमें तत्पुरुष समास (करण तत्पुरुष) है — सही है

    अतः विकल्प (b) अशुद्ध/शुद्ध विकल्प नहीं है।

    सही उत्तर: (b) गजानन - अव्ययीभाव समास


    68. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए: 

     सूची-I (शब्द)

     सूची-II (पर्यायवाची शब्द)

     (A) सूर्य

     (I) व्याघ्र

     (B) सिंह

     (II) मोद

     (C) चारु

     (III) रम्य

     (D) आनंद

     (IV) प्रभाकर


    (a) A-IV, B-I, C-III, D-II

    (b) A-I, B-IV, C-II, D-III

    (c) A-III, B-IV, C-II, D-I

    (d) A-IV, B-II, C-III, D-I

    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    Ans :-

    सूची-I के शब्दों का सूची-II के उनके सही पर्यायवाची शब्दों के साथ मिलान इस प्रकार है:

    • (A) सूर्य का पर्यायवाची (IV) प्रभाकर है। (A - IV)

    • (B) सिंह का पर्यायवाची (I) व्याघ्र है। (B - I)

    • (C) चारु का पर्यायवाची (III) रम्य (सुंदर/मनोहर) है। (C - III)

    • (D) आनंद का पर्यायवाची (II) मोद (प्रसन्नता/हर्ष) है। (D - II)

    यह मिलान विकल्प (a) से पूरी तरह मेल खाता है।

    सही उत्तर: (a) A-IV, B-I, C-III, D-II

    69. किस विकल्प में अशुद्ध विलोमता है?
    (a) हार जीत, अग्र पश्च
    (b) सुकर - दुष्कर, स्याह - सफेद
    (c) सापेक्ष - निरपेक्ष, भ्रान्त - निर्भान्त
    (d) विज्ञ - सुविज्ञ, ऋत - अनृत
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    दिए गए विकल्पों में विलोम युग्मों की जाँच करते हैं:

    • (a) हार - जीत, अग्र - पश्च: ये दोनों ही परस्पर सही विलोम युग्म हैं।

    • (b) सुकर - दुष्कर, स्याह - सफेद: ये दोनों भी सही विलोम युग्म हैं।

    • (c) सापेक्ष - निरपेक्ष, भ्रान्त - निर्भान्त: ये दोनों भी सही विलोम युग्म हैं (भ्रान्त का विलोम निर्भान्त या संभ्रांत होता है)।

    • (d) विज्ञ - सुविज्ञ, ऋत - अनृत:

      • यहाँ ऋत का विलोम अनृत बिल्कुल सही है।

      • लेकिन विज्ञ का विलोम 'अविज्ञ' या 'अनभिज्ञ' होता है, जबकि 'सुविज्ञ' विज्ञ का पर्यायवाची या समानार्थक शब्द है, विलोम नहीं। अतः यह विकल्प अशुद्ध विलोमता को दर्शाता है।

    सही उत्तर: (d) विज्ञ - सुविज्ञ, ऋत - अनृत


    70. निम्नलिखित में से अनमेल अनेकार्थक शब्द हैं-
    (a) हंस-मराल, सूर्य, घोड़ा
    (b) हरि-बंदर, विष्णु, सर्प
    (c) नग-पक्षी, शून्य, वन
    (d) धन-जोड़, संपत्ति, पारितोषिक
    (e) अनुत्तरित प्रश्न
    दिए गए विकल्पों में अनेकार्थक शब्दों के समूहों का विश्लेषण इस प्रकार है:

    • (a) हंस: मराल (हंस का पर्यायवाची/अनेकार्थक), सूर्य और घोड़ा (उच्च कोटि का घोड़ा/सूर्य का प्रतीक माना जाता है)।

    • (b) हरि: इसके अनेकार्थक शब्दों में विष्णु, बंदर, सर्प, सिंह, मेंढक, सूर्य, किरण आदि आते हैं।

    • (c) नग: इसके अनेकार्थक शब्दों में पर्वत, वृक्ष, हीरा, संख्या (शून्य/अंक के संदर्भ में), और कभी-कभी 'पक्षी' भी इसके अंतर्गत गिना जाता है; परंतु 'शून्य' और 'वन' इसके सटीक और सुमेलित अनेकार्थक समूह में मेल नहीं खाते। (नग का अर्थ पर्वत, वृक्ष, रत्न होता है)।

    • (d) धन: इसके अनेकार्थक में संपत्ति, जोड़ (धन का अर्थ योग/जोड़ भी होता है), पारितोषिक (धन-राशि के रूप में) आदि आते हैं।

    मानक हिंदी व्याकरण और शब्दकोश के अनुसार, (c) नग-पक्षी, शून्य, वन वाला विकल्प अनेकार्थक शब्दों के मेल की दृष्टि से अनमेल (असंगत) है, क्योंकि 'नग' का अर्थ पर्वत, वृक्ष या रत्न होता है, जबकि 'शून्य' और 'वन' इसके मुख्य अनेकार्थक शब्दों में नहीं आते।

    सही उत्तर: (c) नग-पक्षी, शून्य, वन

    71. अशुद्ध वर्तनी युक्त (सभी शब्दों वाले) विकल्प का चयन कीजिए।
    (a) आशिर्वाद, उज्वल, कवियित्री
    (b) अहल्या, द्वारका, प्रज्वलित
    (c) युधिष्ठिर, विरहिणी, लौकिक
    (d) मिष्टान्न, इंदिरा, मुकुंद
    (e) अनुत्तरित प्रश्न
    दिए गए विकल्पों में वर्तनी की शुद्धता का विश्लेषण इस प्रकार है:

    • विकल्प (a) आशिर्वाद, उज्वल, कवियित्री:

      • 'आशिर्वाद' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप 'आशीर्वाद' होता है (रेफ 'र्श' वर्ण के ऊपर लगता है)।

      • 'उज्वल' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप 'उज्ज्वल' होता है (इसमें दो आधे 'ज' आते हैं)।

      • 'कवियित्री' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप 'कवयित्री' होता है (य पर छोटी 'इ' की मात्रा नहीं होती)।

      • इस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध वर्तनी युक्त हैं।

    • विकल्प (b) अहल्या, द्वारका, प्रज्वलित:

      • 'अहल्या' (शुद्ध), 'द्वारका' (शुद्ध), 'प्रज्वलित' (शुद्ध) — इस विकल्प के सभी शब्द वर्तनी की दृष्टि से पूरी तरह शुद्ध हैं।

    • विकल्प (c) युधिष्ठिर, विरहिणी, लौकिक:

      • 'युधिष्ठिर' (शुद्ध), 'विरहिणी' (शुद्ध - 'विरहणी' अशुद्ध होता है), 'लौकिक' (शुद्ध) — ये सभी शब्द शुद्ध हैं।

    • विकल्प (d) मिष्टान्न, इंदिरा, मुकुंद:

      • 'मिष्टान्न' (शुद्ध - 'मिष्ठान' अशुद्ध होता है), 'इंदिरा' (शुद्ध), 'मुकुंद' (शुद्ध) — ये सभी शब्द शुद्ध हैं।

    अतः विकल्प (a) के अंतर्गत सभी शब्द अशुद्ध वर्तनी वाले हैं।

    सही उत्तर: (a) आशिर्वाद, उज्वल, कवियित्री


    72. निम्नलिखित में कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
    (a) दरअसल वह आया ही नहीं।
    (b) प्रायः बच्चे ऐसी शरारतें अकसर करते हैं।
    (c) यह मूर्ति संगमरमर पत्थर से निर्मित है।
    (d) वह सबके सामने खुलेआम गाली देता रहा।

    दिए गए वाक्यों का व्याकरणिक विश्लेषण इस प्रकार है:

    • (a) दरअसल वह आया ही नहीं। — यह वाक्य वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध है। ('दरसल' या 'दरअसल' में 'दरअसल' सही है और वाक्य का अर्थ व संरचना सटीक है।)

    • (b) प्रायः बच्चे ऐसी शरारतें अकसर करते हैं। — यह अशुद्ध है, क्योंकि 'प्रायः' और 'अकसर' दोनों शब्दों का अर्थ एक ही (अक्सर/सामान्यतः) होता है, इसलिए एक ही वाक्य में दोनों का एक साथ प्रयोग पुनरुक्ति (redundancy) दोष उत्पन्न करता है।

    • (c) यह मूर्ति संगमरमर पत्थर से निर्मित है। — यह अशुद्ध है, क्योंकि 'संगमरमर' स्वयं एक प्रकार का पत्थर है, इसलिए इसके साथ 'पत्थर' शब्द जोड़ना अनावश्यक है। शुद्ध वाक्य होगा: "यह मूर्ति संगमरमर से निर्मित है।"

    • (d) वह सबके सामने खुलेआम गाली देता रहा। — इसमें 'खुलेआम' और 'सबके सामने' दोनों का एक साथ प्रयोग पुनरुक्ति दोष पैदा करता है।

    अतः विकल्प (a) व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है।

    सही उत्तर: (a) दरअसल वह आया ही नहीं।




    74. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए: 

     सूची-I (मुहावरा)

     सूची-II (अर्थ)

     (A) नौ दो ग्यारह होना

     (i) भाग जाना

     (B) पानी-पानी होना

     (ii) बहुत लज्जित होना

     (C) बगुला भगत होना

     (iii) ढोंगी या कपटी होना

     (D) बालू से तेल निकालना

     (iv) असंभव कार्य करना



    (a) (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)

    (b) (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iii), (D)-(iv)

    (c) (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iv), (D)-(iii)

    (d) (A)-(iv), (B)-(iii), (C)-(ii), (D)-(i)

    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    सूची-I के मुहावरों का सूची-II के उनके सही अर्थों के साथ मिलान इस प्रकार है:

    • (A) नौ दो ग्यारह होना का अर्थ (i) भाग जाना है। (A - i)

    • (B) पानी-पानी होना का अर्थ (ii) बहुत लज्जित होना है। (B - ii)

    • (C) बगुला भगत होना का अर्थ (iii) ढोंगी या कपटी होना है। (C - iii)

    • (D) बालू से तेल निकालना का अर्थ (iv) असंभव कार्य करना है। (D - iv)

    यह मिलान विकल्प (a) से पूरी तरह मेल खाता है।

    सही उत्तर: (a) (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)


    75. लोकोक्ति 'टके सेर भाजी, टके सेर खाजा' का ऐतिहासिक या व्यवस्थागत संबंध किस प्रकार की स्थिति से है?
    (a) जहाँ व्यापार बहुत उन्नत हो
    (b) जहाँ मूल्य नियंत्रण प्रणाली बहुत सख्त हो
    (c) जहाँ गुणवान और गुणहीन में कोई अंतर न किया जाता हो (मूर्ख शासन)
    (d) जहाँ की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    लोकोक्ति 'टके सेर भाजी, टके सेर खाजा' (जो कि भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध नाटक 'अंधेर नगरी' से गहराई से जुड़ी है) उस व्यवस्था या स्थिति को दर्शाती है जहाँ मूल्यवान और मूल्यहीन, अथवा अच्छे और बुरे वस्तु/व्यक्ति में कोई भेद नहीं किया जाता। ऐसी व्यवस्था का संचालन एक मूर्ख राजा या अयोग्य शासन प्रणाली द्वारा किया जाता है, जहाँ न्याय और तर्क का कोई स्थान नहीं होता।

    दिए गए विकल्पों में से यह स्थिति उस ओर संकेत करती है जहाँ गुणवान और गुणहीन या सुयोग्य और कुयोग्य व्यक्ति/वस्तुओं में कोई अंतर नहीं समझा जाता।

    सही उत्तर: (c) जहाँ गुणवान और गुणहीन में कोई अंतर न किया जाता हो (मूर्ख शासन)


    76. निम्नलिखित में से असंगत युग्म का चयन कीजिए।
    (a) अनुस्मारक - Circular
    (b) कार्यालय आदेश - Office Order
    (c) अर्द्ध सरकारी पत्र Demi Official
    (d) अधिसूचना - Notification
    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    दिए गए विकल्पों में प्रशासनिक शब्दावली (Administrative Glossary) के आधार पर सही मिलान इस प्रकार है:

    • कार्यालय आदेश — Office Order (सुमेलित है)

    • अर्द्ध सरकारी पत्र — Demi Official / D.O. (सुमेलित है)

    • अधिसूचना — Notification (सुमेलित है)

    • अनुस्मारक — इसके लिए अंग्रेजी शब्द Reminder होता है, जबकि 'Circular' का हिंदी अर्थ परिपत्र होता है। अतः विकल्प (a) असंगत युग्म है।

    सही उत्तर: (a) अनुस्मारक - Circular


    77. कार्यालय आदेश के संबंध में कौन-सा कथन असंगत है?
    (a) इस प्रारूप के मध्य में 'कार्यालय आदेश' लिखा जाता है।
    (b) इसमें संबोधन और अधोलेख का प्रयोग अवश्य होता है।
    (c) इस प्रारूप के दाईं ओर (नीचे की ओर) भेजने वाले अधिकारी का नाम कोष्ठक के बीच में लिखा जाता है।
    (d) इस प्रारूप में विषय और संदर्भ नहीं लिखे जाते।
    (e) अनुत्तरित प्रश्न


    कार्यालय आदेश (Office Order) के संबंध में दिए गए कथनों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:

    • (a) इस प्रारूप के मध्य में 'कार्यालय आदेश' लिखा जाता है — यह कथन सत्य है।

    • (b) इसमें संबोधन और अधोलेख का प्रयोग अवश्य होता है — यह कथन असंगत (गलत) है, क्योंकि कार्यालय आदेश में किसी प्रकार के संबोधन (जैसे- महोदय) और अधोलेख/स्वनिर्देश (जैसे- भवदीय) का प्रयोग नहीं किया जाता है।

    • (c) इस प्रारूप के दाईं ओर (नीचे की ओर) भेजने वाले अधिकारी का नाम कोष्ठक के बीच में लिखा जाता है — यह कथन सत्य है।

    • (d) इस प्रारूप में विषय और संदर्भ नहीं लिखे जाते — यह कथन सत्य है, क्योंकि यह सीधे आंतरिक प्रशासन से जुड़ा आदेश होता है।

    अतः विकल्प (b) असंगत कथन है।

    सही उत्तर: (b) इसमें संबोधन और अधोलेख का प्रयोग अवश्य होता है।


    78. निम्नलिखित पर विचार कीजिए-
    1. अधिकार
    3. अधिपति
    2. अध्यक्ष
    4. अधीन
    उपरोक्त में से कितने 'अधि' उपसर्ग से बने हैं?


    (a) केवल 1

    (b) केवल 2

    (c) केवल 3

    (d) सभी 4

    (e) अनुत्तरित प्रश्न

    दिए गए शब्दों में 'अधि' उपसर्ग की स्थिति का विश्लेषण इस प्रकार है:

    1. अधिकार = अधि + कार (इसमें 'अधि' उपसर्ग है)

    2. अधिपति = अधि + पति (इसमें भी 'अधि' उपसर्ग है)

    3. अध्यक्ष = अधि + अक्षा (यण संधि के नियम के अनुसार अधि + अक्ष = अध्यक्ष, इसमें भी 'अधि' उपसर्ग है)

    4. अधीन = अधि + अधीन / आधीन (इसमें भी 'अधि' उपसर्ग निहित है)

    दिए गए चारों शब्दों (1. अधिकार, 2. अध्यक्ष, 3. अधिपति, 4. अधीन) में 'अधि' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।

    सही उत्तर: (d) सभी 4

    79. निम्नलिखित में से किन शब्दों में 'आहट' प्रत्यय लगा हुआ है?
    (a) कड़वाहट
    (b) गर्माहट
    (c) रुकावट
    (d) बौखलाहट
    (e) लिखावट


    सही विकल्प का चयन कीजिए:

    (a) केवल (a), (b) और (d)

    (b) केवल (a), (c) और (d)

    (c) केवल (b), (c) और (e)

    (d) केवल (a), (b) और (e)

    आइए दिए गए शब्दों का विश्लेषण करें कि किसमें 'आहट' प्रत्यय लगा है:

    • (a) कड़वाहट: कड़वा + आहट = कड़वाहट (इसमें 'आहट' प्रत्यय लगा है)

    • (b) गर्माहट: गर्म + आहट = गर्माहट (इसमें 'आहट' प्रत्यय लगा है)

    • (c) रुकावट: रुक + आवट = रुकावट (इसमें 'आवट' प्रत्यय है, न कि 'आहट')

    • (d) बौखलाहट: बौखला + आहट = बौखलाहट (इसमें 'आहट' प्रत्यय लगा है)

    • (e) लिखावट: लिख + आवट = लिखावट (इसमें 'आवट' प्रत्यय है, न कि 'आहट')

    विश्लेषण के अनुसार, (a), (b) और (d) शब्दों में 'आहट' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।

    सही उत्तर: (a) केवल (a), (b) और (d)