राजस्थान हस्तशिल्प उद्योग
Q.1 ऊँट की खाल पर सोने-चांदी की नक्काशी व चित्रांकन की प्रसिद्ध कला 'उस्ता कला' मुख्य रूप से किस जिले से संबंधित है?
(अ) जैसलमेर
(ब) बीकानेर
(स) जोधपुर
(द) बाड़मेर
सही उत्तर: (ब) बीकानेर
व्याख्या: उस्ता कला बीकानेर की प्रसिद्ध हस्तकला है, जिसमें ऊँट की खाल पर सोने और चांदी के तारों से बेहद बारीक़ नक्काशी और चित्रांकन किया जाता है। इस कला के उस्ताद कलाकारों को 'उस्ताद' कहा जाता है। हिसामुद्दीन उस्ता इस कला के विश्वप्रसिद्ध कलाकार रहे हैं।
Q.2 कांच के बारीक टुकड़ों को आभूषणों व वस्त्रों पर जड़ने की कला क्या कहलाती है?
(अ) थेवा कला
(ब) मीनाकारी
(स) गोदना व कांच वर्क (गोटा-किनारी/अरी वर्क)
(द) उस्ता कला
सही उत्तर: (स) गोदना व कांच वर्क (गोटा-किनारी/अरी वर्क)
व्याख्या: राजस्थान के पारंपरिक परिधानों और आभूषणों पर कांच (शीशा) के छोटे-छोटे टुकड़ों को खूबसूरती से टाँकने या जड़ने की कला कांच वर्क या शीशा हस्तकला कहलाती है, जो मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में लोकप्रिय है।
Q.3 प्रतापगढ़ की प्रसिद्ध 'थेवा कला' में किस रंग के कांच का मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है?
(अ) लाल
(ब) नीला
(स) हरा
(द) पीला
सही उत्तर: (स) हरा
व्याख्या: थेवा कला प्रतापगढ़ की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कला है, जिसमें हरे रंग (तथा कभी-कभी नीले रंग) के बेल्जियम कांच पर सोने की कलात्मक सूक्ष्म चित्रकारी की जाती है। सोनी परिवार इस कला का प्रमुख प्रवर्तक माना जाता है।
Q.4 राजस्थान में 'अज़रख प्रिंट' और 'मलीर प्रिंट' के लिए कौन सा स्थान विश्वप्रसिद्ध है?
(अ) सांगानेर (जयपुर)
(ब) बाड़मेर
(स) अकोला (चित्तौड़गढ़)
(द) बगरू (जयपुर)
सही उत्तर: (ब) बाड़मेर
व्याख्या: बाड़मेर का बाड़मेर जिला (विशेष रूप से बालोतरा/अज़रख प्रिंट क्षेत्र) अपने जटिल ज्यामितीय डिजाइनों वाले 'अज़रख प्रिंट' और गहरे भूरे-काले रंग के 'मलीर प्रिंट' के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
Q.5 मीनाकारी की कला को राजस्थान में लाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
(अ) राजा मानसिंह प्रथम
(ब) सवाई जयसिंह
(स) राव जोधा
(द) महाराणा प्रताप
सही उत्तर: (अ) राजा मानसिंह प्रथम
व्याख्या: आमेर के राजा मानसिंह प्रथम मीनाकारी (स्वर्ण आभूषणों पर रंग भरने की कला) को लाहौर से राजस्थान (जयपुर) लेकर आए थे। जयपुर का मानसिंह दरबार इस कला का प्रमुख केंद्र बना।
Q.6 मृण्मयी कला (टेराकोटा) के लिए राजस्थान का कौन सा गाँव प्रसिद्ध है?
(अ) बस्सी
(ब) मोईलेला
(स) अकोला
(द) कैथून
सही उत्तर: (ब) मोईलेला
व्याख्या: राजसमंद जिले का 'मोईलेला' गाँव टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी से मूर्तियां एवं कलाकृतियाँ बनाने की कला) के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहाँ के प्रसिद्ध कलाकार मोहनलाल पोटर को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
Q.7 लकड़ी के बने कलात्मक खिलौने और 'कावड़' निर्माण के लिए प्रसिद्ध स्थान कौन सा है?
(अ) बस्सी (चित्तौड़गढ़)
(ब) कैथून (कोटा)
(स) शाहपुरा (भीलवाड़ा)
(द) खंडेला (सीकर)
सही उत्तर: (अ) बस्सी (चित्तौड़गढ़)
व्याख्या: चित्तौड़गढ़ जिले का बस्सी कस्बा लकड़ी के कलात्मक खिलौने, कठपुतलियाँ और धार्मिक कथाओं के संधारण हेतु लकड़ी के मंदिरनुमा बक्से जिन्हें 'कावड़' कहा जाता है, के निर्माण के लिए जाना जाता है।
Q.8 राजस्थान में 'दाबू प्रिंट' (मोम का दाबू, मिट्टी का दाबू) के लिए प्रमुख केंद्र कौन सा है?
(अ) बगरू
(ब) अकोला (चित्तौड़गढ़)
(स) सांगानेर
(द) पिलानी
सही उत्तर: (ब) अकोला (चित्तौड़गढ़)
व्याख्या: चित्तौड़गढ़ जिले का अकोला गाँव 'दाबू प्रिंट' के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसमें छपाई से पहले कपड़ों पर मोम, मिट्टी या गेहूँ के बींध की दाबू (लेप) लगाई जाती है ताकि निश्चित हिस्से पर रंग न चढ़े।
Q.9 बाद्दी या 'बादल' (शीतल जल रखने की जस्ते की सुराही) किस जिले की हस्तशिल्प कला है?
(अ) बीकानेर
(ब) जोधपुर
(स) जैसलमेर
(द) नागौर
सही उत्तर: (ब) जोधपुर
व्याख्या: 'बादल' जस्ते (Zinc) से बनी एक विशेष प्रकार की सुराही या बोतल होती है, जो जोधपुर में बनाई जाती है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें रखा पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है।
Q.10 राजस्थान में 'मूला कला' या 'पेड़-पौधों के रेशों से बनी वस्तुएं' मुख्य रूप से कहाँ की प्रसिद्ध हैं?
(अ) जालोर
(ब) बाड़मेर
(स) पाली
(द) सिरोही
सही उत्तर: (अ) जालोर
व्याख्या: जालोर जिले की 'मूला कला' स्थानीय घास, मूँज और पेड़-पौधों के रेशों से चटाइयाँ, टोकरियाँ और अन्य सजावटी घरेलू सामान बनाने के लिए प्रसिद्ध है।
Q.11 श्रीनाथजी के मंदिर (नाथद्वारा) में भगवान कृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित कपड़े पर की गई चित्रकारी क्या कहलाती है?
(अ) फड़ कला
(ब) पिछवाई कला
(स) मथरा कला
(द) उस्ता कला
सही उत्तर: (ब) पिछवाई कला
व्याख्या: नाथद्वारा (राजसमंद) की 'पिछवाई कला' श्रीनाथजी के पीछे दीवार पर टंगे जाने वाले बड़े आकार के सूती कपड़ों पर उकेरे गए चित्रों की पारंपरिक कला है, जो कृष्ण भक्त संप्रदाय से जुड़ी है।
Q.12 लोक देवताओं की यशोगाथाओं को कपड़े पर चित्रित कर गाए जाने वाली 'फड़' कला के लिए कौन सा जिला प्रसिद्ध है?
(अ) भीलवाड़ा
(ब) जयपुर
(स) उदयपुर
(द) अलवर
सही उत्तर: (अ) भीलवाड़ा
व्याख्या: भीलवाड़ा का शाहपुरा कस्बा 'फड़' (Fad) चित्रण के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें पाबूजी, देवता रामदेवजी आदि की गाथाएं कपड़े पर चित्रित की जाती हैं। जोशी परिवार इस कला का प्रमुख हस्ताक्षर है।
Q.13 राजस्थान में हस्तशिल्प के विकास व संवर्धन के लिए सर्वोच्च संस्था 'राजसिको' (RAJSICO) की स्थापना कब की गई थी?
(अ) 1955
(ब) 1961
(स) 1971
(द) 1985
सही उत्तर: (ब) 1961
व्याख्या: राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (RAJSICO) की स्थापना 3 जून 1961 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान के हस्तशिल्प और लघु उद्योगों का विकास व विपणन करना है।
Q.14 ब्लू पॉटरी के लिए राजस्थान का कौन सा शहर देश-दुनिया में प्रसिद्ध है?
(अ) जयपुर
(ब) जोधपुर
(स) बीकानेर
(द) कोटा
सही उत्तर: (अ) जयपुर
व्याख्या: ब्लू पॉटरी (चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले रंग से आकर्षक डिजाइन बनाना) मुख्य रूप से जयपुर की प्रसिद्ध हस्तकला है। महाराजा रामसिंह द्वितीय के काल में इसे विशेष प्रोत्साहन मिला था। कृपाल सिंह शेखावत इसके प्रख्यात कलाकार थे।
Q.15 कागजी टेराकोटा (पेपरमेशी और पतली मिट्टी की कला) के लिए राजस्थान का कौन सा स्थान प्रसिद्ध है?
(अ) अलवर
(ब) जयपुर
(स) उदयपुर
(द) अजमेर
सही उत्तर: (अ) अलवर
व्याख्या: अलवर में कागजी टेराकोटा का विकास हुआ है, जिसमें बेहद हल्के, कागज जितने पतले और सुंदर मिट्टी के बर्तन व कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं।
Q.16 कोटा डोरिया साड़ियों के निर्माण का प्रमुख केंद्र कौन सा कस्बा है?
(अ) कैथून
(ब) मसूदा
(स) बस्सी
(द) खंडेला
सही उत्तर: (अ) कैथून
व्याख्या: कोटा जिले का कैथून कस्बा 'कोटा डोरिया' (मंसूरिया साड़ियों) के हथकरघा उत्पादन का प्रमुख गढ़ है, जो अपनी बारीकी और मलमल जैसे हल्केपन के लिए जानी जाती हैं।
Q.17 थेवा कला को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध कलाकार कौन थे?
(अ) महेश राज सोनी
(ब) कृपाल सिंह शेखावत
(स) हिसामुद्दीन उस्ता
(द) गोपाल सिंह
सही उत्तर: (अ) महेश राज सोनी
व्याख्या: प्रतापगढ़ के पद्मश्री से सम्मानित महेश राज सोनी ने थेवा कला को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाई। इस परिवार के कई सदस्यों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
Q.18 राजस्थान में सुनहरी और चाँदी की छपाई के लिए प्रसिद्ध हस्तकला कहाँ की है?
(अ) जयपुर व बगरू
(ब) जोधपुर व पाली
(स) बीकानेर व चूरू
(द) कोटा व बूंदी
सही उत्तर: (अ) जयपुर व बगरू
व्याख्या: जयपुर और बगरू क्षेत्र में पारंपरिक रूप से वस्त्रों पर सोने और चांदी के वरक या रंगों से छपाई करने की विशेष कला विकसित हुई है, जो शाही लिबास के रूप में उपयोग होती थी।
Q.19 उदयपुर की पिछवाई कला मूलतः किस शैली से प्रभावित है?
(अ) मेवाड़ शैली
(ब) मारवाड़ शैली
(स) ढूंढाड़ शैली
(द) कोटा शैली
सही उत्तर: (अ) मेवाड़ शैली
व्याख्या: नाथद्वारा (उदयपुर/राजसमंद क्षेत्र) की पिछवाई चित्रकला मूल रूप से पारंपरिक 'मेवाड़ चित्रकला शैली' का ही एक विकसित और विशिष्ट रूप है।
Q.20 राजस्थान में 'सूंथ की छपाई' या 'मदारी छपाई' के लिए कौन सा क्षेत्र जाना जाता है?
(अ) भीलवाड़ा
(ब) चित्तौड़गढ़
(स) बाड़मेर
(द) सवाई माधोपुर
सही उत्तर: (अ) भीलवाड़ा
व्याख्या: भीलवाड़ा जिले के कुछ विशेष ग्रामीण क्षेत्रों में 'सूंथ की छपाई' और 'मदारी छपाई' की अनोखी तकनीक प्रचलित है, जो कपड़ों के पारंपरिक डिजाइन के लिए पहचानी जाती है।
Q.21 मीनाकारी का प्रमुख केंद्र राजस्थान में कौन सा शहर है?
(अ) जयपुर
(ब) उदयपुर
(स) जोधपुर
(द) बीकानेर
सही उत्तर: (अ) जयपुर
व्याख्या: जयपुर का 'कुम्हारों का मोहल्ला' और जौहरी बाजार मीनाकारी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहाँ सोने और चांदी के गहनों पर लाल, हरे और सफेद रंगों की मीनाकारी का काम किया जाता है।
Q.22 राजस्थान में 'जरी और गोटा-किनारी' का सबसे बड़ा केंद्र कौन सा जिला है?
(अ) खंडेला (सीकर)
(ब) बगरू (जयपुर)
(स) भिवाड़ी (अलवर)
(द) बालोतरा (बाड़मेर)
सही उत्तर: (अ) खंडेला (सीकर)
व्याख्या: सीकर जिले का खंडेला कस्बा राजस्थान में गोटा-किनारी, जरी और लप्पा-लप्पी के निर्माण के लिए सबसे बड़ा हब माना जाता है।
Q.23 राजस्थान के किस जिले की उनी नमदों (Namda) और कम्बल का हस्तशिल्प प्रसिद्ध है?
(अ) टोंक
(ब) जैसलमेर
(स) नागौर
(द) बाड़मेर
सही उत्तर: (अ) टोंक
व्याख्या: टोंक जिले के ऊनी नमदे (Namda - बिना बुने हुए ऊन के गद्रे/कम्बल) अपनी कारीगरी के लिए देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला मूल रूप से कश्यप समाज व फारसी परंपरा से प्रभावित है।
Q.24 राजस्थान में 'मथरा कला' (मूर्तिकला की एक शैली जो बीकानेर से संबंधित है) का मुख्य आधार क्या है?
(अ) संगमरमर व लाल पत्थर पर देवी-देवताओं का अंकन
(ब) ऊँट की खाल पर नक्काशी
(स) मिट्टी के बर्तन बनाना
(द) लकड़ी के खिलौने गढ़ना
सही उत्तर: (अ) संगमरमर व लाल पत्थर पर देवी-देवताओं का अंकन
व्याख्या: बीकानेर की 'मथरा कला' जैन और हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर पर उकेरने की एक शास्त्रीय शैली है, जो उस्ता कला से भिन्न होती है।
Q.25 राजस्थान में 'अजरख प्रिंट' के अलावा कौन सा जिला अपने 'कशीदाकारी' और 'पत्थर की नक्काशी' के लिए जाना जाता है?
(अ) जैसलमेर
(ब) झालावाड़
(स) डूंगरपुर
(द) बारां
सही उत्तर: (अ) जैसलमेर
व्याख्या: जैसलमेर अपनी पीली पत्थरों की ऐतिहासिक हवेलियों पर की गई जालियों और पत्थर की नक्काशी के साथ-साथ पारंपरिक कसीदाकारी (कढ़ाई) के लिए भी विशिष्ट पहचान रखता है।
Q.26 राजस्थान में संगमरमर के मूर्तिकार मुख्य रूप से किस जिले में केंद्रित हैं, जिन्हें 'मूर्तिकला का तीर्थ' कहा जाता है?
(अ) जयपुर
(ब) अजमेर
(स) राजसमंद
(द) उदयपुर
सही उत्तर: (अ) जयपुर
व्याख्या: जयपुर (विशेष रूप से मकराना मार्बल का उपयोग करने वाले कारीगर और जयपुर के मूर्तिकार) संगमरमर की मूर्तिकला के निर्माण में अग्रणी हैं, जहाँ बारीक देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाई जाती हैं।
Q.27 राजस्थान में 'लकड़ी के झूले' और पारंपरिक काष्ठ कला के लिए कौन सा जिला विशेष रूप से प्रसिद्ध है?
(अ) उदयपुर
(ब) जोधपुर
(स) चित्तौड़गढ़
(द) जयपुर
सही उत्तर: (अ) उदयपुर
व्याख्या: उदयपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पारंपरिक शैली के कलात्मक लकड़ी के झूले, अलमारी और फर्निशिंग काष्ठ कला के उत्कृष्ट नमूने तैयार किए जाते हैं।
Q.28 राजस्थान में 'मशीन निर्मित' कालीनों के स्थान पर 'हाथ से बुने हुए उनी गलीचों' (Carpets) के लिए कौन सा जिला प्रसिद्ध है?
(अ) जोधपुर
(ब) जयपुर
(स) बीकानेर
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: जयपुर, बीकानेर और जोधपुर राजस्थान में हाथ से बुने हुए ऊनी गलीचों और कालीनों के निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी भारी माँग मिलती है।
Q.29 लकड़ी के नक्काशीदार बक्से और सोफे कहाँ के हस्तशिल्प उद्योग में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं?
(अ) बाड़मेर
(ब) जयपुर
(स) चूरू
(द) सीकर
सही उत्तर: (अ) बाड़मेर
व्याख्या: बाड़मेर में लकड़ी पर बारीक नक्काशी करके बनाए जाने वाले बक्से, बाजोट और पारंपरिक सोफे अपनी टिकाऊ लकड़ी (जैसे रोहिड़ा या बबूल) और सुंदर नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं।
Q.30 राजस्थान में 'सूई-धागे के काम' और 'पैचवर्क' (Patchwork) के लिए कौन सा क्षेत्र प्रमुखता से उभरा है?
(अ) अजमेर
(ब) शेखावाटी क्षेत्र
(स) जोधपुर व पाली
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: राजस्थान के अजमेर, शेखावाटी तथा मारवाड़ क्षेत्रों में कपड़ों के छोटे-छोटे रंगीन टुकड़ों को जोड़कर आकर्षक डिजाइन बनाने की कला यानी पैचवर्क और सूई-धागे की कशीदाकारी बड़े पैमाने पर की जाती है।
उस्ता कला के प्रसिद्ध उस्ताद कलाकार हिसामुद्दीन उस्ता को किस वर्ष 'पद्मश्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था?
(अ) 1982
(ब) 1986
(स) 1991
(द) 1995
सही उत्तर: (अ) 1982
व्याख्या: बीकानेर की प्रसिद्ध उस्ता कला (ऊँट की खाल पर सोने-चांदी की नक्काशी) को देश-विदेश में ख्याति दिलाने वाले महान कलाकार हिसामुद्दीन उस्ता को वर्ष 1982 में भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था।
Q.2 राजस्थान में 'कस्सी' या लकड़ी की नक्काशी के लिए कौन सा जिला विशेष रूप से जाना जाता है?
(अ) जैसलमेर
(ब) बाड़मेर
(स) जोधपुर
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में पारंपरिक रूप से महलों, हवेलियों और घरों के दरवाजों, झरोखों तथा फर्नीचर पर बेहतरीन काष्ठ (लकड़ी) नक्काशी की जाती है।
Q.3 राजस्थान में 'खस के इत्र' और खस से बनी वस्तुओं के निर्माण के लिए कौन सा जिला प्रसिद्ध है?
(अ) सवाई माधोपुर व भरतपुर
(ब) टोंक व बूंदी
(स) झालावाड़ व बारां
(द) चित्तौड़गढ़ व उदयपुर
सही उत्तर: (अ) सवाई माधोपुर व भरतपुर
व्याख्या: सवाई माधोपुर, भरतपुर और करौली के क्षेत्रों में खस घास की जड़ों से सुगंधित इत्र, पंखे, टट्टियाँ (खस के पर्दे) और अन्य शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुएं बनाई जाती हैं।
Q.4 राजस्थान में 'बादला' बनाने के लिए प्रसिद्ध उस्ताद कारीगर मुख्य रूप से किस धातु का उपयोग करते हैं?
(अ) पीतल
(ब) जस्ता (Zinc)
(स) तांबा
(द) चाँदी
सही उत्तर: (ब) जस्ता (Zinc)
व्याख्या: जोधपुर की प्रसिद्ध हस्तकला 'बादला' (पानी को ठंडा रखने की जस्ते की सुराही) जस्ते की दो चादरों को जोड़कर और उस पर कपड़े या चमड़े की मढ़कर बनाई जाती है।
Q.5 राजस्थान में 'रंगढ़ाई और छपाई' के लिए प्रसिद्ध 'बगरू प्रिंट' का संबंध मुख्य रूप से किस नदी की घाटी से है?
(अ) बांडी नदी
(ब) लूनी नदी
(स) साहिबी नदी
(द) चंबल नदी
सही उत्तर: (अ) बांडी नदी
व्याख्या: जयपुर के पास स्थित 'बगरू' गाँव बांडी नदी के किनारे बसा है, जहाँ प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ठप्पे (Block Printing) से पारंपरिक बगरू प्रिंट के कपड़े तैयार किए जाते हैं।
Q.6 ब्लू पॉटरी के प्रसिद्ध कलाकार कृपाल सिंह शेखावत को किस वर्ष 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था?
(अ) 1974
(ब) 1984
(स) 1990
(द) 1998
सही उत्तर: (a) 1974
व्याख्या: सीकर जिले के महू गाँव से ताल्लुक रखने वाले और ब्लू पॉटरी को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाने वाले कृपाल सिंह शेखावत को वर्ष 1974 में भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' पुरस्कार से नवाजा गया था।
Q.7 भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा के किस प्रसिद्ध जोशी परिवार का नाम 'फड़ पेंटिंग' से जुड़ा है?
(अ) श्रीलाल जोशी
(ब) कल्याण मल जोशी
(स) लादू राम जोशी
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: शाहपुरा के जोशी परिवार (जैसे श्रीलाल जोशी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फड़ कला को स्थापित किया) की कई पीढ़ियाँ फड़ चित्रण के कार्य से जुड़ी रही हैं। श्रीलाल जोशी को पद्मश्री मिल चुका है।
Q.8 राजस्थान के किस शहर को 'पीतल के बर्तनों और नक्काशी' के लिए 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है?
(अ) जयपुर
(ब) जोधपुर
(स) अलवर
(द) सीकर
सही उत्तर: (ब) जोधपुर
व्याख्या: जोधपुर में पीतल और तांबे के बर्तनों पर बारीक खुदाई, नक्काशी और मेटल क्राफ्ट का काम बड़े पैमाने पर होता है, जिसके कारण इसे मेटल क्राफ्ट हब भी माना जाता है।
Q.9 राजस्थान में 'मथेरान कला' (Matheran Art) का संबंध मुख्यतः किस जाति या समाज के कलाकारों से है?
(अ) जैन व ओसवाल समाज
(ब) मथेरान (ज्ञात जैन/ब्राह्मण चित्रकार समुदाय)
(स) उस्ताद कारीगर
(द) कश्यप कारीगर
सही उत्तर: (ब) मथेरान (ज्ञात जैन/ब्राह्मण चित्रकार समुदाय)
व्याख्या: बीकानेर की 'मथेरान कला' मुख्य रूप से मथेरान समुदाय के कलाकारों द्वारा भित्ति चित्रों और मूर्तिकला के रूप में विकसित की गई थी, जिसमें पारंपरिक देवी-देवताओं के चित्र उकेरे जाते हैं।
Q.10 राजस्थान में ऊन विकास बोर्ड (Wool Development Board) की स्थापना कहाँ की गई है?
(अ) बीकानेर
(ब) जोधपुर
(स) जयपुर
(द) बाड़मेर
सही उत्तर: (अ) बीकानेर
व्याख्या: राजस्थान में सर्वाधिक ऊन उत्पादन और ऊनी हस्तशिल्प (जैसे कालीन, नमदे) के संवर्धन हेतु केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड का मुख्यालय जोधपुर में है, जबकि ऊन अनुसंधान केंद्र बीकानेर में स्थित है।
Q.11 राजस्थान में 'अजरख प्रिंट' में मुख्य रूप से किन दो रंगों का पारंपरिक रूप से सबसे अधिक प्रयोग होता है?
(अ) लाल और नीला
(ब) हरा और पीला
(स) काला और सफेद
(द) गुलाबी और बैंगनी
सही उत्तर: (अ) लाल और नीला
व्याख्या: बाड़मेर के अज़रख प्रिंट में लाल (Alizarin) और गहरे नीले (Indigo) रंगों की ज्यामितीय और जटिल छपाई का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है, जो दोनों तरफ एक जैसा दिखता है।
Q.12 राजस्थान में 'लप्पा, लक्की, किरण और गोटा' के कार्य के लिए प्रसिद्ध खंडेला कस्बा किस जिले में स्थित है?
(अ) सीकर
(ब) झुंझुनू
(स) चूरू
(द) नागौर
सही उत्तर: (अ) सीकर
व्याख्या: खंडेला कस्बा सीकर जिले में स्थित है, जो महिलाओं के वस्त्रों में सजावट के लिए काम आने वाले गोटा, जरी, लप्पा और लक्की के निर्माण का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है।
Q.13 राजस्थान की प्रसिद्ध 'थेवा कला' के लिए किस परिवार को मूल प्रवर्तक माना जाता है?
(अ) सोनी परिवार
(ब) शेखावत परिवार
(स) गहलोत परिवार
(द) उस्ता परिवार
सही उत्तर: (अ) सोनी परिवार
व्याख्या: प्रतापगढ़ के राज परिवार के संरक्षण में नाथूजी सोनी ने थेवा कला की शुरुआत की थी, और तब से 'राज सोनी' परिवार इस अनूठी स्वर्ण-कांच कला को पीढ़ियों से आगे बढ़ा रहा है।
Q.14 राजस्थान में 'मोईलेला' गाँव (राजसमंद) किस प्रसिद्ध हस्तशिल्प के लिए पूरी दुनिया में अद्वितीय माना जाता है?
(अ) टेराकोटा कला
(ब) ब्लू पॉटरी
(स) थेवा कला
(द) अज़रख प्रिंट
सही उत्तर: (अ) टेराकोटा कला
व्याख्या: मोईलेला गाँव टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी की कलाकृतियाँ और अनुष्ठानिक मूर्तियाँ जैसे गोगाजी के घोड़े) के निर्माण के लिए विश्वविख्यात है, जहाँ पारंपरिक भट्ठियों का उपयोग किया जाता है।
Q.15 राजस्थान में 'कागजी टेराकोटा' के लिए प्रसिद्ध अलवर जिले में इसे किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
(अ) पेपरमेशी टेराकोटा
(ब) चीनी मिट्टी का बर्तन
(स) मथरा कला
(द) संगमरमर नक्काशी
सही उत्तर: (अ) पेपरमेशी टेराकोटा
व्याख्या: अलवर के कागजी टेराकोटा में मिट्टी को कागज की लुगदी या विशेष विधि से इतना बारीक और हल्का बनाया जाता है कि बर्तन कागज जितने पतले और हल्के होते हैं।
Q.16 राजस्थान में हस्तशिल्प कलाओं के निर्यात को बढ़ावा देने और शिल्पकारों को मंच देने के लिए 'दिल्ली हाट' की तर्ज पर 'शिल्पग्राम' कहाँ स्थापित किए गए हैं?
(अ) उदयपुर (हवन कलाग्राम / हवाला ग्राम)
(ब) जयपुर व जोधपुर
(स) जैसलमेर व बीकानेर
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी (मुख्य रूप से उदयपुर का हवाला ग्राम)
व्याख्या: पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा उदयपुर के पास हवाला ग्राम में 'शिल्पग्राम' की स्थापना की गई है, इसके अलावा जयपुर और अन्य जगहों पर भी शिल्प मेलों का आयोजन होता है।
Q.17 राजस्थान में 'सुदर्शन चक्र हस्तशिल्प डिजाइन विकास केंद्र' की स्थापना कहाँ की गई है?
(अ) जयपुर
(ब) जोधपुर
(स) उदयपुर
(द) कोटा
सही उत्तर: (अ) जयपुर
व्याख्या: जयपुर में हस्तशिल्प उत्पादों में नए डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी सुधार लाने के लिए डिजाइन विकास केंद्रों की स्थापना की गई है।
Q.18 राजस्थान में 'मूला कला' के अंतर्गत जालोर जिले के किस गाँव के हस्तशिल्प उत्पाद सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं?
(अ) बागोड़ा
(ब) सांचौर
(स) चितलवाना
(द) आहोर
सही उत्तर: (अ) बागोड़ा
व्याख्या: जालोर जिले का बागोड़ा क्षेत्र स्थानीय घास और मूँज से बनाई जाने वाली चटाइयों और मूला कला के उत्पादों के लिए विशेष पहचान रखता है।
Q.19 राजस्थान में 'नमदा निर्माण' (Namda Craft) को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने के लिए किस देश/संस्कृति का प्रभाव माना जाता है?
(अ) फारसी (Persian) संस्कृति
(ब) मंगोलियाई संस्कृति
(स) अरबी संस्कृति
(द) चीनी संस्कृति
सही उत्तर: (अ) फारसी (Persian) संस्कृति
व्याख्या: टोंक के प्रसिद्ध ऊनी नमदों का इतिहास फारसी शिल्प परंपरा से जुड़ा है, जिसे भारत में मुग़ल काल के दौरान लाया गया था और बाद में टोंक रियासत में यह फूला-फला।
Q.20 राजस्थान में 'बंधेज कला' (Tie and Dye) के लिए कौन सा क्षेत्र या जिला सबसे अधिक प्रसिद्ध माना जाता है?
(अ) जोधपुर व जयपुर
(ब) कोटा व बूंदी
(स) झालावाड़ व बारां
(द) प्रतापगढ़ व चित्तौड़गढ़
सही उत्तर: (अ) जोधपुर व जयपुर
व्याख्या: जोधपुर और जयपुर में कपड़ों पर टाई एंड डाई (बंधेज और लहरिया) की कला का सबसे बड़ा केंद्र है, जहाँ बारीक सूत से कपड़े को बाँधकर खूबसूरत रंगों में रंगा जाता है।
Q.21 राजस्थान में 'कोटा डोरिया' साड़ियों के साथ-साथ किस अन्य वस्त्र हस्तशिल्प के लिए कैथून प्रसिद्ध है?
(अ) मलमल और सूती वस्त्र हथकरघा
(ब) कशीदाकारी और पैचवर्क
(स) ऊनी शॉल
(द) सिल्क साड़ियाँ
सही उत्तर: (अ) मलमल और सूती वस्त्र हथकरघा
व्याख्या: कोटा का कैथून कस्बा मुख्य रूप से 'कोटा डोरिया' (मंसूरिया) साड़ियों के हथकरघा उत्पादन के लिए जाना जाता है, जो अपने हल्केपन और मलमल जैसी बनावट के लिए प्रसिद्ध है।
Q.22 राजस्थान में 'पेन्टिंग्स और मिनिएचर आर्ट' के लिए प्रसिद्ध 'रामगोपाल विजयवर्गीय' का संबंध किस कला शैली से था?
(अ) ढूँढाड़ व अलवर शैली
(ब) मेवाड़ शैली
(स) मारवाड़ शैली
(द) कोटा शैली
सही उत्तर: (अ) ढूँढाड़ व अलवर शैली
व्याख्या: पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय राजस्थान के प्रसिद्ध चित्रकार थे, जिन्होंने राजस्थानी लघु चित्रों (Miniature Paintings) और हस्तकला आधारित चित्रकला को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
Q.23 राजस्थान के किस शहर में 'राजस्थानी हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम' (RAJSICO) द्वारा कला वस्तुओं का मुख्य विक्रय केंद्र 'राजस्थली' (Rajasthali) संचालित किया जाता है?
(अ) जयपुर (मुख्य कार्यालय)
(ब) दिल्ली
(स) मुंबई
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: राजसिको द्वारा जयपुर, दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में 'राजस्थली' नाम से सरकारी एम्पोरियम संचालित किए जाते हैं, जहाँ प्रामाणिक हस्तशिल्प वस्तुएं मिलती हैं।
Q.24 राजस्थान में 'बाटीक प्रिंट' (Batik Print) के लिए कौन सा शहर मुख्य केंद्र माना जाता है?
(अ) खंडेल
(ब) खंडेला
(स) जयपुर और भैरूजी क्षेत्र
(द) जयपुर व उदयपुर
सही उत्तर: (द) जयपुर व उदयपुर
व्याख्या: जयपुर और उदयपुर में मोम का उपयोग कर कपड़ों पर विशेष डिजाइन और दरारनुमा लाइनों वाले 'बाटीक प्रिंट' का काम बड़े पैमाने पर किया जाता है।
Q.25 राजस्थान में 'मीनाकारी' के स्वर्ण आभूषणों पर सबसे उत्कृष्ट कार्य के लिए किस शहर के कारीगरों को राष्ट्रीय पहचान प्राप्त है?
(अ) जयपुर
(ब) उदयपुर
(स) बीकानेर
(द) जोधपुर
सही उत्तर: (अ) जयपुर
व्याख्या: जयपुर के कुम्हारों का मोहल्ला और जौहरी बाजार मीनाकारी (विशेषकर गुलाबी और लाल मीनाकारी) के लिए दुनिया भर में बेजोड़ माने जाते हैं।
Q.26 राजस्थान में 'चर्म शिल्प' (Leather Craft) के लिए कौन सा जिला जूती और मोजड़ी निर्माण में अग्रणी है?
(अ) जोधपुर व जालोर
(ब) जयपुर व अलवर
(स) बाड़मेर व जैसलमेर
(द) नागौर व अजमेर
सही उत्तर: (अ) जोधपुर व जालोर
व्याख्या: जोधपुर (भद्रायण मोजड़ी) और जालोर (भीनमाल की मोजड़ियाँ) चमड़े की पारंपरिक जूतियों और मोजड़ियों के निर्माण के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं।
Q.27 राजस्थान में 'कशीदाकारी' (Embroidery) के लिए प्रसिद्ध 'सुइया-धागा' कार्य में कौन सा क्षेत्र अपनी विशिष्ट लोक कला के लिए जाना जाता है?
(अ) जैसलमेर व बाड़मेर
(ब) शेखावाटी क्षेत्र
(स) बीकानेर क्षेत्र
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर) और शेखावाटी क्षेत्र में महिलाओं द्वारा कपड़ों पर दर्पण (शीशा) और रंगीन सूती धागों से की जाने वाली कशीदाकारी बेहद लोकप्रिय है।
Q.28 राजस्थान में 'ब्लू पॉटरी' के अलावा 'ब्लैक पॉटरी' (काली पॉटरी) के लिए कौन सा स्थान प्रसिद्ध है?
(अ) सवाई माधोपुर
(ब) कोटा
(स) उदयपुर
(द) बीकानेर
सही उत्तर: (अ) सवाई माधोपुर
व्याख्या: सवाई माधोपुर अपनी 'काली पॉटरी' (Black Pottery) के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें चिकनी मिट्टी के बर्तनों को विशेष भट्टी में पकाकर काला और चमकदार रूप दिया जाता है।
Q.29 राजस्थान में 'दरियों और गलीचों' की बुनाई के लिए कौन सी जेल (कारागार) अपने हस्तशिल्प उत्पादों के लिए जानी जाती है?
(अ) जयपुर केंद्रीय कारागार
(ब) जोधपुर केंद्रीय कारागार
(स) बीकानेर केंद्रीय कारागार
(द) उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: राजस्थान की कई केंद्रीय जेलों (जैसे जयपुर, बीकानेर, जोधपुर) में कैदियों द्वारा पारंपरिक हाथ से बुने हुए ऊनी और सूती गलीचे (Carpets) तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बाजार में बेचा जाता है।
Q.30 राजस्थान में हस्तशिल्प और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को राज्य सरकार द्वारा कौन सा सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान किया जाता है?
(अ) राजस्थान हस्तशिल्प रत्न पुरस्कार / राज्य शिल्प गुरु पुरस्कार
(ब) मारवाड़ रत्न पुरस्कार
(स) महाराणा प्रताप पुरस्कार
(द) मुहर्रम कला पुरस्कार
सही उत्तर: (अ) राजस्थान हस्तशिल्प रत्न पुरस्कार / राज्य शिल्प गुरु पुरस्कार
व्याख्या: राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग द्वारा हस्तशिल्प और हथकरघा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिल्पकारों को 'राज्य शिल्प गुरु' और 'हस्तशिल्प रत्न' पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।