उत्सर्जन (Excretion)
उत्सर्जन के प्रकार (Types of Excretion)
- अमोनोटेलिज्म (Ammonotelism): इसमें मुख्य उत्सर्जी पदार्थ अमोनिया होता है। यह अत्यधिक विषैला होता है और इसके निष्कासन के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है (उदाहरण: मछलियाँ, जलीय उभयचर)।
- यूरियोटेलिज्म (Ureotelism): इसमें मुख्य उत्सर्जी पदार्थ यूरिया होता है, जो अमोनिया की तुलना में कम विषैला होता है (उदाहरण: मनुष्य, स्तनधारी और अधिकांश स्थलीय जीव)।
- यूरिकोटेलिज्म (Uricotelism): इसमें मुख्य उत्सर्जी पदार्थ यूरिक अम्ल होता है, जो पेस्ट या ठोस रूप में निकलता है ताकि शरीर में पानी की कम से कम हानि हो (उदाहरण: पक्षी, सरीसृप और कीट)।
मानव उत्सर्जन तंत्र के प्रमुख भाग
(Parts of Human Excretory System)
- वृक्क (Kidneys): ये गहरे लाल रंग के, सेम के बीच (bean-shaped) के एक जोड़े अंग होते हैं। ये रक्त को छानकर यूरिया और अशुद्धियों को अलग करते हैं तथा मूत्र का निर्माण करते हैं।
वृक्क की संरचना
1. बाह्य संरचना (External Structure)
- आकार और रंग: वृक्क सेम के बीज (bean-shaped) के आकार के, गहरे लाल या भूरे रंग के होते हैं।
- माप: एक वयस्क मनुष्य का वृक्क लगभग 10-12 सेमी लंबा, 5-7 सेमी चौड़ा और 2-3 सेमी मोटा होता है।
- स्थिति: ये उदर गुहा में रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ पसलियों के नीचे स्थित होते हैं। यकृत (liver) की स्थिति के कारण दायां वृक्क बाएं वृक्क से थोड़ा नीचे होता है।
- आवरण: प्रत्येक वृक्क के बाहर एक मजबूत और सुरक्षात्मक झिल्ली होती है जिसे रिनल कैप्सूल (Renal Capsule) कहते हैं।
- हाइलम (Hilum): वृक्क के भीतर की ओर एक अंदर धंसी हुई खांच होती है, जिसे हाइलम कहा जाता है। यहीं से वृक्क धमनी (रक्त लाने के लिए), वृक्क शिरा (रक्त ले जाने के लिए) और मूत्रवाहिनी (Ureter) गुजरती हैं।
2. आंतरिक संरचना (Internal Structure)
- वलकुट (Renal Cortex): यह वृक्क का बाहरी हिस्सा होता है, जो हल्का और दानेदार दिखाई देता है।
- मध्यांश (Renal Medulla): यह वृक्क का भीतरी हिस्सा होता है, जो कई शकुं के आकार की संरचनाओं में विभाजित होता है, जिन्हें रिनल पिरामिड्स (Renal Pyramids) कहते हैं।
- रिनल पेल्विस (Renal Pelvis): पिरामिड्स के बीच में एक कीप (funnel) जैसी खाली जगह होती है, जिसे पेल्विस कहते हैं। यहाँ छनकर आने वाला मूत्र एकत्र होता है और फिर मूत्रवाहिनी के जरिए मूत्राशय में जाता है।
3. वृक्क की कार्यात्मक इकाई: नेफ्रॉन (Nephron)
- नेफ्रॉन को वृक्क की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई माना जाता है क्योंकि यही रक्त को असल में छानने और मूत्र बनाने का काम करते हैं।
- एक स्वस्थ मनुष्य के दोनों वृक्कों में कुल मिलाकर लगभग 20 से 25 लाख नेफ्रॉन होते हैं।
- नेफ्रॉन के मुख्य भाग हैं:
बोमन कैप्सूल (Bowman's Capsule): कप जैसी संरचना जो ग्लोमेरुलस को घेरती है।
ग्लोमेरुलस (Glomerulus): रक्त केशिकाओं का एक गुच्छा जो रक्त को छानने का प्रारंभिक कार्य करता है।
समीपस्थ कुंडलित नलिका (Proximal Convoluted Tubule - PCT): बोमन कैप्सूल के बाद का कुंडलित हिस्सा।
हेनले का लूप (Loop of Henle): यू (U) के आकार की नलिका जो मध्यांश (medulla) में गहराई तक जाती है।
दूरस्थ कुंडलित नलिका (Distal Convoluted Tubule - DCT): हेनले के लूप के बाद का कुंडलित हिस्सा।
संग्राहक वाहिनी (Collecting Duct): वह नलिका जहाँ कई नेफ्रॉन से छना हुआ तरल पदार्थ (मूत्र) इकट्ठा होता है।
- मूत्रवाहिनी (Ureters): यह एक जोड़ी पतली नलिकाएं होती हैं जो प्रत्येक वृक्क से मूत्र को लेकर मूत्राशय तक पहुँचाती हैं।
- मूत्राशय (Urinary Bladder): यह एक मस्कुलर (पेशीय) थैली जैसी संरचना होती है, जिसमें मूत्र अस्थायी रूप से एकत्र रहता है।
- मूत्रमार्ग (Urethra): यह एक नली है जिसके माध्यम से मूत्राशय में एकत्रित मूत्र समय-समय पर शरीर से बाहर त्याग दिया जाता है।
प्रश्न 1: मानव शरीर में मुख्य उत्सर्जी पदार्थ कौन सा है?
(अ) अमोनिया
(ब) यूरिया
(स) यूरिक अम्ल
(द) अमोनियम क्लोराइड
उत्तर: (ब) यूरिया
व्याख्या: मानव शरीर यूरियोटेलिक (Ureotelic) होता है, यानी यकृत में Ornithine cycle के माध्यम से बनने वाला मुख्य नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थ यूरिया होता है, जिसे किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकाला जाता है।
प्रश्न 2: वृक्क (Kidney) की कार्यात्मक और संरचनात्मक इकाई क्या है?
(अ) न्यूरॉन
(ब) नेफ्रॉन
(स) एल्वियोलाई
(द) एक्सॉन
उत्तर: (ब) नेफ्रॉन
व्याख्या: नेफ्रॉन (Nephron) वृक्क की सूक्ष्मतम कार्यात्मक इकाई है। एक किडनी में लगभग 10-12 लाख नेफ्रॉन होते हैं जो रक्त को छानने का कार्य करते हैं। (नोट: न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की इकाई है)।
प्रश्न 3: बोमन संपूट (Bowman's Capsule) कहाँ पाया जाता है?
(अ) यकृत में
(ब) फेफड़े में
(स) वृक्क में
(द) हृदय में
उत्तर: (स) वृक्क में
व्याख्या: बोमन संपूट कप के आकार की संरचना होती है जो नेफ्रॉन के शुरुआती हिस्से में पाई जाती है और इसके भीतर रक्त केशिकाओं का गुच्छा (ग्लोमेरुलस) स्थित होता है।
प्रश्न 4: ग्लोमेरुलस (Glomerulus) का मुख्य कार्य क्या है?
(अ) मूत्र का भंडारण
(ब) रक्त का अल्ट्राफिल्ट्रेशन (छानना)
(स) पानी का अवशोषण
(द) हार्मोन स्राव
उत्तर: (ब) रक्त का अल्ट्राफिल्ट्रेशन (छानना)
व्याख्या: ग्लोमेरुलस रक्त केशिकाओं का एक गुच्छा है जहाँ उच्च दाब पर रक्त का निस्पंदन (Ultrafiltration) होता है।
प्रश्न 5: हेनले का लूप (Loop of Henle) किससे संबंधित है?
(अ) पाचन तंत्र
(ब) श्वसन तंत्र
(स) उत्सर्जन तंत्र
(द) परिसंचरण तंत्र
उत्तर: (स) उत्सर्जन तंत्र
व्याख्या: हेनले का लूप नेफ्रॉन का एक यू-आकार का हिस्सा है जो मूत्र की सांद्रता को नियंत्रित करने और जल के पुनर्सोषण में मुख्य भूमिका निभाता है।
प्रश्न 6: मनुष्य में वृक्क की आकृति कैसी होती है?
(अ) गोलाकार
(ब) सेम के बीज (Bean-shaped) जैसी
(स) आयताकार
(द) बेलनाकार
उत्तर: (ब) सेम के बीज जैसी
व्याख्या: मानव वृक्क गहरे लाल रंग के और सेम के बीज (Bean-shaped) के आकार के होते हैं।
प्रश्न 7: जलीय जीव आमतौर पर क्या उत्सर्जित करते हैं?
(अ) यूरिया
(ब) यूरिक अम्ल
(स) अमोनिया
(द) अमीनो अम्ल
उत्तर: (स) अमोनिया
व्याख्या: अमोनिया अत्यधिक विषैला होता है और इसके निष्कासन के लिए बहुत अधिक जल की आवश्यकता होती है, इसलिए अधिकांश जलीय जीव (मछलियाँ आदि) अमोनोटेलिक होते हैं।
प्रश्न 8: पक्षी और रेंगने वाले जीव (सरीसृप) मुख्य रूप से क्या उत्सर्जित करते हैं?
(अ) यूरिया
(ब) यूरिक अम्ल
(स) अमोनिया
(द) क्रिएटिनिन
उत्तर: (ब) यूरिक अम्ल
व्याख्या: यूरिक अम्ल पेस्ट या ठोस रूप में उत्सर्जित होता है, जिससे शरीर में पानी की न्यूनतम हानि होती है। पक्षी और सरीसृप यूरिकोटेलिक होते हैं।
प्रश्न 9: मूत्र का हल्का पीला रंग किसके कारण होता है?
(अ) यूरोक्रोम (Urochrome)
(ब) हीमोग्लोबिन
(स) पित्त लवण
(द) मेलानिन
उत्तर: (अ) यूरोक्रोम
व्याख्या: यूरोक्रोम पिगमेंट हीमोग्लोबिन के टूटने से बनता है, जिसके कारण सामान्य मानव मूत्र का रंग हल्का पीला होता है।
प्रश्न 10: मनुष्य के एक दिन में औसतन कितने मूत्र का उत्सर्जन होता है?
(अ) 0.5 लीटर
(ब) 1.5 से 1.8 लीटर
(स) 5 लीटर
(द) 10 लीटर
उत्तर: (ब) 1.5 से 1.8 लीटर
व्याख्या: एक सामान्य स्वस्थ वयस्क मनुष्य प्रतिदिन लगभग 1.5 से 1.8 लीटर मूत्र का उत्सर्जन करता है, जो शरीर के जलीय संतुलन पर निर्भर करता है।
प्रश्न 11: वृक्क के बाहरी आवरण को क्या कहते हैं?
(अ) पेरिटोनियम
(ब) रिनल कैप्सूल (Renal Capsule)
(स) प्लूरा
(द) pericardium
उत्तर: (ब) रिनल कैप्सूल
व्याख्या: प्रत्येक वृक्क के बाहर एक मजबूत रेशेदार सुरक्षात्मक झिल्ली होती है जिसे रिनल कैप्सूल कहा जाता है।
प्रश्न 12: वृक्क के भीतर के हल्के और दानेदार बाहरी क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
(अ) वलकुट (Cortex)
(ब) मध्यांश (Medulla)
(स) पेल्विस
(द) पिरामिड
उत्तर: (अ) वलकुट (Cortex)
व्याख्या: वृक्क का बाहरी भाग रीनल कॉर्टेक्स (वलकुट) कहलाता है, जबकि भीतरी भाग रीनल मेडुला (मध्यांश) होता है।
प्रश्न 13: मूत्र निर्माण की प्रक्रिया में मुख्य चरण कौन-से हैं?
(अ) ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन
(ब) पुनर्सोषण (Reabsorption)
(स) ट्यूबलर स्रावण (Secretion)
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: मूत्र निर्माण तीन मुख्य चरणों में होता है: अल्ट्राफिल्ट्रेशन, चयनात्मक पुनर्सोषण और नलिकाीय स्रावण।
प्रश्न 14: कृत्रिम वृक्क (Artificial Kidney) की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(अ) डायलिसिस (Dialysis)
(ब) एंजियोप्लास्टी
(स) डायलिसिस के अलावा कीमोथेरेपी
(द) इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम
उत्तर: (अ) डायलिसिस
व्याख्या: जब दोनों किडनियां खराब हो जाती हैं, तो रक्त को कृत्रिम रूप से छानने की प्रक्रिया को हेमोडायलिसिस या डायलिसिस कहते हैं।
प्रश्न 15: मूत्र का पीएच (pH) मान कितना होता है?
(अ) 4.0
(ब) 6.0 (अम्लीय)
(स) 7.4 (क्षारीय)
(द) 8.5
उत्तर: (ब) 6.0 (लगभग अम्लीय)
व्याख्या: सामान्य मानव मूत्र की प्रकृति हल्की अम्लीय होती है और इसका औसत pH मान लगभग 6.0 होता है।
प्रश्न 16: मनुष्य में यूरिया का निर्माण कहाँ होता है?
(अ) वृक्क में
(ब) यकृत (Liver) में
(स) मूत्राशय में
(द) फेफड़े में
उत्तर: (ब) यकृत में
व्याख्या: रक्त में मौजूद अमोनिया यकृत में ऑर्निथिन चक्र (Ornithine cycle) के माध्यम से कम विषैले यूरिया में परिवर्तित होता है।
प्रश्न 17: कौन-सा अंग रक्त से यूरिया को अलग करता है?
(अ) हृदय
(ब) वृक्क (Kidney)
(स) आंत
(द) तिल्ली (Spleen)
उत्तर: (ब) वृक्क
व्याख्या: यकृत यूरिया बनाता है, लेकिन वृक्क (किडनी) रक्त को छानकर यूरिया को शरीर से बाहर निकालने के लिए मूत्र में भेजते हैं।
प्रश्न 18: डायलिसिस मशीन किस सिद्धांत पर कार्य करती है?
(अ) परासरण (Osmosis)
(ब) अपोहन / विसरण (Dialysis / Diffusion)
(स) सक्रिय परिवहन
(द) केशिका क्रिया
उत्तर: (ब) विसरण (Diffusion)
व्याख्या: डायलिसिस प्रक्रिया अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विसरण (Diffusion) के सिद्धांत पर कार्य करती है, जिससे रक्त के वर्ज्य पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
प्रश्न 19: हमारे शरीर में कुल कितने वृक्क (Kidneys) होते हैं?
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार
उत्तर: (ब) दो
व्याख्या: सामान्य मनुष्यों में एक जोड़ा (दो) वृक्क उदर गुहा में रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ स्थित होते हैं।
प्रश्न 20: वृक्क की पथरी (Kidney Stone) मुख्य रूप से किसकी बनी होती है?
(अ) कैल्शियम ऑक्सलेट
(ब) सोडियम क्लोराइड
(स) मैग्नीशियम सल्फेट
(द) कैल्शियम कार्बोनेट
उत्तर: (अ) कैल्शियम ऑक्सलेट
व्याख्या: किडनी में पथरी आमतौर पर कैल्शियम और ऑक्सलेट के क्रिस्टलों के जमा होने के कारण बनती है।
प्रश्न 21: किस हॉर्मोन की कमी से 'डायबिटीज इंसिपिडस' (Diabetes Insipidus) रोग होता है, जिसमें बार-बार पेशाब आता है?
(अ) इंसुलिन
(ब) एडीएच (ADH / Vasopressin)
(स) थायरोक्सिन
(द) एड्रिनलिन
उत्तर: (ब) एडीएच (ADH)
व्याख्या: एंटी-डाईयूरेटिक हॉर्मोन (ADH) की कमी से शरीर पानी का पुनर्सोषण नहीं कर पाता, जिससे बार-बार अत्यधिक मूत्र त्याग की समस्या होती है।
प्रश्न 22: मूत्रवाहिनी (Ureter) मूत्र को कहाँ से कहाँ ले जाती है?
(अ) वृक्क से मूत्राशय तक
(ब) मूत्राशय से मूत्रमार्ग तक
(स) यकृत से वृक्क तक
(द) वृक्क से बाहरी वातावरण में
उत्तर: (अ) वृक्क से मूत्राशय तक
व्याख्या: प्रत्येक वृक्क से एक मूत्रवाहिनी निकलती है जो छनने के बाद मूत्र को मूत्राशय (Urinary Bladder) तक पहुँचाती है।
प्रश्न 23: नेफ्रॉन के किस भाग में ग्लूकोज और अमीनो एसिड का अधिकतम पुनर्सोषण होता है?
(अ) बोमन कैप्सूल
(ब) समीपस्थ कुंडलित नलिका (PCT)
(स) हेनले का लूप
(द) कलेक्टिंग डक्ट
उत्तर: (ब) समीपस्थ कुंडलित नलिका (PCT)
व्याख्या: प्रॉक्सिमल कॉन्वोल्यूटेड ट्यूब्यूल (PCT) में आवश्यक पोषक तत्वों (जैसे ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और 70-80% जल) का अधिकांश पुनर्सोषण हो जाता है।
प्रश्न 24: मानव शरीर का कौन-सा अंग रक्त के परासरण नियमन (Osmoregulation) में मुख्य भूमिका निभाता है?
(अ) फेफड़ा
(ब) त्वचा
(स) वृक्क (Kidney)
(द) हृदय
उत्तर: (स) वृक्क
व्याख्या: वृक्क शरीर में जल और लवणों (इलेक्ट्रोलाइट्स) के संतुलन को बनाए रखते हैं, जिसे ऑस्मोरेगुलेशन कहते हैं।
प्रश्न 25: रक्तचाप (Blood Pressure) के नियंत्रण में कौन-सा अंग महत्वपूर्ण है?
(अ) वृक्क
(ब) अग्न्याशय
(स) पिट्यूटरी ग्रंथि
(द) थायराइड
उत्तर: (अ) वृक्क
व्याख्या: वृक्क 'रेनिन' (Renin) नामक हॉर्मोन/एंजाइम का स्राव करते हैं जो रक्तचाप और सोडियम संतुलन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
प्रश्न 26: उदर गुहा में दायां वृक्क बाएं वृक्क की तुलना में थोड़ा नीचे क्यों होता है?
(अ) हृदय की स्थिति के कारण
(ब) बड़े आकार के यकृत (Liver) की उपस्थिति के कारण
(स) आमाशय के कारण
(द) फेफड़े के दबाव से
उत्तर: (ब) बड़े आकार के यकृत (Liver) की उपस्थिति के कारण
व्याख्या: दाहिने हिस्से में यकृत (Liver) का आकार बड़ा होने के कारण दायां वृक्क बाएं वृक्क की तुलना में थोड़ा नीचे स्थित होता है।
प्रश्न 27: वृक्क के भीतर के कीप जैसी संरचना को क्या कहते हैं जहाँ मूत्र एकत्र होता है?
(अ) रीनल पेल्विस (Renal Pelvis)
(ब) कॉर्टेक्स
(स) पिरामिड
(द) नेफ्रॉन
उत्तर: (अ) रीनल पेल्विस
व्याख्या: वृक्क के हाइलम क्षेत्र के पास स्थित कीप जैसी खाली जगह को रीनल पेल्विस कहते हैं, जहाँ से मूत्र मूत्रवाहिनी में प्रवेश करता है।
प्रश्न 28: अमोनिया को यूरिया में बदलने का मुख्य अंग कौन-सा है?
(अ) किडनी
(ब) लिवर (यकृत)
(स) प्लीहा
(द) अग्न्याशय
उत्तर: (ब) लिवर (यकृत)
व्याख्या: शरीर में प्रोटीन के टूटने से बनी जहरीली अमोनिया यकृत में जाकर कम विषैले यूरिया में बदल जाती है।
प्रश्न 29: मूत्र त्याग की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(अ) मिक्चुरेशन (Micturition)
(ब) डिफेकेशन
(स) स्वेटिंग
(द) फिल्ट्रेशन
उत्तर: (अ) मिक्चुरेशन
व्याख्या: मूत्राशय के भरने पर तंत्रिका संकेतों द्वारा मूत्र के शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया को मिक्चुरेशन (Micturition) कहते हैं।
प्रश्न 30: त्वचा (Skin) हमारे शरीर में किस प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है?
(अ) यूरिया और नमक (पसीने के रूप में)
(ब) कार्बन डाइऑक्साइड
(स) अमोनिया गैस
(द) ठोस मल
उत्तर: (अ) यूरिया और नमक (पसीने के रूप में)
व्याख्या: हमारी त्वचा में मौजूद स्वेद ग्रंथियाँ (Sweat glands) पसीने के जरिए अल्प मात्रा में जल, नमक और यूरिया का उत्सर्जन करती हैं।



